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भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 ( Part B States (Laws) Act, 1951 )


 

भाग राज्य (विधि) अधिनियम, 1951

(1951 का अधिनियम संख्यांक 3)

[22 फरवरी, 1951]

भाग राज्यों पर कुछ विधियों का विस्तार करने के

लिए उपबंध करने के लिए

अधिनियम

संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो: -

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 है ।

(2) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा जो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे ।

2. परिभाषा-इस अधिनियम में नियत दिन" से वह तारीख अभिप्रेत है जिसको यह अधिनियम प्रवृत्त होता है ।

3. कुछ अधिनियमों और अध्यादेशों का विस्तार तथा संशोधन-अनुसूची में विनिर्दिष्ट अधिनियमों और अध्यादेशों का संशोधन उनमें विनिर्दिष्ट रीति से तथा विस्तार तक किया जाएगा और उक्त प्रत्येक अधिनियम और अध्यादेश का प्रादेशिक विस्तार, नियत दिन से तथा जहां तक उक्त अधिनियमों या अध्यादेशों में से कोई या उनमें अन्तर्विष्ट उपबन्धों में से कोई उपबन्ध किसी ऐसे मामले से सम्बन्धित है, जिसके बारे में संसद् को विधि बनाने की शक्ति है, उस सीमा तक होगा जिस तक उसके इस प्रकार संशोधित विस्तार खण्ड में कहा गया है ।

4. ऐसी विधियों के प्रति निर्देशों का अर्थान्वयन जो भाग राज्यों में प्रवृत्त नहीं हैं-अनुसूची में विनिर्दिष्ट किसी अधिनियम या अध्यादेश के किसी ऐसी विधि के प्रति निर्देश का, जो भाग ख राज्य में प्रवृत्त नहीं है, उस राज्य के सम्बन्ध में, उस राज्य में प्रवृत्त तत्स्थानी विधि के बारे में, यदि कोई हो, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उसके प्रति निर्देश है ।

5. ऐसे प्राधिकरणों के प्रति निर्देशों का अर्थान्वयन जहां नए प्राधिकरणों का गठन किया गया है- किसी भाग ख राज्य में उस समय प्रवृत्त किसी विधि में किसी ऐसे प्राधिकरण के प्रति निर्देश का, चाहे वह किसी प्ररूप में हो, जो उस विधि के पारित होने की तारीख को उस राज्य में किसी शक्ति का प्रयोग या किन्हीं कृत्यों के निर्वहन के लिए सक्षम था और उस राज्य पर विस्तारित किसी नए अधिनियम या अध्यादेश द्वारा या उसके अधीन किसी तत्स्थानी नए प्राधिकरण का गठन किया गया है, वहीं प्रभाव होगा मानो वह उस नए प्राधिकरण के प्रति निर्देश हो । 

6. निरसन तथा व्यावृत्तियां-यदि नियत दिन के ठीक पूर्व भाग ख राज्य में ऐसी कोई विधि जो किसी ऐसे अधिनियमों या अध्यादेशों के तत्समान हो जिसका विस्तार उस राज्य पर किया गया है; तो वह विधि, [इस अधिनियम] मे जैसा अभिव्यक्त रूप से उपबंधित है, उसके सिवाय निरसित हो जाएगी: 

परन्तु ऐसा निरसन-

(क) इस प्रकार निरसित किसी विधि के पूर्व प्रवर्तन को या उसके अधीन सम्यक् रूप से की गई या सहन की गई किसी बात को प्रभावित नहीं करेगा, या 

(ख) इस प्रकार निरसित किसी विधि के अधीन अर्जित, प्रोद्भूत या उपगत किसी अधिकार, विशेषाधिकार, बाध्यता या दायित्व को प्रभावित नहीं करेगा, या 

(ग) इस प्रकार निरसित किसी विधि के विरुद्ध किए गए अपराध की बाबत किसी शास्ति, समपहरण या दण्ड को प्रभावित नहीं करेगा, या 

(घ) ऐसे किसी पूर्वोक्त अधिकार, विशेषाधिकार, बाध्यता, दायित्व, शास्ति, समपहरण या दण्ड की बाबत किसी अन्वेषण, विधिक कार्यवाही या उपचार को प्रभावित नहीं करेगा,

और ऐसे किसी अन्वेषण, विधिक कार्यवाही या उपचार को संस्थित, चालू या प्रवर्तित किया जा सकेगा और ऐसी किसी शास्ति, समपहरण या दण्ड को ऐसे अधिरोपित किया जा सकेगा मानो यह अधिनियम पारित ही नहीं हुआ हो: 

