भारतीय दंड संहिता की धारा 328 के अनुसार, जो भी कोई किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने या अपराध करने, या अपराध किए जाने को सुगम बनाने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह तद्द्वारा क्षति कारित करेगा, कोई विष या जड़िमाकारी, नशा करने वाली या अस्वास्थ्यकर ओषधि या अन्य चीज उस व्यक्ति को देगा या उसके द्वारा लिया जाना कारित करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास से दण्डित किया जाएगा जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा, और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
लागू अपराध
अपराध करने के आशय से विष इत्यादि द्वारा क्षति कारित करना ।
सजा - दस वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| चोट आदि पैदा करने के इरादे से स्तूपदवा का प्रशासन करना | 10 साल + जुर्माना | संज्ञेय | गैर जमानतीय | सत्र न्यायालय |

