विनिमय-पत्रों का संवर्ग -- विनिमय-पत्र ऐसी मूल प्रतियों में लिखे जा सकेंगे जिनमें से हर एक संख्यांकित हो और जो यह उपबंध अन्तर्विष्ट रखता हो कि वह केवल उसी समय तक देय बना रहेगा जब तक कि अन्य असंदत्त रहते हैं । सब मूल प्रतियाँ मिलकर एक संवर्ग गठित करती हैं, किन्तु पूरे संवर्ग से केवल एक विनिमय-पत्र गठित होता है और वह तब निर्वापित हो जाता है जब उन प्रतियों में से कोई यदि एक पृथक् विनिमय-पत्र होता तो निर्वापित हो जाता ।