                परन्तु यह और कि पूर्वगामी परन्तुक के अधीन रहते हुए ऐसी किसी विधि के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्यवाही (जिसमें की गई कोई नियुक्ति या किया गया प्रत्यायोजन, जारी की गई अधिसूचना, आदेश, अनुदेश या निदेश; बनाए गए नियम, विनियम, प्ररूप, उपविधि या स्कीम, प्राप्त किया गया प्रमाणपत्र, मंजूर किया गया या रजिस्ट्री किया गया पेटेण्ट, अनुज्ञापत्र या अनुज्ञप्ति सम्मिलित है) ऐसे अधिनियम या अध्यादेश के, जिसका उस समय उस राज्य पर विस्तार है, तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई समझी जाएगी और तदनुसार तब तक प्रवृत्त रहेगी जब तक उक्त अधिनियम या अध्यादेश के अधीन की गई किसी बात या कार्यवाही द्वारा वह अतिष्ठित न कर दी जाए । 

7. कठिनाइयां दूर करने की शक्ति-(1) यदि किसी ऐसे अधिनियम या अध्यादेश के, जिसका उस समय उस राज्य पर विस्तार है, उपबंधों को किसी भाग ख राज्य में प्रभावी करने में कठिनाई उत्पन्न होती है तो केन्द्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचित आदेश द्वारा ऐसे उपबंध कर सकेगी या ऐसे निदेश दे सकेगी जो कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक प्रतीत हों । 

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसा अधिसूचित आदेश- 

(क) धारा 5 के अर्थ में तत्स्थानी प्राधिकरणों को विनिर्दिष्ट कर सकेगा; 

(ख) नियत दिन के ठीक पूर्व किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण के समक्ष लंबित किसी मामले को तत्स्थानी किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण को निपटारे के लिए अंतरण करने का उपबंध कर सकेगा ; 

(ग) ऐसे क्षेत्र या ऐसी परिस्थितियां विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिनमें अथवा उस विस्तार तक जिस तक या ऐसी शर्तें जिनके अधीन रहते हुए, उस धारा द्वारा निरसित किसी विधि के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्यवाही (जिसमें धारा 6 के द्वितीय परन्तुक में विनिर्दिष्ट मामलों में से कोई मामला सम्मिलित है) ऐसे अधिनियम या अध्यादेश के तत्स्थानी उपबंध के अधीन मान्य होगी या प्रभावी की जाएगी जिसका उस समय विस्तार किया गया है ।

अनुसूची

(धारा 3 देखिए)

अधिनियम

जाति निर्योग्यता निवारण अधिनियम, 1850

(1850 का अधिनियम संख्यांक 21)

बृहत् नाम और उद्देशिका-ऐसे राज्यक्षेत्रों के जो ईस्ट इंडिया कंपनी की सरकार के अधीन हों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-ऐसे राज्यक्षेत्रों के जो ईस्ट इंडिया कम्पनी की सरकार के अधीन हों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए और ईस्ट इंडिया कम्पनी के न्यायालयों में और उक्त राज्यक्षेत्र के भीतर रायल चार्टर द्वारा स्थापित न्यायालयों में" के स्थान पर किसी न्यायालय में" प्रतिस्थापित कीजिए ।   

धारा 1 के पश्चात्, निम्नलिखित धारा जोड़िए, अर्थात्: -

2. संक्षिप्त नाम और विस्तार-(1) यह अधिनियम जाति निर्योग्यता निवारण अधिनियम, 1850 कहा जा सकेगा । 

(2) इसका विस्तार जम्मू और कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर है ।"।

भारतीय घातक दुर्घटना अधिनियम, 1855

(1855 का अधिनियम संख्यांक 13)

धारा 1 को उसकी धारा 1क के रूप में पुनःसंख्यांकित कीजिए और इस प्रकार पुनःसंख्यांकित धारा 1क के पहले निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए, अर्थात्: -

1. संक्षिप्त नाम और विस्तार-(1) यह अधिनियम घातक दुर्घटना अधिनियम, 1855 कहा जा सकेगा । 

(2) इसका विस्तार जम्मू और कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर है ।"।

भारतीय दण्ड संहिता

(1860 का अधिनियम संख्यांक 45)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, संहिता में सभी स्थानों पर राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

उद्देशिका-भाग ख राज्यों के सिवाय संपूर्ण भारत पर " के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 17-भाग क" का लोप कीजिए । 

धारा 18 के स्थान पर-

18. भारत-भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय, भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है ।"

प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 75-खण्ड (क) के अन्त में, या" का लोप कीजिए और खण्ड (ख) को लोप कीजिए । 

धारा 124-राज्यपाल", जहां कहीं भी वह आता है, के स्थान पर राज्यपाल या राजप्रमुख" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 131-स्पष्टीकरण में, इंडियन आर्मी ऐक्ट, 1911" और इण्डियन एयर फोर्स ऐक्ट, 1932" के स्थान पर क्रमशः सेना अधिनियम, 1950" और वायुसेना अधिनियम, 1950" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 139-भारतीय सेना अधिनियम, 1911" और भारतीय वायुसेना अधिनियम, 1932" के स्थान पर क्रमशः सेना अधिनियम, 1950" और वायुसेना अधिनियम, 1950" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 216-या फ्यूगेटिव ऑफेंडर्स ऐक्ट, 1881 के अधीन" का लोप कीजिए । 

