भारतीय दंड संहिता की धारा 237 के अनुसार, जो कोई किसी कूटकॄत सिक्के का यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह कूटकॄत है, 1[भारत] में आयात करेगा या 1[भारत] से निर्यात करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| नकली सिक्के का आयात या निर्यात, नकली होने के लिए एक ही जानने | 3 साल + जुर्माना | संज्ञेय | गैर जमानतीय | प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट |

