संयुक्त राष्ट्र (सुरक्षा परिषद्) अधिनियम, 1947
(1947 का अधिनियम सं० 43)1
[20 दिसंबर, 1947]
संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के कुछ उपबन्धों को प्रभावी करने के
निमित्त समर्थ बनाने के लिए
अधिनियम
संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के कुछ उपबन्धों को प्रभावी करने के लिए समर्थ बनाना समीचीन है;
अतः इसके द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित किया जाता है:
1. संक्षिप्त नाम-इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम संयुक्त राष्ट्र (सुरक्षा परिषद्) अधिनियम, 1947 है ।
2. संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुच्छेद 41 के अधीन कार्रवाइयां-यदि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद्, 1945 के जून के छब्बीसवें दिन सानफ्रांसिस्को में हस्ताक्षरित संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुच्छेद 41 के अधीन केन्द्रीय सरकार से यह अपेक्षा करती है कि वह उस परिषद् के किसी विनिश्चय को प्रभावी करने के लिए कोई कार्रवाइयां करे, जिनमें सशस्त्र बलों का उपयोग अन्तर्वलित नहीं है, तो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, ऐसे उपबन्ध (जिनमें राज्यक्षेत्रातीत प्रवर्तन वाले उपबन्ध भी हो सकेंगे) कर सकेगी जो उसे उन कार्रवाइयों को प्रभावपूर्ण ढंग से करने के लिए समर्थ बनाने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत हों तथा, पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उस आदेश के विरुद्ध कार्य करने वाले व्यक्तियों को दंडित करने के लिए उपबन्ध किया जा सकेगा ।
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- यह अधिनियम 1968 के अधिनियम सं० 26 की धारा 3 और अनुसूची द्वारा पांडिचेरी संघ राज्यक्षेत्र पर विस्तारित किया गया ।

