आदरणार्थ प्रतिग्रहण -- जब कि विन्मिय-पत्र अप्रतिग्रहण या बेहतर प्रतिभूति के लिए टिप्पणित या प्रसाक्ष्यित कर दिया गया है तब ऐसा कोई भी व्यक्ति, जो उस पर पहले से दायी पक्षकार नहीं है, विनिमय-पत्र पर लेख द्वारा उसे धारक की सम्मति से उसके किसी भी पक्षकार के आदरणार्थ प्रतिगृहीत कर सकेगा ।