कुछ मामलों में विशेष कारणों का अभिलिखित किया जाना-जहां किसी मामले में न्यायालय,-
(क) किसी अभियुक्त व्यक्ति के संबंध में कार्रवाई धारा 360 के अधीन या अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 (1958 का 20) के उपबंधों के अधीन कर सकता था ; या
(ख) किसी किशोर अपराधी के संबंध में कार्रवाई, बालक अधिनियम, 1960 (1960 का 60) के अधीन या किशोर अपराधियों के उपचार, प्रशिक्षण या सुधार से संबंधित तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन कर सकता था,
किन्तु उसने ऐसा नहीं किया है वहां वह ऐसा न करने के विशेष कारण अपने निर्णय में अभिलिखित करेगा ।

