भारतीय दंड संहिता की धारा 291 के अनुसार, जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा, जिसको किसी न्यूसेन्स की पुनरावॄत्ति न करने या उसे चालू न रखने के लिए व्यादेश प्रचालित करने का प्राधिकार हो, ऐसे व्यादिष्ट किए जाने पर, किसी लोक न्यूसेन्स की पुनरावॄत्ति करेगा, या उसे चालू रखेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| निषेधाज्ञा को बंद करने के बाद एक उपद्रव करना | 6 महीने के लिए सरल कारावास, या जुर्माना, या दोनों | संज्ञेय | जमानतीय | कोई भी मजिस्ट्रेट |