धारा 294-केन्द्रीय सरकार या भाग क राज्य या भाग ख राज्य की सरकार द्वारा संचालित लाटरी" के स्थान पर राज्य लाटरी" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 366-भारत के बाहर के किसी देश से" के पश्चात् या जम्मू-कश्मीर राज्य से" शब्द अन्तःस्थापित कीजिए और जो कोई भी ऐसे आशय या ज्ञान के साथ" प्रारम्भ होने वाले और या अन्य व्यक्ति द्वारा" पर समाप्त होने वाले शब्दों का लोप    कीजिए । 

प्रेस और पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1867

(1867 का अधिनियम संख्यांक 25)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, अधिनियम में सभी स्थानों पर राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

बृहत् नाम और उद्देशिका-भाग ख राज्यों के सिवाय संपूर्ण भारत" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-(1) सम्पादक" की परिभाषा के पश्चात्- 

भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है अन्तःस्थापित कीजिए । 

(2) राज्यों" की परिभाषा का लोप कीजिए । 

भारतीय विवाह विच्छेद अधिनियम, 1869

(1869 का अधिनियम संख्यांक 4)

बृहत् नाम-भारत में" का लोप कीजिए । 

धारा 2-भाग ख राज्यों के सिवाय " के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-(1) खण्ड (1) की मद (क) में, भाग क राज्य" के स्थान पर भारत क राज्य या भाग ख राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(2) मद (ख) में अजमेर" के स्थान पर अजमेर और विंध्य प्रदेश" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(3) मद (च) के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित कीजिए अर्थात्: -

(चच) मणिपुर और त्रिपुरा के संबंध में आसाम का उच्च न्यायालय ।"। 

धारा 17-किसी राज्य की ऐसी राज्य सरकार जिसके अन्दर लेटर पेटेण्ट द्वारा स्थापित कोई उच्च न्यायालय अधिकारिता का प्रयोग करता है" के स्थान पर उस राज्य की सरकार जिसके अन्दर कोई उच्च न्यायालय अधिकारिता का प्रयोग करता है," प्रतिस्थापित कीजिए और द्वितीय पैरा का लोप कीजिए। 

 

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

(1872 का अधिनियम संख्यांक 1)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, अधिनियम में हर स्थान पर राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-राज्य" और राज्यों" की परिभाषाओं के स्थान पर-

                भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 37-भाग क राज्य या भाग ग राज्य के विधान-मण्डल के अधिनियम" के स्थान पर राज्य अधिनियम" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 79-भाग ख राज्य के" के स्थान पर जम्मू कश्मीर राज्य के" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 86-(1) प्रथम पैरा में,-

(क) भाग ख राज्य या उसका" लोप कीजिए । 

(ख) ऐसे भाग ख राज्य या देश" के स्थान पर ऐसे देश" प्रतिस्थापित कीजिए; 

(ग) वह राज्य या देश" के स्थान पर वह देश" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(2) द्वितीय पैरा में, भाग ख राज्य या" का लोप कीजिए और उस भाग ख राज्य या देश में और के लिए" के स्थान पर उस देश में और के लिए" प्रतिस्थापित कीजिए । 

विशेष विवाह अधिनियम, 1872

(1872 का अधिनियम संख्यांक 3)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

(1872 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1- भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 10-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय क्रिश्चियन विवाह अधिनियम, 1872

(1872 का अधिनियम संख्यांक 15)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर ट्रावनकोर-कोचीन, मणिपुर और जम्मू-कश्मीर राज्यों के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

चर्च" की परिभाषा के पश्चात् निम्नलिखित परिभाषा अन्तःस्थापित कीजिए: -

भारत" से राज्यों में समाविष्ट वह राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है ।

धारा 5-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 27-भाग क राज्य और भाग ग राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1873

(1873 का अधिनियम संख्यांक 5)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1 के पश्चात् निम्नलिखित को धारा 2 के रूप में अन्तःस्थापित कीजिए: -

2. अधिनियम का अंचल बचत बैंक में की जमा राशियों को लागू होना-यह अधिनियम ट्रावनकोर-कोचीन राज्य के अंचल बचत बैंक में जमा की गई राशियों को लागू नहीं होगा, और इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 के प्रारम्भ होने के ठीक पहले उक्त राज्य में ऐसी जमा राशियों से सम्बद्ध कोई प्रवृत्त विधि उनको वैसे ही लागू होगी मानो वह विधि निरसित ही नहीं की गई थी ।"। 

इण्डियन ओथ्स ऐक्ट, 1873

(1873 का अधिनियम संख्यांक 10)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर मणिपुर और जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 4-परन्तुक के खण्ड (2) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में" का लोप कीजिए । 

विदेशी भर्ती अधिनियम, 1874

(1874 का अधिनियम संख्यांक 4)

बृहत् नाम, उद्देशिका और धारा 3-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए । 

भारतीय वयस्कता अधिनियम, 1875

(1875 का अधिनियम संख्यांक 9)

उद्देशिका और धारा 3-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापिति कीजिए ।

