प्रसाक्ष्य की अन्तर्वस्तुएँ, NI Act, Section 101 ( NI Act, Section 101. Contents of protest )
प्रसाक्ष्य की अन्तर्वस्तुएँ -- धारा 100 के अधीन प्रसाक्ष्य में अन्तर्विष्ट होने चाहिए -
(क) या तो स्वयं लिखत या लिखत की और जिसके ऊपर लिखी या मुद्रित हर बात की अक्षरशः अनुलिपि;
(ख) उस व्यक्ति का नाम जिसके लिए और जिसके विरुद्ध लिखत प्रसाक्ष्यित की गई है;
(ग) यह कथन कि, यथास्थिति, संदाय या प्रतिग्रहण या बेहतर प्रतिभूति की माँग नोटरी पब्लिक द्वारा ऐसे व्यक्ति से की गई है; यदि उस व्यक्ति का कोई उत्तर है तो उसे उत्तर के शब्द या यह कथन कि उसमें कोई उत्तर नहीं दिया था या वह पाया नहीं जा सका;
(घ) जब कि वचन-पत्र या विनिमय-पत्र अनादृत किया गया है तब अनादर का स्थान और समय और जब कि बेहतर प्रतिभूति देने से इंकार किया गया है तब इंकार का स्थान और समय;
(ङ) प्रसाक्ष्य करने वाले नोटरी पब्लिक के हस्ताक्षर;
(च) आदरणार्थ प्रतिग्रहण या आदरणार्थ संदाय की दशा में उस व्यक्ति का नाम, जिसके द्वारा उस व्यक्ति का नाम, जिसके लिए, और वह रीति, जिससे ऐसा प्रतिग्रहण या संदाय प्रस्थापित किया गया था और दिया गया था ।
[नोटरी पब्लिक इस धारा के खण्ड (ग) में वर्णित माँग या तो स्वयं अपने लिपिक द्वारा या, जहाँ कि करार या प्रथा से यह प्राधिकृत है वहाँ रजिस्ट्रीकृत चिट्ठी द्वारा कर सकेगा ।]