Sunday, 03, May, 2026
 
 
 
Expand O P Jindal Global University
 
  
  
 
 
 

M/S Singhal Sales Corporation vs The Commissioner Trade Tax U.P. ...
2019 Latest Caselaw 3884 ALL

Citation : 2019 Latest Caselaw 3884 ALL
Judgement Date : 1 May, 2019

Allahabad High Court
M/S Singhal Sales Corporation vs The Commissioner Trade Tax U.P. ... on 1 May, 2019
Bench: Ashok Kumar

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

ए.एफ.आर.

कोर्ट नं0 - 5

केस :- सेल्स/ट्रेड टैक्स रिवीजन नं0 - 431 ऑफ 2008

अप्लीकाण्ट :- एम/एस सिंघल सेल्स कार्पोरेशन

अपोजिट पार्टी :- द कमिश्नर ट्रेड टैक्स यू0पी0 लखनऊ

काउंसिल फार अप्लीकाण्ट :- एन0आर0 कुमार, विश्वजीत

काउंसिल फार अपोजिट पार्टी :- सी0 एस0 सी0

eku~uh; v'k¨d dqekj] U;k;ewfrZ

याची के विद्वान अधिवक्ता श्री विश्वजीत एवं कमिश्नर के विद्वान अधिवक्ता श्री बिपिन कुमार पाण्डेय को सुना।

प्रस्तुत याचिका उ0 प्र0 व्यापार कर अधिनियम की धारा 11 के अन्तर्गत दाखिल की गई है जिसके द्वारा वाणिज्य कर अधिकरण, अलीगढ़ पीठ, अलीगढ़ द्वारा पारित द्वितीय अपील संख्या 225/2001 वर्ष 1998-99 (प्रान्तीय) के आदेश दिनांक 5 फरवरी, 2008 को याची द्वारा चुनौती दी गई।

वाद के तथ्य इस प्रकार हैं कि याची सर्वश्री सिंघल सेल्स कार्पोरेशन, अलीगढ़ एक साझेदारी फर्म है। वर्ष 1998-99 में याची फर्म द्वारा आयरन एवं स्टील द्वारा निर्मित टिन कन्टेनर (Tin Containers) - कूड़े दान (Dustbins) की सम्पूर्ण बिक्री रुपये 8,14,903.45/- की अलीगढ़ नगर निगम को की गई।

उक्त कूड़े दान (Dustbins) का प्रयोग सिर्फ और सिर्फ कूड़े को सुरक्षित रखने हेतु नगर निगम अलीगढ़ द्वारा नगर निगम की सीमा पर विभिन्न स्थलों पर रखकर सार्वजनिक सुविधा हेतु किया गया।

कर निर्धारण अधिकारी ने अपने आदेश दिनांक 28 नवम्बर, 2000 द्वारा उपरोक्त कूड़ेदान की बिक्री पर 10% की दर से कर आरोपित किया जबकि व्यापारी द्वारा उक्त कूड़ेदान की बिक्री पर 5% की दर से कर वसूल कर जमा किया गया।

चूँकि कर निर्धारण अधिकारी द्वारा अनुचित कर आरोपित किया गया अतः याची द्वारा प्रथम अपील धारा- 9 के अन्तर्गत अपील संख्या- 8 वर्ष 2001 द्वारा प्रस्तुत की गई।

प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा याची के तर्क पर समुचित विचार कर तदोपरान्त यह पाया गया कि याची द्वारा नगर निगम, अलीगढ़ को बेचे गए कूड़े दान (Dustbins) का प्रयोग केवल कूड़ा भरने हेतु किया गया अतएव यह निर्णित किया कि उक्त कूड़े दान पर टिन कन्टेनर (Tin Containers) के रूप में 5% की दर से कर का दायित्व होता है।

प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा विज्ञप्ति संख्या- T.I.F.-2-2376/XI-9(257)/97-U.P. Act-15-48- Order-98, Dated 23-11-1998 का समुचित परिशीलनोपरान्त उपरोक्त विज्ञप्ति में प्रस्तावित entry 'containers made of tin, iron or steel' के अन्तर्गत 5% की दर से प्रस्तावित कर को सही मानते हुए याची द्वारा प्रस्तुत प्रथम अपील को याची के पक्ष में आदेश दिनांक 07.07.2001 को निर्णित की। आयुक्त, व्यापार कर उत्तर प्रदेश द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी के निर्णय दिनांक 07.07.2001 के विरुद्ध द्वितीय अपील संख्या 225/2001 व्यापार कर अधिकरण के सम्मुख योजित की गई।