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 4-दृष्टांत (क) और (ख) में भाग क राज्य और भाग ग राज्यों में अधिवासी" के स्थान पर अधिवासी भारतीय है" प्रतिस्थापित कीजिए और सभी दृष्टांतों में, भाग क राज्य या भाग ग राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय निर्णय पत्रिका अधिनियम, 1875

(1875 का अधिनियम संख्यांक 18)

धारा 1- भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-भाग क राज्य के लिए किसी उच्च न्यायालय द्वारा उक्त दिन को या उसके पश्चात् विनिश्चय" के स्थान पर भाग क राज्य या भाग ख राज्य के लिए किसी उच्च न्यायालय द्वारा विनिश्चय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

स्पेसिफिक रिलीफ ऐक्ट, 1877

(1877 का अधिनियम संख्यांक 1)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

इण्डियन आर्मस् ऐक्ट 1878

(1878 का अधिनियम संख्यांक 11)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए ।

धारा 4- सैनिक भंडारों" की परिभाषा में, राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए और राज्यों" की परिभाषा का लोप कीजिए । 

धारा 6, धारा 10, धारा 27 और धारा 29-राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 11-राज्यों" के स्थान पर, जहां वे प्रथम बार आते हों, भारत" प्रतिस्थापित कीजिए और राज्यों और भारत के किसी अन्य भाग के बीच या" का लोप कीजिए । 

धारा 18-राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

विधि व्यवसायी अधिनियम, 1879

(1879 का अधिनियम संख्यांक 18)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 4 और धारा 5-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर वह राज्यक्षेत्र जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए ।

काजी अधिनियम, 1880

(1880 का अधिनियम संख्यांक 12)

धारा 1-किन्तु किसी अन्य भाग क राज्य या किसी भाग ग राज्य की सरकार" के स्थान पर किन्तु किसी अन्य राज्य की सरकार" प्रतिस्थापित कीजिए । 

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881

(1881 का अधिनियम संख्यांक 26)

धारा 1-भाग राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-राज्य" और राज्यों" की परिभाषाओं के स्थान पर भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है"' प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 20, धारा 136 और धारा 137-राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

 ।                             ।                              ।                              ।                              ।                              ।                              ।

धारा 134 और धारा 135 के दृष्टांतों में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 137-भाग ख राज्य" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय न्यास अधिनियम, 1882

(1882 का अधिनियम संख्यांक 2)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 20-(1) खण्ड (घ) में  भाग क राज्य के विधान-मंडल का अधिनियम"  के स्थान पर राज्य अधिनियम" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(2) खण्ड (ङ) में भाग क राज्य या भाग ग राज्य" के स्थान पर जिन राज्यक्षेत्रों पर इस अधिनियम का विस्तार है उनके किसी भी भाग में" प्रतिस्थापित कीजिए । 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882

(1882 का अधिनियम संख्यांक 4)

धारा 1-चौथे पैरा में", मुम्बई, पंजाब या दिल्ली" के स्थान पर उक्त राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-रजिस्ट्रीकृत" की परिभाषा में, भाग क राज्य या भाग ग राज्य" के स्थान पर ऐसे किसी राज्य के जिस पर अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 52-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों की सीमाओं के अन्दर" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत की सीमाओं के अन्दर" प्रतिस्थापित कीजिए । 

मुखतारनामा अधिनियम, 1882

(1882 का अधिनियम संख्यांक 7)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

भारतीय विस्फोटक अधिनियम, 1884

(1884 का अधिनियम संख्यांक 4)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए । 

धारा 4 और धारा 5-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों” के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

 

भारतीय तार अधिनियम, 1885

(1885 का अधिनियम संख्यांक 13)

धारा 1-हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए । 

धारा 3-खण्ड (8) का लोप कीजिए । 

धारा 35 का लोप कीजिए । 

पुलिस अधिनियम, 1888

(1888 का अधिनियम संख्यांक 3)

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है, और जहां तक इसके उपबन्ध किसी राज्य के पुलिस बल के सदस्यों की शक्ति और अधिकारिता के राज्य के बाहर के रेल क्षेत्रों तक विस्तार के सम्बन्ध में है इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य पर भी है ।"। 

धारा 1 का लोप कीजिए । 

इण्डियन मर्केनडाइज मार्क्स ऐक्ट, 1889

(1889 का अधिनियम संख्यांक 4)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-खण्ड (6) के स्थान पर- 

'(6) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है ।"' 

प्रतिस्थापित कीजिए ।

पूर्त विन्यास अधिनियम, 1890

(1890 का अधिनियम संख्यांक 6)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

संरक्षक और प्रतिपाल्य अधिनियम, 1890

(1890 का अधिनियम संख्यांक 8)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" जहां वे प्रथम बार आते हैं, के स्थान पर, किसी भी राज्य के जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए और भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में स्थापित" का लोप कीजिए । 

धारा 4-खण्ड (7) का लोप कीजिए । 

धारा 5 का लोप कीजिए । 

धारा 6-जो यूरोपीय ब्रिटिश प्रजा नहीं है" का लोप कीजिए ।

धारा 11-भाग क राज्य या भाग ग राज्य" के स्थान पर किसी ऐसे राज्य में जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 15-उपधारा (2) और उपधारा (3) का लोप कीजिए । 

