तमिलनाडु विधान परिषद् अधिनियम, 2010
(2010 का अधिनियम संख्यांक 16)
[18 मई, 2010]
तमिलनाडु राज्य के लिए विधान परिषद् के सृजन तथा उसके
अनुपूरक, उससे आनुषंगिक और पारिणामिक
विषयों का उपबंध
करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के इकसठवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
1. संक्षिप्त नाम-इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम तमिलनाडु विधान परिषद् अधिनियम, 2010 है ।
2. परिभाषाएं-इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, ऐसे प्रत्येक शब्द और पद का, जो इसमें प्रयुक्त हैं और परिभाषित नहीं हैं, किन्तु लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (1950 का 43) में परिभाषित हैं, वही अर्थ होगा, जो उस अधिनियम में हैं।
3. तमिलनाडु के लिए विधान परिषद् का सृजन-(1) ऐसी तारीख से, जो राष्ट्रपति, आदेश द्वारा नियत करें, तमिलनाडु राज्य के लिए एक विधान परिषद् होगी, और उस तारीख से ही, अनुच्छेद 168 के खंड (1) के उपखंड (क) में, कर्नाटक" शब्द के पश्चात् तमिलनाडु" शब्द अन्तःस्थापित किया जाएगा ।
(2) उक्त परिषद् में, 78 स्थान होंगे, जिनमें से,-
(क) अनुच्छेद 171 के खंड (3) के उपखंड (क), उपखंड (ख) और उपखंड (ग) में निर्दिष्ट निर्वाचक मण्डलों द्वारा निर्वाचित व्यक्तियों द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की संख्या क्रमशः 26, 7 और 7 होगी ;
(ख) उक्त खंड के उपखंड (घ) के उपबंधों के अनुसार तमिलनाडु विधान सभा के सदस्यों द्वारा निर्वाचित व्यक्तियों द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की संख्या 26 होगी ; और
(ग) उस खंड के उपखंड (ङ) के उपबंधों के अनुसार तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा नामनिर्देशित व्यक्तियों द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की संख्या 12 होगी ।
(3) राष्ट्रपति, इस अधिनियम के प्रारंभ के पश्चात्, यथाशक्य शीघ्र, निर्वाचन आयोग से परामर्श करने के पश्चात्, आदेश द्वारा, निम्नलिखित का अवधारण करेंगे-
(क) वे निर्वाचन-क्षेत्र, जिनमें तमिलनाडु राज्य को अनुच्छेद 171 के खंड (3) के उपखंड (क), उपखंड (ख) और उपखंड (ग) में से प्रत्येक उपखंड के अधीन उक्त परिषद् के निर्वाचनों के प्रयोजन के लिए विभाजित किया जाएगा ;
(ख) प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र का विस्तार ; और
(ग) प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र को आबंटित किए जाने वाले स्थानों की संख्या ।
(4) ऐसे अवधारण के पश्चात्, यथाशक्य शीघ्र, इस अधिनियम, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (1950 का 43) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (1951 का 43) के उपबंधों के अनुसार उक्त परिषद् का गठन करने के लिए उपाय किए जाएंगे ।
4. 1950 के अधिनियम 43 की तृतीय और चतुर्थ अनुसूची का संशोधन-लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में,-
(क) तृतीय अनुसूची में, कर्नाटक से संबंधित प्रविष्टि संदृ 6 के पश्चात् निम्नलिखित प्रविष्टि अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
7. तमिलनाडु 78 26 7 7 26 12" ;
(ख) चतुर्थ अनुसूची में, कर्नाटक" शीर्षक और उसके अधीन प्रविष्टियों के पश्चात् निम्नलिखित
शीर्षक और प्रविष्टियां अन्तःस्थापित की जाएंगी, अर्थात् :-
तमिलनाडु
1. संविधान के अनुच्छेद 243थ में यथानिर्दिष्ट नगरपालिकाएं ।
2. पंचायत संघ परिषदें ।
3. छावनी बोर्ड ।
4. तमिलनाडु पंचायत अधिनियम, 1994 (1994 का तमिलनाडु अधिनियम 21) में निर्दिष्ट जिला पंचायतें ।"
5. 1951 के अधिनियम 43 की धारा 15क का संशोधन-लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 15क में, आंध्र प्रदेश की विधान परिषद् के गठन" शब्दों के पश्चात् और तमिलनाडु विधान परिषद् अधिनियम, 2010 के अधीन तमिलनाडु राज्य की विधान परिषद् के गठन" शब्द और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे ।
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