विदेशी वायुयान (ईंधन और स्नेहकों पर करों और शुल्कों से छूट) अधिनियम, 2002
(2002 का अधिनियम संख्यांक 36)
[11 जून, 2002]
शिकागो में 7 दिसंबर, 1944 को हस्ताक्षरों के लिए बुलाए गए
अंतरराष्ट्रीय सिविल विमानन संबंधी अभिसमय
के अनुसरण में, अन्य देशों के साथ भारत
द्वारा किए गए करारों को कार्यान्वित
करने के लिए
अधिनियम
भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय सिविल विमानन संबंधी अभिसमय पर 7 दिसंबर, 1944 को हस्ताक्षर किए गए थे ;
और भारत ने उक्त अभिसमय पर हस्ताक्षर करके, संविदाकारी पक्षकारों के वायुयान में भारत में प्रदाय किए गए ईंधन और स्नेहकों पर करों और शुल्कों से छूट देने के लिए उक्त अभिसमय के पक्षकारों के साथ करार किए हैं ;
भारत गणराज्य के तिरपनवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम और विस्तार-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम विदेशी वायुयान (ईंधन और स्नेहकों पर करों और शुल्कों से छूट) अधिनियम, 2002 है ।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण भारत पर होगा ।
2. परिभाषाएं-इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) करार" से भारत द्वारा अभिसमय के पक्षकारों के साथ किए गए विमान-सेवा करार या विमान परिवहन करार अभिप्रेत हैं ;
(ख) अभिसमय" से शिकागो में 7 दिसंबर, 1944 को हस्ताक्षरों के लिए बुलाए गए अंतरराष्ट्रीय सिविल विमानन से संबंधित अभिसमय अभिप्रेत है ।
3. अन्य देशों के वायुयान को प्रदाय किए गए ईंधन और स्नेहकों पर करों और शुल्कों के उद्ग्रहण से छूट-जहां किसी अन्य देश या देशों के साथ अभिसमय या करार के अनुसरण में, किसी अन्य देश या देशों के किसी वायुयान के भागरूप पात्रों में भरे जाने वाले ईंधन और स्नेहकों पर भारत में किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र की किसी विधि के अधीन करों और शुल्कों के उद्ग्रहण से छूट प्रदान करना आवश्यक है, वहां केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे उपबंध कर सकेगी जो उक्त अभिसमय या करारों को प्रभावी करने के लिए आवश्यक हो और तदुपरि उक्त उपबंध तद्नुसार लागू होगा और किसी अन्य विधि में किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, इस प्रकार लागू होने में भारत में विधि का बल रखेगा ।
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