वर्ष 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में से जुड़े दिल्ली में बंद किए गए 186 केस की जांच अब 2 सदस्यीय SIT ही करेगी. नई एसआईटी दस महीनों के लिए गठित की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस बार एसआईटी में केवल दो लोगों को ही सदस्य बनाया है. एसआईटी की टीम 186 केसों को जिन्हें जल्द बंद कर दिया गया था, उसे खोलेगी और इस पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट को दस माह में सौंपेगी.
1984 सिख दंगों में बंद हो चुके मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नई एसआईटी का गठन कर दिया है. पीआईएल दायर कर सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में एसआईटी का गठन करने की मांग की गई थी. मामले की सुनवाई करते हुए अब सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन कर दिया है. नई एसआईटी दस माह में अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी. इससे पहले की एसआईटी के प्रमुख एसएन धिंगरा थे.
गौरतलब है कि पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में 1984 में सिख विरोधी दंगे को लेकर ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई 22 साल पुरानी अपील पर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की तरफ से दोषी करार दिए गए सभी 88 दोषियों की सजा के फैसले को बरकरार रखा है और सभी को सरेंडर करने को कहा है. ट्रायल कोर्ट ने दंगों, घरों को जलाने और कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए साल 1996 में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई थी. इस मामले में 95 शव बरामद हुए थे लेकिन किसी भी दोषी पर हत्या की धाराओं में आरोप तय नहीं हुए थे.
Picture Source :

