एरिक्सन इंडिया कंपनी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की कार्यवाही शुरु करने की याचिका दाखिल की है। एरिक्सन इंडिया के 550 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का कथित तौर पर पालन नहीं करने पर कंपनी ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।उच्चतम न्यायालय ने आरकॉम को 15 दिसंबर तक यह रकम चुकाने के लिए कहा था लेकिन, कंपनी भुगतान नहीं कर पाई। एरिक्सन का कहना है कि यह अदालत की अवमानना है।
एरिक्सन ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन अनिल अंबानी तथा दो अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग करने के साथ ही उन्हें बकाया भुगतान करने तक सिविल जेल में हिरासत में रखने की भी मांग की है।
कंपनी ने अनिल अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की चेयरपर्सन छाया विरानी के देश छोड़ने पर रोक लगाने की भी गृह मंत्रालय से मांग की।
कंपनी ने याचिका में कहा है, ‘‘उक्त लोगों ने अदालत की अवमानना की है और उन्हें 23 अक्टूबर 2018 के अदालत के आदेश के मद्देनजर उन्हें ब्याज सहित 550 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करने तक सिविल जेल में हिरासत में रखा जाना चाहिये।’’
उच्चतम न्यायालय ने 23 अक्टूबर के आदेश में रिलायंस कम्युनिकेशंस को 15 दिसंबर तक बकाया भुगतान करने को कहा था। उसने कहा था कि देरी से हुए भुगतान पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी लगेगा।
क्या है विवाद की वजह ? एरिक्सन इंडिया ने साल 2014 में आरकॉम का टेलीकॉम नेटवर्क संभालने के लिए 7 साल की डील की थी। उसका आरोप है कि आरकॉम ने 1,500 करोड़ रुपए की बकाया रकम नहीं चुकाई। दिवालिया अदालत में सेटलमेंट प्रक्रिया के तहत एरिक्सन इस बात के लिए राजी हुई कि आरकॉम सिर्फ 550 करोड़ रुपए का भुगतान कर दे। कोर्ट ने 30 मई 2018 को अंतरिम आदेश दिया कि आरकॉम 120 दिन में यानि सितंबर के आखिर तक भुगतान करे।
Picture Source :

