जूनागढ़ प्रशासन (सम्पत्ति) अधिनियम, 1948
(1948 का अधिनियम संख्यांक 26)
[13 अप्रैल, 1948]
जूनागढ़ राज्य की कुछ सम्पत्ति को केन्द्रीय सरकार द्वारा
नियुक्त प्रशासक में निहित करने के लिए
उपबन्ध करने हेतु
अधिनियम
9 नवम्बर, 1947 को या उसके लगभग जूनागढ़ राज्य का प्रशासन केन्द्रीय सरकार को सौंप दिया गया था ;
और उक्त राज्य की कुछ सम्पत्ति को उसके प्रशासक में निहित करने के लिए तथा कुछ आनुषंगिक मामलों के लिए उपबन्ध करना समीचीन है ;
अतः निम्नलिखित रूप में एतद्द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है :
1. संक्षिप्त नाम-इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम जूनागढ़ प्रशासन (सम्पत्ति) अधिनियम, 1948 है ।
2. परिभाषा-इस अधिनियम में “प्रशासक” से जूनागढ़ राज्य के प्रशासक के रूप में केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त व्यक्ति अभिप्रेत है ।
3. सम्पत्ति का निहित होना और व्ययन तथा प्रशासक की शक्तियां-(1) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में किसी बात के होते हुए भी, अनुसूची में वर्णित सम्पत्ति, चाहे हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़, या हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के दीवान या निजी सचिव, जूनागढ़ राज्य रेल के प्रबन्धक तथा प्रमुख इंजीनियर या जूनागढ़ राज्य के मुख्य लेखा अधिकारी, या किसी भी अन्य व्यक्ति के नाम में हो या उनमें से एक से अधिक के नाम में हो, 9 नवम्बर, 1947 को और उस तारीख से, प्रशासक में निहित हुई समझी जाएगी और प्रशासक, उस तारीख से, ऐसे प्रशासक की हैसियत में, उक्त सम्पत्ति को धारण करेगा और उसका व्यवहार करने और उसका व्ययन करने का हकदार होगा तथा उसकी उसे शक्ति होगी ।
(2) पूर्वगामी उपबन्धों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना प्रशासक को शक्ति होगी कि वह-
(क) अनुसूची में वर्णित बैंक निक्षेपों, प्रतिभूतियों तथा शेयरों के लिए या उनकी बाबत प्राप्त करे तथा पूर्ण और प्रभावी उन्मोचन दे ;
(ख) ऐसी सम्पत्ति का विक्रय करे, उसे अन्तरण करे या उसका अन्यथा व्ययन करे या उसका व्यवहार करे ।
4. द्वितीयक प्रतिभूतियों का जारी करना-तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में किसी बात के होते हुए भी, भारतीय रिजर्व बैंक, अनुसूची के भाग 2 में विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों के बदले में प्रशासक को, उसके नाम में, द्वितीयक प्रतिभूतियां जारी करेगा मानो इस प्रकार विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियां खो गई हों और ऐसी द्वितीयक प्रतिभूतियों का वही प्रभाव होगा मानो वे लोग ऋण (केन्द्रीय सरकार) अधिनियम, 1944 (1944 का 18) की धारा 11 के अधीन जारी की गई हों ।
5. प्रशासक के सिवाय अन्य द्वारा किया गया अन्तरण शून्य-8 नवम्बर, 1947 के पश्चात् अनुसूची के वर्णित किसी सम्पत्ति का, प्रशासक के सिवाय अन्य द्वारा किया गया अन्तरण या उसका व्यवहार शून्य तथा निष्प्रभावी होगा तथा हमेशा के लिए शून्य तथा निष्प्रभावी समझा जाएगा ।
6. अधिकारिता का वर्जन(1) सिवाय प्रशासक की प्रेरणा से, किसी भी न्यायालय को अनुसूची में वर्णित किसी सम्पत्ति की बाबत कोई वाद या अन्य कार्यवाही ग्रहण करने या उसके बारे में कोई दायित्व प्रवर्तित करने की अधिकारिता नहीं होगी ।
(2) प्रशासक से भिन्न व्यक्ति द्वारा ऐसी सम्पत्ति की बाबत कोई दावा केन्द्रीय सरकार को प्रस्तुत किया जा सकेगा जिसका उस मामले में विनिश्चय अन्तिम होगा ।
7. इस अधिनियम के अधीन की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण-कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही, केन्द्रीय सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, अनुसूची के भाग 1 तथा 3 में नामित किसी बैंक या कंपनी या किसी व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी किसी बात के लिए नहीं की जा सकेगी, जो इस अधिनियम के उपबन्धों में से किसी के अनुसरण में सद्भावपूर्वक की गई है या जिसका सद्भावपूर्वक किया जाना आशयित है ।
