भारतीय दंड संहिता की धारा 121क के अनुसार, जो कोई धारा 121 द्वारा दंडनीय अपराधों में से कोई अपराध करने के लिए 8[भारत] के भीतर 9।।। या बाहर षड््यंत्र करेगा, या 10[केंद्रीय सरकार को या किसी 11[राज्य] की सरकार को 12।।।ट आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करने का षड््यंत्र करेगा, वह 13[आजीवन कारावास] से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा 14[और जुर्माने से भी दंडनीय होगा] ।
स्पष्टीकरण--इस धारा के अधीन षड््यंत्र गठित होने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि उसके अनुसरण में कोई कार्य या अवैध लोप गठित हुआ हो ।

