इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने जवाब मांगा है कि जब मृतका के शरीर और कपड़ों पर सीमेन मौजूद था, तो पुलिस ने पकड़े गए आरोपी का डीएनए सैंपल मिलान के लिए क्यों नहीं लिया? इस मामले में कोर्ट ने 14 मई 2026 को डीसीपी गंगापार को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार की एकलपीठ ने दिया है।

पुलिस ने नवाबगंज क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। आरोपी के अधिवक्ता प्रतीकधर द्विवेदी ने दलील दी कि आरोपी का नाम मूल एफआईआर में नहीं था। उसे केवल मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने मृतका के शरीर व कपड़ों पर सीमेन मिलने के बाद भी आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि के लिए उसका डीएनए मिलान नहीं कराया। कोर्ट ने राज्य के वकील से पूछा कि क्या वाकई पुलिस ने आरोपी का डीएनए सैंपल नहीं लिया था।

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