धारा 17-उपधारा (4) का लोप कीजिए । 

धारा 19-खण्ड (ख) में, यूरोपीय ब्रिटिश प्रजा की बाबत इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए" का लोप कीजिए । 

 

 

भारतीय रेल अधिनियम, 1890

(1890 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए । 

धारा 47-उपधारा (1) में, किसी राज्य सरकार या किसी भाग ख राज्य की सरकार" के स्थान पर या राज्य सरकार" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 59 उक्त उपधारा (5) में, भारतीय प्रादेशिक बल या भारतीय सहायक बल" के स्थान पर प्रादेशिक सेना या राष्ट्रीय कैडेट कोर" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 144 का लोप कीजिए । 

बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम, 1891

(1891 का अधिनियम संख्यांक 18)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

विभाजन अधिनियम, 1893

(1893 का अधिनियम संख्यांक 4)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

पशुधन आयात अधिनियम, 1898

(1898 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर-

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण भाग क राज्यों, भाग ग राज्यों और सौराष्ट्र तथा ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों पर है ।"

प्रतिस्थापित कीजिए ।

भारतीय पथ-कर (सेना और वायुसेना) अधिनियम, 1901

(1901 का अधिनियम संख्यांक 2)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए ।

धारा 2-(1) खण्ड (घ) के स्थान पर-

'(घ) नियमित बल" पद से सेना अधिनियम, 1950 (1950 का 46) की धारा 3 के खण्ड (न्न्त्) में यथापरिभाषित नियमित सेना" अभिप्रेत है, और इसमें वायुसेना अधिनियम, 1950 (1950 का 45) की धारा 4 के खण्ड (4) में यथापरिभाषित वायुसेना" भी है ।"'

प्रतिस्थापित कीजिए ।

(2) खण्ड (च) में, सहायक बल (भारत) या भारतीय प्रादेशिक बल" के स्थान पर प्रादेशिक सेना या राष्ट्रीय कैडेट कोर" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(3) खण्ड (छ) में, भारतीय नियमित आफिसर रिजर्व" के स्थान पर नियमित आफिसर रिजर्व" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-(1) खण्ड (ख) में, सहायक बल (भारत) या भारतीय प्रादेशिक बल" के स्थान पर प्रादेशिक सेना या राष्ट्रीय कैडेट कोर" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(2) खण्ड (घ) के उपखण्ड (ii) के स्थान पर-

(ii)  प्रादेशिक सेना या राष्ट्रीय कैडेट कोर" प्रतिस्थापित कीजिए ।"

(3) किसी भाग क राज्य या भाग ख राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

 

प्राचीन संस्मारक परिरक्षण अधिनियम, 1904

(1904 का अधिनियम संख्यांक 7)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 17-राज्यक्षेत्र जो तत्समय भाग क और भाग ग राज्यों में समाविष्ट है" के स्थान पर उन राज्यक्षेत्रों में, जिन पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

प्राचीन संस्मारक परिरक्षण अधिनियम, 1906

(1906 का अधिनियम संख्यांक 3)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 23-राज्यों" के स्थान पर उन राज्यक्षेत्रों में जिन पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 23 के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित कीजिए, अर्थात्: -

24. कतिपय भाग राज्यों के सिक्कों के बारे में अस्थायी उपबन्ध- भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 की धारा 6 में किसी बात के होते होते हुए भी, ऐसे वर्णन के सिक्के, जो उक्त अधिनियम के प्रारंभ पर किसी भाग ख राज्य में वैध निविदा के रूप में परिचालन में थे, उस राज्य में उसी सीमा तक और उन्हीं शर्तों के अध्यधीन रहते हुए जो उक्त अधिनियम के प्रारंभ से ठीक पूर्ण लागू थीं, ऐसे प्रारंभ से दो वर्ष से अनधिक की ऐसी अवधि के लिए वैध निविदा बने रहेंगे, जिसे केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अवधारित करे ।"।

विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908

(1908 का अधिनियम संख्यांक 6)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय” का लोप कीजिए और जहां कहीं भी वे हो" के स्थान पर भारत के बाहर" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 4-भाग क या भाग ग राज्य" और ऐसे किसी राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

इंडियन लिमिटेशन ऐक्ट, 1908

(1908 का अधिनियम संख्यांक 9)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में, राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-(1) खंड (6) में, किसी भाग ख राज्य" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए ।  

(2) खण्ड (9क) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए, अर्थात्: -

'(9क) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है ।"'। 

धारा 29 के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित कीजिए- 

30. ऐसे राज्यों के लिए उपबन्ध जिनके लिए विहित अवधि भाग राज्यों में पहले प्रवृत्त किसी विधि द्वारा विहित अवधि से कम है-इसमें अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, कोई वाद, जिसके लिए इस अधिनियम द्वारा विहित परिसीमा की अवधि भाग ख राज्य में प्रवृत्त इस अधिनियम के तत्समान किसी विधि द्वारा विहित परिसीमा की अवधि की अपेक्षा कम है और जो भाग ख  राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 द्वारा निरसित की गई है उस भाग ख राज्य में इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के आगामी दो वर्षों के पश्चात् की अवधि में या ऐसे तत्समान विधि द्वारा ऐसे वाद के लिए विहित अवधि में, जो भी अवधि पहले समाप्त हो, संस्थित किया जा सकेगा ।" 