8. अनुसूची में जोड़ देने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति-केन्द्रीय सरकार समय-समय पर राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अनुसूची में सम्मिलित सम्पत्ति की मदों में जोड़ सकेगी और ऐसी अधिसूचना पर ऐसी सम्पत्ति, अनुसूची में, हमेशा सम्मिलित की गई समझी जाएगी ।
9. 1947 के अध्यादेश संख्यांक 30 का निरसन-(1) जूनागढ़ प्रशासन (सम्पत्ति) अध्यादेश, 1947 का एतद्द्वारा निरसन जाता है ।
(2) उक्त अध्यादेश द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के प्रयोग में की गई किसी बात या कार्यवाही के बारे में, जहां तक वह इस अधिनियम से असंगत न हो, यह समझा जाएगा कि वह इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में की गई है, मानो यह अधिनियम 24 दिसम्बर, 1947 को प्रारम्भ हो गया हो ।
अनुसूची
भाग 1बैंक निक्षेप
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क्रम सं० |
बैंक का नाम |
किसके नाम में है |
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1. |
दि इम्पीरियल बैंक आफ इंडिया, मुम्बई . . . . |
. . .दीवान, जूनागढ़ राज्य । |
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2. |
दि इम्पीरियल बैंक आफ इंडिया, मुम्बई . . . . |
. . . दीवान, जूनागढ़ राज्य । |
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3. |
दि नेशनल बैंक आफ इंडिया लिमिटेड, मुम्बई . . . |
. . . हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ का निजी सचिव । |
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4. |
दि बैंक आफ इंडिया लिमिटेड, मुम्बई . . . . |
. . . . रेल प्रभाग की ओर से जूनागढ़ राज्य रेल का प्रबन्धक तथा प्रमुख इंजीनियर । |
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5. |
दि बैंक आफ इंडिया लिमिटेड, मुम्बई . . . |
. . . . मुख्य लेखा अधिकारी, जूनागढ़ राज्य । |
भाग 2-सरकारी प्रतिभूतियां
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क्रम सं० |
प्रतिभूति का प्रकार, स्वरूप तथा मूल्य वर्ग |
रकम |
रु०
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1. |
चार प्रतिशत सरकारी उधार 1960/70 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी वाई 042362 से बी वाई 042386 तक (25x50,000); सं० बी वाई 042449 और बी वाई 042450 (2न्50,000); सं० बी वाई 055398 से बी वाई 055400 तक; सं० बी वाई 066210 से बी वाई 066214 तक (8x1,00,000); सं० बी० वाई 067031 से बी वाई 067036 तक (6x25,000) . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . |
23,00,000
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2. |
साढ़े चार प्रतिशत सरकारी उधार 1955/60 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में सं० बी वाई 012641 और बी वाई 012642 (2x1,00,000) . . . . . . . . . . |
2,00,000
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3. |
साढ़े चार प्रतिशत सरकारी उधार 1955/60 (साधारण स्वरूप) हिज हाईनेस सर महब्बत खां, जी० सी० आई० ई०, के० सी० एस० आई०, नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में सं० बी वाई 011838 (1x10,000) , सं० बी० वाई० 011839 (1x25,000) . . . . . . . . . . . . . . . . . |
35,000
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4. |
तीन प्रतिशत सरकारी उधार 1963/65 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी वाई 026364 (1x15700); सं० बी वाई 026365 से सं० बी वाई 026376 तक; सं० बी वाई 036890 से बी वाई 036904 तक (27x1,00,000) . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . |
27,15,700
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5. |
साढ़े तीन प्रतिशित सरकारी उधार 1947/50 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी वाई 021217 से बी वाई 021220 तक (4x1,00,000) . . . . . . . . . . |
4,00,000
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6. |
तीन प्रतिशत सरकारी उधार 1951/54 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी वाई 021377 से बी वाई 021424 तक (48x25,000) . . . . . . . . . . |
12,00,000
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7. |
साढ़े तीन प्रतिशित सरकारी उधार 1954/59 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी वाई 003186 से बी वाई 003209 तक (24x25,000) . . . . . . . . . . |
6,00,000 |
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8. |
तीन प्रतिशत निधिकरण (फंडिंग) उधार 1966/68 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी० वाई० 018923 से बी वाई 018927 तक (5x5,00,000) . . . . . . . |
25,00,000
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क्रम सं० |
प्रतिभूति का प्रकार, स्वरूप तथा मूल्य वर्ग |
रकम (रु०) |
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9. |
तीन प्रतिशत विक्ट्री उधार 1957 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी० वाई० 033754 से बी वाई 033756 तक (3x5,00,00) . . . . . . . . . . . |
15,00,000
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10. |
तीन प्रतिशत रूपान्तर (कन्वर्शन) उधार 1946 (विशेष स्वरूप) हिज हाईनेस दि नवाब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी वाई 068173 से बी वाई 068177 तक (5x1,00,000) 16 सितम्बर, 1986 को देय . . . . . . |
5,00,000
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11. |
तीन प्रतिशत सरकारी उधार 1963/65 (साधारण स्वरूप) कर्नल हिज हाईनेस सर महब्बत खां जी० सी० आई० ई०, के० सी० एस० आई० नवाब साहिब आफ जूनागढ़ के नाम में, सं० बी वाई 053649, और बी वाई 053650; सं० बी० वाई 052313 से बी वाई 052320 तक; सं० बी वाई 054411 से बी वाई 054414 तक, सं० सी ए 031142 और सी ए 031143, सं० बी वाई 050506 से बी वाई 050527 तक (38x25,000) |
9,50,000
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योग . . . . . . . . . . . . . . . . . . . |
1,29,00,700 |
भाग 3संयुक्त स्टाक कम्पनी के शेयर
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क्रम सं० |
संयुक्त स्टाक कम्पनी का नाम |
शेयर |
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1. |
दि इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, लिमिटेड . . . |
हिज हाईनेस सर महब्बत खां, जी० सी० आई० ई० के नाम में, एक हजार शेयर, सं० 29652 से 30651 तक । |
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2. |
दि सेंट्रल प्रावेंसिज रेलवे कम्पनी, लिमिटेड . . . |
हिज हाईनेस नवाब साहिब महब्बत खां रसूलखां के नाम में एक हजार शेयर, सं० 47767 से 48766 तक । |
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1[3. |
दि एयर सर्विस आफ इंडिया . . . . . . |
कर्नल हिज हाईनेस सर महब्बत खां जी के नाम में 120 साधारण शेयर प्रत्येक शेयर 15 रु० का, सं० डी 9311 से डी 9430 तक । |
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4. |
-यथोक्त- |
दीवान जूनागढ़ राज्य, के नाम में 120 शेयर प्रत्येक शेयर 15 रु० का, सं० डी० 3888 से डी 4007 तक । |
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5. |
दि हिन्दुस्तान मोटर्स लिमिटेड . . . . . . |
लियाकत मोहम्मद खां के नाम में 7 शेयर, प्रत्येक शेयर 20 रु० का, सं० 13913, 13924 से 13926 तक और 46773 से 46775 तक ।] |
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