जब ऐसा साक्ष्य पूरा हो जाता है तब उसके संबंध में प्रक्रिया-(1) जैसे-जैसे प्रत्येक साक्षी का साक्ष्य जो धारा 275 या धारा 276 के अधीन लिया जाए, पूरा होता जाता है, वैसे-वैसे वह, यदि अभियुक्त हाजिर हो तो उसकी, या यदि वह प्लीडर द्वारा हाजिर हो, तो उसके प्लीडर की उपस्थिति में साक्षी को पढ़कर सुनाया जाएगा और यदि आवश्यक हो तो शुद्ध किया जाएगा ।
(2) यदि साक्षी साक्ष्य के किसी भाग की शुद्धता से उस समय इंकार करता है जब वह उसे पढ़कर सुनाया जाता है तो मजिस्ट्रेट या पीठासीन न्यायाधीश साक्ष्य को शुद्ध करने के बजाय उस पर साक्षी द्वारा उस बाबत की गई आपत्ति का ज्ञापन लिख सकता है और उसमें ऐसी टिप्पणियां जोड़ देगा जैसी वह आवश्यक समझे ।
(3) यदि साक्ष्य का अभिलेख उस भाषा से भिन्न भाषा में है जिसमें वह दिया गया है और साक्षी उस भाषा को नहीं समझता है तो, उसे ऐसे अभिलेख का भाषान्तर उस भाषा में जिसमें वह दिया गया था अथवा उस भाषा में जिसे वह समझता हो, सुनाया जाएगा ।