भारतीय पत्तन अधिनियम, 1908

(1908 का अधिनियम संख्यांक 15)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में, राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-खण्ड (10) का लोप कीजिए । 

 

 

भारतीय रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908

(1908 का अधिनियम संख्यांक 16)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में, राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए, अर्थात्: -

(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है: 

परन्तु राज्य सरकार किन्हीं जिलों या देश के किन्हीं भू-भागों को इसके प्रवर्तन से अपजर्विज कर सकेगी ।"।

धारा 2-(1) खण्ड (6) के पश्चात् '(6क) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य का अपवर्जन करके भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है ।"' अंतःस्थापित कीजिए ।

(2) खण्ड (11) का लोप कीजिए । 

धारा 33-(1) उपधारा (1) के खण्ड (ख) में, राज्यों के किसी अन्य भाग में निवास करता है" के स्थान पर भारत के किसी ऐसे भाग में निवास करता है, जिसमें इस अधिनियम का प्रवर्तन नहीं है" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(2) उपधारा (1) के पश्चात् निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित कीजिए, अर्थात्: -

'स्पष्टीकरण-इस उपधारा में, भारत" से साधारण खण्ड अधिनियम, 1897 (1897 का 10) की धारा 3 के खण्ड (28) में यथापरिभाषित भारत" अभिप्रेत है ।"' 

भारतीय विद्युत् अधिनियम, 1910

(1910 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 35-उपधारा (1) के स्थान पर (1) केन्द्रीय सरकार, उन संपूर्ण राज्यक्षेत्रों के लिए जिन पर, इस अधिनियम का विस्तार है या उनके किसी भाग के लिए तथा प्रत्येक राज्य सरकार, संपूर्ण राज्य या उसके किसी भाग के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा एक सलाहकार बोर्ड गठित कर सकेगी ।" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 36-उपधारा (2) में, -

(i)  तेरह" के स्थान पर बीस" प्रतिस्थापित कीजिए; 

(ii)  खण्ड (ख) के स्थान पर (ख) राज्यों में से प्रत्येक की, जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है, सरकार द्वारा नामनिर्देशित किए जाने वाला एक सदस्य ।" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 37-उन राज्यक्षेत्रों के जो तत्समय भाग क राज्यों और ग राज्यों या ऐसे राज्यक्षेत्रों के किसी भाग में समाविष्ट है" के स्थान पर उन सम्पूर्ण राज्यक्षेत्रों के लिए जिन पर इस अधिनियम का विस्तार है या उनके किसी भाग के लिए" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय पेटेंट और डिजाइन अधिनियम, 1911

(1911 का अधिनियम संख्यांक 2)

धारा 2-खण्ड (7) में, -

(i)  मद (ख) में, अजमेर" के स्थान पर अजमेर और विंध्य प्रदेश" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ii)  मद (ग) में, और विंध्य प्रदेश" का लोप कीजिए । 

धारा 2 का लोप कीजिए ।

धारा 79 के पश्चात्, निम्नलिखित को धारा 80 के रूप में अंतःस्थापित कीजिए, अर्थात्: -

 

 

80. निरसन और व्यावृत्ति- 

(1) यदि अप्रैल, 1950 के अट्ठारहवें दिन के ठीक पूर्व, किसी भाग ख राज्य में, जिस पर कि इस अधिनियम का विस्तार है, इस अधिनियम की तत्स्थानी कोई विधि प्रवृत्त है, तो वह तत्स्थानी विधि उक्त तारीख से निरसित समझी जाएगी:  

परन्तु ऐसा निरसन निम्नलिखित पर प्रभाव नहीं डालेगा: -

(क) ऐसी किसी विधि का पूर्व प्रवर्तन जो इस प्रकार निरसित की गई हो या उस निरसित विधि के अधीन सम्यक् रूप से की गई या सहन की गई कोई बात; या 

(ख) इस प्रकार निरसित किसी विधि के अधीन अर्जित, प्रोद्भूत या उपगत कोई अधिकार, विशेषाधिकार, बाध्यता या दायित्व; या 

(ग) इस प्रकार निरसित किसी विधि के विरुद्ध किए गए किसी अपराध की बाबत उपगत कोई शास्ति, समपहरण या दण्ड; या 

(घ) पूर्वोक्त किसी अधिकार, विशेषाधिकार, बाध्यता, दायित्व, शास्ति, समपहरण, या दण्ड की बाबत कोई अन्वेषण, विधिक कार्यवाही या उपचार, और ऐसा कोई अन्वेषण, विधिक कार्यवाही या उपचार इस प्रकार संस्थित किया जा सकेगा, चालू रखी जा सकेगी या प्रवर्तित किया जा सकेगा और ऐसी कोई शास्ति, समपहरण या दण्ड इस प्रकार अधिरोपित किया जा सकेगा मानो यह अधिनियम सम्बद्ध भाग ख राज्य में प्रवृत्त ही न हुआ हो:

