गुजरात हाई कोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है। पिज्जा और बर्गर जैसे फास्ट फूड खाने से होने वाली एसिडिटी की वजह से स्टूडेंट की अटेंडेंस कम हो गई और उसे LLB एग्जाम में बैठने से रोक दिया गया। कोर्ट ने मारवाड़ी यूनिवर्सिटी से कोई हल निकालने को कहा है ताकि स्टूडेंट का एक साल बर्बाद न हो और इस मामले में आगे की सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के LLB के चौथे साल के स्टूडेंट का का अटेंडेंस कम हो गया था। जानकारी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने उसे एग्जाम में बैठने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था क्योंकि स्टूडेंट ज़रूरी 75% अटेंडेंस पूरी नहीं कर सका था। इस फैसले के खिलाफ स्टूडेंट हाई कोर्ट पहुंचा था और राहत मांगी थी ताकि उसकी पढ़ाई खराब न हो।
डॉक्टर की रिपोर्ट में क्या है
पिटीशनर स्टूडेंट ने कोर्ट में दलील दी कि उसे लंबे समय से एसिडिटी जैसी प्रॉब्लम है, जिसकी वजह से वह क्लास अटेंड नहीं कर पा रहा था। इस दलील को मजबूत करने के लिए उसने एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी पेश किया, जिसमें उसकी बीमारी का जिक्र था।
हालांकि, जांच में एक दिलचस्प बात सामने आई। डॉक्टर ने बताया कि स्टूडेंट की एसिडिटी की मुख्य वजह लगातार पिज्जा और बर्गर खाने की आदत थी। यह भी पता चला कि उसने पिछले तीन महीनों में चार से पांच बार ट्रीटमेंट लिया था।
यूनिवर्सिटी के प्रपोजल पर अटका पेच
यूनिवर्सिटी ने नियम का हवाला देते हुए कहा कि अटेंडेंस का नियम सभी स्टूडेंट्स के लिए एक जैसा है। इसमें छूट नहीं दी जा सकती। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने प्रपोजल दिया कि स्टूडेंट मिड-टर्म-2 और फाइनल एग्जाम दे सकता है, लेकिन उसे मिड-टर्म-1 का 15% वेटेज कम हो जाएगा, लेकिन स्टूडेंट ये 15% मार्क्स छोड़ने को तैयार नहीं था, जिसकी वजह से उसने तुरंत यह प्रपोजल नहीं माना।
पिटीशनर के वकील अतुल सिन्हा ने कोर्ट में केस पेश करते हुए कहा कि स्टूडेंट का कोई नियम तोड़ने का इरादा नहीं था, लेकिन हेल्थ प्रॉब्लम की वजह से वह अटेंड नहीं कर सका। कोर्ट को इंसानियत का नज़रिया अपनाना चाहिए और स्टूडेंट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सही राहत देनी चाहिए।
अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी
हाई कोर्ट ने स्टूडेंट को एफिडेविट फाइल करने का 16 अप्रैल तक का समय दिया है। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि अगर पिटीशनर एफिडेविट फाइल नहीं करता है, तो यह माना जाएगा कि वह यूनिवर्सिटी के प्रपोजल से सहमत नहीं है। केस की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी, जहां यूनिवर्सिटी मेरिट पर जवाब पेश करेगी।
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