उच्चतम न्यायालय ने आज नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप (एनआरसी) को लेकर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने चुनाव आयोग से पूछा है कि उसने उन नामों को लेकर क्या कार्रवाई की है जिसमें लोगों के नाम मतदाता सूची में तो हैं लेकिन 31 जुलाई को प्रकाशित हुई असम की एनआरसी सूची में नहीं हैं।

इसके अलावा न्यायालय ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह 28 मार्च तक इस बात की जानकारी दे कि उसने 1 जनवरी, 2018 से लेकर 1 जनवरी, 2019 के बीच मतदाता सूची में कितने नामों को जोड़ा है और कितनों के नाम हटाए हैं।

 

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