सशस्त्र बल (पंजाब और चंडीगढ़) विशेष शक्तियां अधिनियम, 1983
(1983 का अधिनियम संख्यांक 34)
[8 दिसम्बर, 1983]
पंजाब राज्य और चंडीगढ़ संघ राज्यक्षेत्र में विक्षुब्ध
क्षेत्रों में सशस्त्र बलों के सदस्यों को कुछ विशेष
शक्तियां प्रदान करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के चौंतीसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम सशस्त्र बल (पंजाब और चंडीगढ़) विशेष शक्तियां अधिनियम, 1983 है ।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण पंजाब राज्य और राज्य चंडीगढ़ संघ राज्यक्षेत्र पर है ।
(3) यह 15 अक्तूबर, 1983 को प्रवृत्त हुआ समझा जाएगा ।
2. परिभाषाएं-इस अधिनियम में, जब तक कि सदंर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) सशस्त्र बल" से भूमि बलों के रूप में क्रियाशील सैनिक बल और वायु बल अभिप्रेत हैं, तथा इसके अन्तर्गत संघ का, इस प्रकार क्रियाशील कोई अन्य सशस्त्र बल भी है ;
(ख) विक्षुब्ध क्षेत्र" से ऐसा कोई क्षेत्र अभिप्रेत है जिसे धारा 3 के अधीन अधिसूचना द्वारा तत्समय विक्षुब्ध क्षेत्र घोषित किया गया है ;
(ग) उन शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त हैं किन्तु परिभाषित नहीं हैं और वायु सेना अधिनियम, 1950 (1950 का 45) या सेना अधिनियम, 1950 (1950 का 46) में परिभाषित हैं, वे ही अर्थ होंगे जो उनके उन अधिनियमों में हैं ।
3. क्षेत्रों को विक्षुब्ध क्षेत्र घोषित करने की शक्ति-यदि पंजाब राज्य या चंडीगढ़ संघ राज्यक्षेत्र के सम्बन्ध में, उस राज्य के राज्यपाल या उस संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासक या दोनों ही दशाओं में, केन्द्रीय सरकार की यह राय है कि, यथास्थिति, ऐसा सम्पूर्ण राज्य या संघ राज्यक्षेत्र अथवा उसका कोई भाग ऐसी विक्षुब्ध या खतरनाक स्थिति में है कि सिविल शक्ति की सहायता के लिए सशस्त्र बलों का प्रयोग आवश्यक है तो, यथास्थिति, उस राज्य का राज्यपाल या उस संघ राज्यक्षेत्र का प्रशासक या केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे सम्पूर्ण राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को अथवा उसके किसी भाग को विक्षुब्ध क्षेत्र घोषित कर सकेगी ।
4. सशस्त्र बलों की विशेष शक्तियां-सशस्त्र बलों का कोई आयुक्त आफिसर, वारंट आफिसर, अनायुक्त आफिसर या तत्समान रैंक का कोई अन्य व्यक्ति, विक्षुब्ध क्षेत्र में,-
(क) यदि उसकी यह राय है कि ऐसा करना लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है तो ऐसी सम्यक् चेतावनी देने के पश्चात् जैसी वह आवश्यक समझे, किसी ऐसे व्यक्ति पर, जो विक्षुब्ध क्षेत्र में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के जमाव को अथवा हथियारों या ऐसी वस्तुओं की, जिनका प्रयोग हथियारों के रूप में किया जा सकता है अथवा अग्न्यायुधों, गोलाबारूद या विस्फोटक पदार्थों को लेकर चलने को प्रतिषिद्ध करने वाली तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या आदेश के उल्लंघन में कार्य कर रहा है, गोली चलाकर या उसके प्रति अन्यथा बल का प्रयोग करके उसकी मृत्यु तक कारित कर सकेगा ;
(ख) यदि उसकी यह राय है कि ऐसा करना आवश्यक है तो वह शस्त्रों के किसी अस्थायी गोदाम को, ऐसे किसी तैयार किए गए या किलेबन्द स्थान या आश्रयस्थल को, जिससे सशस्त्र हमले किए गए हैं या किए जाने संभव हैं या किए जाने का प्रयत्न किया गया है अथवा किसी ऐसी संरचना को, जिसका प्रयोग सशस्त्र स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण शिविर के रूप में या ऐसे सशस्त्र गैंगों या फरार हुए व्यक्तियों द्वारा, जिनकी किसी अपराध की बाबत तलाश है, छिपने के स्थल के रूप में किया गया है, नष्ट कर सकेगा ;
