उच्चतम न्यायालय में आज केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को दिए 10 प्रतिशत आरक्षण मामले पर सुनवाई हुई। सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग को सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के अपने फैसले का बचाव किया।अदालत में जमा करवाए गए हलफनामे में केंद्र सरकार का कहना है कि संविधान में संशोधन करके गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने से संविधान की मूल संरचना का उल्लंघन नहीं किया गया है। साथ ही अदालत के 1992 में आरक्षण को 50 फीसदी तक सीमित करने के फैसले का भी उल्लंघन नहीं हुआ है।

 

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