                परन्तु यह और कि पूर्वगामी परन्तुक के अधीन रहते हुए ऐसी किसी तत्स्थानी विधि के अधीन की गई कोई बात या कार्यवाही, जिसके अन्तर्गत किया गया कोई पेटेन्ट, परमिट या अनुज्ञप्ति या किया गया रजिस्ट्रीकरण भी है, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन की गई समझी जाएगी जिसका अब उस राज्य पर विस्तार किया गया है और तद्नुसार वह तब तक प्रवृत्त बनी रहेगी जब तक वह इस अधिनियम के अधीन की गई किसी बात का कार्यवाही द्वारा अंतिष्ठित न कर दी जाए । 

(2) भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 की धारा 6 में अन्तर्विष्ट कोई बात इस अधिनियम के सम्बन्ध में प्रभाव नहीं डालेगी ।"।

भारतीय पागलपन अधिनियम, 1912

(1912 का अधिनियम संख्यांक 4)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में, राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-उपधारा (1) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3- (1) खण्ड (4) के पश्चात् (4क) अंतःस्थापित कीजिए- 

'(4क) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है;"' । 

(2) खण्ड (13) का लोप कीजिए । 

धारा 91-उपधारा (1) के खण्ड (क) में भाग क राज्य के लिए" का लोप कीजिए । 

शासकीय न्यासी अधिनियम, 1913

(1913 का अधिनियम संख्यांक 2)

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-(1) खंड (1) में, भाग क राज्य" के स्थान पर भाग क राज्य या भाग ख राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(2) खण्ड (2) में- 

(i)  मद (क) में, भाग क राज्य" के स्थान पर भाग क राज्य या भाग ख राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ii)  मद (ख) में, अजमेर" के स्थान पर अजमेर और विंध्य प्रेदश" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(iii)  मद (छ) के पश्चात्- 

(ज) मणिपुर और त्रिपुरा के सम्बन्ध में असम का उच्च न्यायालय" अन्तःस्थापित कीजिए । 

 

एडमिनिस्ट्रेटर जनरलस ऐक्ट 1913

(1913 का अधिनियम संख्यांक 3)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-(1) खंड (3) के स्थान पर प्रतिस्थापित कीजिए-'(3) किसी राज्य के सम्बन्ध में सरकार या वह सरकार" से राज्य सरकार" अभिप्रेत है । 

(2) खण्ड (12) में- 

(i)  मद (क) में, भारत क राज्य" के स्थान पर भाग क राज्य या भाग ख राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए; 

(ii)  मद (ख) में, अजमेर" के स्थान पर अजमेर और विंध्य प्रेदश" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(iii)  मद (छ) के पश्चात्- 

(ज) मणिपुर और त्रिपुरा के सम्बन्ध में असम का उच्च न्ययालय" अन्तःस्थापित कीजिए । 

धारा 15 और 16-इंडियन आर्मी ऐक्ट, 1911 (1911 का 8) या इण्डियन एयर फोर्स ऐक्ट, 1932 (1932 का 14)" के स्थान पर सेना और वायुसेना (प्राइवेट सम्पत्ति का व्ययन) अधिनियम, 1950 (1950 का 40)" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 17-(क) इंडियन आर्मी ऐक्ट, 1911 (1911 का 8) और इण्डियन एयर फोर्स ऐक्ट, 1932 (1932 का 14)" के स्थान पर सेना और वायुसेना (प्राइवेट सम्पत्ति का व्ययन) अधिनियम, 1950 (1950 का 40)" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(ख) भारतीय आयुक्त आफिसर" और भारतीय वायुसेना" के स्थान पर क्रमशः आयुक्त आफिसर" और वायुसेना" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 38-भाग क या भाग ग राज्य" के स्थान पर कोई राज्य जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए, और भारत या भाग ख राज्यों में" के स्थान पर भारत या जम्मू-कश्मीर राज्य में" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 57-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में सम्माविष्ट राज्यक्षेत्रों" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्र जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 59-उपधारा (2) का लोप कीजिए ।      

इण्डियन कम्पनीज ऐक्ट, 1913

(1913 का अधिनियम संख्यांक 7)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-उपधारा (3) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-(1) खंड (7) के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए- 

'(7क) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है ।"'। 

(2) खंड (16क) का लोप कीजिए धारा 2क के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए: -

2ख. भाग राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 के प्रारम्भ के पूर्व भाग राज्यों में रजिस्ट्रीकृत कम्पनियों के लिए उपबन्ध-इस अधिनियम में या उस समय प्रवृत्त किसी विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 के प्रारम्भ के ठीक पूर्व भाग ख राज्य में प्रवृत्त इस अधिनियम के तत्स्थानी किसी विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत कम्पनी, इस अधिनियम के अधीन इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए निगमित और रजिस्ट्रीकृत कंपनी समझी जाएगी:

