इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के उच्च शिक्षा निदेशक पर एक लाख रूपए का जुर्माना लगाया है, जो उनकी सैलरी से वसूला जाएगा। हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने ओम प्रकाश तिवारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को यह फैसला सुनाया है।
दरअसल, बदायूं के कछला स्थित गोविंद बल्लभ पंत महाविद्यालय में हेड कलर्क रहे ओम प्रकाश तिवारी साल को सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें लाभ नहीं दिया गया। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। याची की ओर से दाखिल रिट पर हाईकोर्ट के चार बाद आदेश देने के बाद उन्हें सेवानिवत्ति के बाद मिलने वाले लाभ को नहीं दिया गया।
मंगलवार को याची की तरफ से अधिवक्ता अवनीश त्रिपाठी ने कोर्ट में अपनी दलीलें पेश की। इलाहबाद हाई कोर्ट ने रिट 14516/18 ओम प्रकाश तिवारी बनाम राज्य सरकार व अन्य की सुनवाई के दौरान ये आर्थिक दंड का फैसला सुनाया। कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए याची को बड़ी राहत दी। साथ ही डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन द्वारा गलत और मनमाने तरीके से काटे गए 4 लाख 24 हजार रूपए न सिर्फ तत्काल वापस करने का आदेश दिया, बल्कि साथ एक लाख रुपए का दंड भी लगा दिया जो कि याची को मिलेगा।
याची की ओर से दाखिल रिट पर उच्च न्यायालय ने 4 बार आदेश दिया, इसके बाद भी शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से सेवा निवृत्ति के लाभ नई दिए जा रहे थे। याची वरिष्ठ नागरिक के साथ गम्भीर रूप से बीमार है और न्यायालय के बार बार कहने के बाद भी विभाग द्वारा पैसा नही दिया जा रहा था।
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