भारतीय दंड संहिता की धारा 448 के अनुसार, जो कोई गॄह-अतिचार करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, एक हजार रुपए तक का आर्थिक दण्ड, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।
लागू अपराध
गॄह-अतिचार
सजा - एक वर्ष कारावास, या एक हजार रुपए तक का आर्थिक दण्ड, या दोनों।
यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मॅजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध पीड़ित व्यक्ति (जिसकी संपत्ति पर अतिचार हुआ हो) द्वारा समझौता करने योग्य है।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| हाउस-अतिचार | 1 वर्ष या जुर्माना या दोनों | संज्ञेय | जमानतीय | कोई भी मजिस्ट्रेट |