व्यापार कर अधिकरण द्वारा द्वितीय अपील को आयुक्त व्यापार कर उत्तर प्रदेश के पक्ष में निर्णित किया तथा यह मत प्रकट किया कि टिन कन्टेनर का प्रयोग वस्तु को सुरक्षित रखने के काम में आता है। अर्थात उसमें भरी हुई वस्तु सुरक्षित रहती हैं एवं आवश्यकता पड़ने पर प्रयोग की जा सकती है। अधिकरण ने याची द्वारा बेचे गए टिन कन्टेनर (कूड़े दान) को पूर्ण रूपेण भिन्न वस्तु मानते हुए यह मत प्रतिपादित किया कि कूड़े दान का कार्य किसी वस्तु को सुरक्षित रखना नहीं है। उक्त मतानुसार अधिकरण द्वारा आयुक्त व्यापारकर उत्तर प्रदेश द्वारा दाखिल अपील को आयुक्त व्यापार कर के पक्ष में दिनांक 5 फरवरी, 2008 को निर्णित किया।

प्रस्तुत पुनर्निरीक्षण याचिका याची / व्यापारी द्वारा व्यापार कर अधिकरण के आदेश दिनांक 5 फरवरी, 2008 के विरुद्ध प्रस्तुत की गई।

याची द्वारा निम्न बिन्दुओं पर इस न्यायालय को निर्णय हेतु यह कह कर कि अधिकरण का निर्णय कदापि यूक्तियुक्त नहीं है तथा निम्न विधिक प्रश्न प्रस्तुत पुनर्निरीक्षण याचिका में निर्णय योग्य प्रस्तावित है:-

"Questions of Law.

1. Whether on the facts and circumstances of the present case the Member Trade Tax Tribunal was legally justified to treat Bins not covered by the specific entry No. 11 of Notification No. 2376 dated 23.11.1998, of Containers made of tin, iron or steel.

2. Whether on the facts and cirumstances of the case the Tribunal was justified to treat Bins as unclassified items without reversing the finding of the Dy. Commissioner Appeals accepting that Bins (Kurhedan) falls in the category of containers made of tin, iron or steel.?"

मेरे द्वारा याची के विद्वान अधिवक्ता एवं आयुक्त व्यापार कर के विद्वान अधिवक्ता को सुना गया एवं कर निर्धारण अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी तथा व्यापार कर अधिकरण के निर्णयों का समुचित परिशीलन किया गया।

जहाँ तक प्रथम अपीलीय अधिकारी के निर्णय का सम्बन्ध है मैं प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा पारित निर्णय को पूर्णतः सही पाता हूँ।

व्यापारी द्वारा सम्पूर्ण टिन कन्टेनर (Tin Containers) की बिक्री नगर निगम, अलीगढ़ को की गई एवं कूड़े दान का प्रयोग कूड़े को सुरक्षित रखने हेतु नगर निगम द्वारा किया जाता है। यह सर्वविदित है कि बेचे गए कूड़े दान का प्रयोग मात्र कूड़ा भरने हेतु ही किया जाता है।

मैं व्यापार कर अधिकरण के निर्णय को कदापि सही नहीं पाता हूँ। यह निर्विवाद है कि व्यापारी द्वारा जो कूड़े दान (टिन कन्टेनर) नगर निगम, अलीगढ़ को बेचे गए उनका निर्माण व्यापारी द्वारा गाजियाबाद से टिन शीट खरीद कर गाजियाबाद के ही फर्म सर्वश्री एम0टैक0 इन्डस्ट्रीज से कराया गया। अधिकरण का यह विचार कि 'Tin Containers' का प्रयोग वस्तु को सुरक्षित रखना नहीं है कदापि स्वीकार योग्य नहीं है। कूड़ेदान का प्रयोग मात्र और सिर्फ कूड़े को सुरक्षित रखना है जब तक कि उसमें रखा हुआ कूड़ा अपने अन्तिम गन्तव्य तक न पहुँच जाए।

उपरोक्त तथ्यों को देखते हुए मैं प्रस्तुत याचिका स्वीकार करता हूँ एवं वाणिज्य कर अधिकरण अलीगढ़ पीठ अलीगढ़ द्वारा पारित निर्णय दिनांक 5 फरवरी, 2008 को अपास्त करता हूँ तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा पारित निर्णय दिनांक 07.07.2001 को उचित मानता हूँ।

उपरोक्तानुसार प्रस्तुत पुनर्निरीक्षण याचिका स्वीकृत की जाती है।

दिनाँक :- 1.5.2019

एस0 के0 श्रीवास्तव

 

 

 
Download the LatestLaws.com Mobile App
 
 
Latestlaws Newsletter
 

Publish Your Article

 

Campus Ambassador

 

Media Partner

 

Campus Buzz

 

LatestLaws Guest Court Correspondent

LatestLaws Guest Court Correspondent Apply Now!
 

LatestLaws.com presents: Lexidem Offline Internship Program, 2026

 

LatestLaws.com presents 'Lexidem Online Internship, 2026', Apply Now!

 
 

LatestLaws Partner Event : Smt. Nirmala Devi Bam Memorial International Moot Court Competition

 
 
Latestlaws Newsletter