पश्चिम बंगाल में बीजेपी की रथ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को नोटिस भेजा है। रथ यात्रा को लेकर बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी। इस मामले पर अब अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने रथयात्रा की अनुमति की मांग करने वाली भाजपा की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।मालूम हो कि भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें रथयात्रा की अनमुति देने से इनकार कर दिया गया था। इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कुछ शर्तों के साथ बीजेपी को रथ यात्रा की इजाजत दी थी। बाद में ममता बनर्जी की सरकार ने सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच के सामने चुनौती दी थी। कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट का हवाला देते हुए रथ यात्रा पर रोक लगा दी थी।

राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के दौरान राज्य पुलिस की ओर से पेश हुए वकील आनंद ग्रोवर ने दलील दी थी कि बीजेपी की रथ यात्रा की व्यापकता को लेकर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी कुछ जिलों में सभाएं कराना चाहती है तो इसकी इजाजत दी जा सकती है, लेकिन इतने व्यापक स्तर की रैलियों को मंजूरी नहीं दी जा सकती।

शीर्ष अदालत की न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने भाजपा प्रदेश इकाई से उसकी लोकतंत्र बचाओ रैली के लिए एक संशोधित योजना भी जमा करने को कहा जिस पर पश्चिम बंगाल सरकार विचार कर सके।

 

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