भारतीय दंड संहिता की धारा 158 के अनुसार, जो कोई धारा 141 में विनिर्दिष्ट कार्यों में से किसी को करने के लिए या करने में सहायता देने के लिए वचनबद्ध किया या भाड़े पर लिया जाएगा या भाड़े पर लिए जाने या वचनबद्ध किए जाने के लिए अपनी प्रस्थापना करेगा या प्रयत्न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
या सशस्त्र चलना--तथा जो कोई पूर्वोक्त प्रकार से वचनबद्ध होने या भाड़े पर लिए जाने पर, किसी घातक आयुध से या ऐसी किसी चीज से, जिससे आक्रामक आयुध के रूप में उपयोग किए जाने पर मॄत्यु कारित होनी संभाव्य है, सज्जित होकर चलेगा या सज्जित चलने के लिए वचनबद्ध होगा या अपनी प्रस्थापना करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
|
गैरकानूनी सभा या दंगे में भाग लेने के लिए काम पर रखा जा रहा है या सशस्त्र जाने के लिए |
6 महीने या जुर्माना या दोनों 2 साल या जुर्माना या दोनों |
संज्ञेय संज्ञेय |
जमानतीय जमानतीय |
कोई भी मजिस्ट्रेट कोई भी मजिस्ट्रेट |