(ग) ऐसे किसी व्यक्ित को वारंट के बिना गिरफ्तार कर सकेगा जिसने कोई संज्ञेय अपराध किया है अथवा जिसके बारे में यह युक्तियुक्त संदेह है कि उसने कोई संज्ञेय अपराध किया है या करने वाला है, और वह ऐसे बल का प्रयोग कर सकेगा जो गिरफ्तारी के लिए आवश्यक है ;
(घ) यथापूर्वोक्त कोई गिरफ्तारी करने के लिए या किसी ऐसे व्यक्ति के प्रत्युद्धरण के लिए, जिसकी बाबत यह विश्वास है कि उसे सदोष अवरुद्ध या परिरुद्ध किया गया है, या किसी ऐसी सम्पत्ति की, जिसकी बाबत युक्तियुक्ततः यह संदेह है कि वह चोरी की सम्पत्ति है, या किन्हीं शस्त्रों, गोलाबारूद या विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी के लिए, जिनकी बाबत यह विश्वास किया जाता है कि वे किसी परिसर में विधिविरुद्धतया रखे गए हैं, ऐसे परिसर में वारंट के बिना प्रवेश कर सकेगा और उसकी तलाशी ले सकेगा और उस प्रयोजन के लिए ऐसे बल का प्रयोग कर सकेगा जैसा आवश्यक हो और ऐसी किसी संपत्ति, शस्त्रों, गोलाबारूद या विस्फोटक पदार्थों को अभिगृहीत कर सकेगा ;
(ङ) किसी ऐसे यान या जलयान को, जिसके बारे में युक्तियुक्त संदेह है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को, जो उद्घोषित अपराधी है या किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसने कोई असंज्ञेय अपराध किया है या जिसके विरुद्ध ऐसा युक्तियुक्त संदेह है कि उसने कोर्ह असंज्ञेय अपराध किया है या करने वाला है अथवा किसी ऐसे व्यक्ति को लेकर चल रहा है जो कोई ऐसे शस्त्र, गोलाबारूद या विस्फोटक पदार्थ लिए हुए है जिनकी बाबत यह विश्वास किया जाता है कि वे उसके द्वारा विधिविरुद्धतया धारित हैं, रोक सकेगा, उसकी तलाशी ले सकेगा और उसे अभिगृहीत कर सकेगा, तथा उस प्रयोजन के लिए ऐसे बल का प्रयोग कर सकेगा जो, यथास्थिति, ऐसे रोके जाने, तलाशी ली जाने या अभिग्रहण के लिए आवश्यक हो ।
5. तलाशी की शक्ति के अन्तर्गत ताले, आदि तोड़कर खोलने की शक्ति का होना-इस अधिनियम के अधीन तलाशी लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कोई द्वार, अलमारी, तिजोरी, पेटी, कबर्ड, दराज, पैकेज या अन्य वस्तु को यदि उसकी चाबी प्रतिधारित कर ली गई है तो, ताला तोड़कर खोलने की शक्ति होगी ।
6. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति और अभिगृहीत की गई सम्पत्ति का पुलिस को सौंपा जाना-इस अधिनियम के अधीन गिरफ्तार किए गए और अभिरक्षा में लिए गए किसी व्यक्ति को और इस अधिनियम के अधीन अभिगृहीत प्रत्येक सम्पत्ति, शस्त्र, गोलाबारूद या विस्फोटक पदार्थ या कोई यान या जलयान को, यथाशीघ्र, निकटतम पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी को, उन परिस्थितियों की रिपोर्ट के साथ सौंप दिया जाएगा जिनके कारण, यथास्थिति, वह गिरफ्तारी या, यथास्थिति, ऐसी सम्पत्ति, शस्त्र, गोलाबारूद, विस्फोटक पदार्थ या किसी यान या जलयान, को अभिगृहीत करना पड़ा है ।
7. इस अधिनियम के अधीन सद्भावपूर्वक कार्य करने वाले व्यक्तियों का संरक्षण-इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में की गई या किए जाने के लिए तात्पर्यित किसी बात के संबंध में किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई अभियोजन, वाद या अन्य विधिक कार्यवाही, केन्द्रीय सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना संस्थित नहीं की जाएगी ।
8. निरसन और व्यावृत्ति-(1) सशस्त्र बल (पंजाब और चंडीगढ़) विशेष शक्तियां अध्यादेश, 1983 (1983 का 9) इसके द्वारा निरसित किया जाता है ।
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई का अधिनियम में तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई समझी जाएगी ।
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