Thursday, 30, Apr, 2026
 
 
 
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धारा 154 आईपीसी - उस भूमि का स्वामी या अधिवासी, जिस पर ग़ैरक़ानूनी जनसमूह एकत्रित हो , IPC Section 154 ( IPC Section 154. Owner or occupier of land on which an unlawful assembly is held )


 

भारतीय दंड संहिता की धारा 154 के अनुसार, जब कभी कोई ग़ैरक़ानूनी जनसमूह या उपद्रव हो, और जिस भूमि पर ऐसा ग़ैरक़ानूनी जनसमूह या उपद्रव हो, उसका स्वामी या अधिवासी और ऐसी भूमि में हित रखने वाला या हित रखने का दावा करने वाला व्यक्ति, या उसका अभिकर्ता या प्रबंधक यदि यह जानते हुए कि ऐसा अपराध किया जा रहा है या किया जा चुका है या इस बात का विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसे अपराध का किया जाना सम्भाव्य है, उस बात की अपनी क्षमता और शक्ति अनुसार शीघ्र सूचना निकटतम पुलिस थाने के प्रधान आफिसर को न दे या उस स्तिथि में, जिसमें कि उसे या उन्हें यह विश्वास करने का कारण हो कि अपराध लगभग किया ही जाने वाला है, अपनी क्षमता और शक्ति अनुसार सब क़ानूनी साधनों का उपयोग कर उसका निवारण नहीं करता या करते और उसके हो जाने पर अपनी क्षमता और शक्ति अनुसार सब क़ानूनी साधनों का उपयोग उस ग़ैरक़ानूनी जनसमूह को बिखरने या उपद्रव को दबाने के लिए नहीं करता या करते, तो उसे / उन्हें एक हजार रुपए तक के आर्थिक दंड से दंडित किया जाएगा।

लागू अपराध
उपद्रव, आदि के बारे में जानकारी न देने वाल वाला भूमि का स्वामी या अधिवासी
सजा - एक हजार रुपए तक का आर्थिक दंड।
यह एक जमानती, ग़ैर-संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

अपराध सजा संज्ञेय जमानत विचारणीय
दंगा आदि की जानकारी देने वाला भूमि का मालिक या कब्जा करने वाला     जुर्माना गैर - संज्ञेय जमानतीय कोई भी मजिस्ट्रेट

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