भारतीय दंड संहिता की धारा 81 के अनुसार, कोई कार्य केवल इस कारण अपराध नहीं है कि वह यह जानते हुए किया गया है कि उससे क्षति कारित होना संभाव्य है, यदि वह क्षति कारित करने के किसी आपराधिक आशय के बिना और व्यक्ति या संपत्ति को अन्य क्षति का निवारण या परिवर्जन करने के प्रयोजन से सद्भावपूर्वक किया गया हो।
स्पष्टीकरण - ऐसे मामले में यह तथ्य का प्रश्न है कि जिस क्षति का निवारण या परिवर्जन किया जाना है क्या वह ऐसी प्रकॄति की ओर इतनी आसन्न थी कि वह कार्य, जिससे यह जानते हुए कि उससे क्षति कारित होना संभाव्य है, करने की जोखिम उठाना न्यायानुमत या माफी योग्य था।

