भारतीय दंड संहिता की धारा 37 के अनुसार, जब कि कोई अपराध कई कार्यों द्वारा किया जाता है, तब जो भी कोई या तो अकेले या किसी अन्य व्यक्ति के साथ सम्मिलित होकर उन कार्यों में से कोई एक कार्य करके उस अपराध के किए जाने में साशय सहयोग करता है, तो वह उस अपराध को करता है।

