December 27,2018:

जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा,‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आईएसआईएस से प्रभावित एक आतंकवादी समूह का पर्दाफाश करने के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की सराहना की और कहा कि इलेक्ट्रॉनिक संचार की जांच के बिना यह संभव नहीं होता।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘खतरनाक आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने के लिए शाबाश एनआईए। क्या एनआईए द्वारा आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने की यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक संचार की जांच के बिना संभव है?’’

एनआईए ने बुधवार को आईएस के एक मॉड्यूल का हिस्सा होने के संदेह में उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 17 स्थानों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया था।

अन्य विपक्षी पार्टियों समेत कांग्रेस ने जांच एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर के डाटा की जांच का अधिकार देने संबंधी आदेश के जरिये ‘‘नागरिकों की जासूसी’’ करने के लिए सरकार पर निशाना साधा था।

जेटली ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘क्या संप्रग सरकार के दौरान सबसे ज्यादा इंटरसेप्ट किये गये थे। निश्चित रूप से जॉर्ज ऑरवेल का जन्म मई 2014 में नहीं हुआ था।’’

वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के सरकार पर किये गये हमले पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। चिदंबरम ने कहा था, ‘‘यदि कोई आपके कंप्यूटर की जांच करने जा रहा है तो यह ऑरवेलियन स्टेट है। जॉर्ज ऑरवेल आसपास हैं। यह निंदनीय है।’’

जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा,‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है। जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता केवल एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र में ही बची रहेगी - आतंकवादी प्रभुत्व वाले देश में नहीं।’’ Source Link

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