                परन्तु केन्द्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा ऐसी किसी कम्पनी को इस अधिनियम द्वारा कम्पनियों के ऊपर अधिरोपित किसी बाध्यता से ऐसी अवधि या अवधियों के लिए जो योग में एक वर्ष से अधिक न हो, जैसा वह ठीक समझे, छूट दे सकेगी ।"।

धारा 144-उपधारा (1) के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए- 

(2) उपधारा (1) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किन्तु उपधारा (2क) के अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन रहते हुए भाग ख राज्य  (विधि) अधिनियम, 1951 के प्रारम्भ के ठीक पूर्व भाग ख राज्य के संपूर्ण या उसके किसी भाग में प्रवृत्त किसी विधि के अधीन अनुदत्त प्रमाणपत्र का धारक, जिसे उस राज्य या उसके किसी भाग में उसे कम्पनियों के लेखापरीक्षक के रूप में कार्य करने के लिए हकदार बनाती है, उस राज्य में किसी रजिस्ट्रीकृत कंपनियों के लेखापरीक्षक के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किए जाने का हकदार होगा । 

(2क) केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए भाग ख राज्यों में व्यक्तियों को लेखापरीक्षक प्रमाणपत्र के अनुदान, नवीकरण, निलंबन या रद्दकरण के लिए उपबंध करने के लिए नियम बना सकेगी और ऐसे अनुदान, नवीकरण, निलम्बन या रद्दकरण के लिए शर्तें और निर्बन्धन विहित कर सकेगी ।"। 

धारा 245-उपधारा (1) के पश्चात् निम्नलिखित स्पष्टीकरण अन्तःस्थापित कीजिए: -

'स्पष्टीकरण-इस उपधारा में भारत" के अन्तर्गत जम्मू-कश्मीर राज्य भी है ।"'।

नाशक कीट और नाशक जीव अधिनियम, 1914

(1914 का अधिनियम संख्यांक 2)

बृहत् नाम-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

उद्देशिका-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में समाविष्ट राज्यक्षेत्रों (इसमें इसके पश्चात् इस अधिनियम में उसे उक्त राज्यक्षेत्र निर्देशित किया गया है)" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-धारा 1 को उस धारा की उपधारा (1) के रूप में पुनःसंख्यांकित कीजिए और इस प्रकार पुनःसंख्यांकित उपधारा (1) के पश्चात्- 

(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर है ।"

अन्तःस्थापित । 

धारा 2-खण्ड (घ) के स्थान पर- 

'(घ) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है "'

प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-उपधारा (1) में उक्त राज्यक्षेत्रों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 4-(क) किसी भाग ख राज्य" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(ख) उक्त राज्यक्षेत्रों" जहां कहीं भी वे आते हैं, के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ग) ऐसे भाग ख राज्य" के स्थान पर उक्त राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 5-राज्यों से भाग ख राज्य को" के स्थान पर भारत से जम्मू-कश्मीर राज्य को" प्रतिस्थापित कीजिए । 

इण्डियन कापीराइट ऐक्ट, 1914

(1914 का अधिनियम संख्यांक 3)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, संपूर्ण अधिनियम में राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-(क) खण्ड (1) के पश्चात्-

'(1क) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है;" अन्तःस्थापित कीजिए;  

(ख) खण्ड (3) का लोप कीजिए । 

चलचित्र अधिनियम, 1918

(1918 का अधिनियम संख्यांक 2)

धारा 1-उपधारा (2) में हैदराबाद और" का लोप कीजिए ।

पूर्त और धार्मिक न्यास अधिनियम, 1920

(1920 का अधिनियम संख्यांक 14)

धारा 1-उपधारा (2) में भाग ख राज्यों" के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय रेड क्रास सोसाइटी अधिनियम, 1920

(1920 का अधिनियम संख्यांक 15)

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर-

(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर है और इसका विस्तार उस विस्तार तक है जहां तक इसके उपबंध किसी ऐसे विषय से संबंधित हैं, जिसके बारे में संसद् को उस राज्य के लिए विधि बनाने की शक्ति है और इसका विस्तार उस राज्य पर भी है ।"

प्रतिस्थापित कीजिए । 

इण्डियन पासपोर्ट ऐक्ट, 1920

(1920 का अधिनियम संख्यांक 34)

धारा 1-उपधारा (2) में हैदराबाद राज्य को छोड़कर" का लोप कीजिए । 

धारा 6 का लोप कीजिए । 

भरणपोषण आदेश प्रवर्तन अधिनियम, 1921

(1921 का अधिनियम संख्यांक 18)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, संपूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

बृहत् नाम और उद्देशिका-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए, और किसी भाग ख राज्य या" का लोप कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्य के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-(क) आश्रितों" की परिभाषा के पश्चात्- 

'भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है;"'

अंतःस्थापित कीजिए । 

(ख) राज्यों" की परिभाषा का लोप कीजिए । 

धारा 3-उपधारा (2) में या किसी भाग ख राज्य की बाबत" और या राज्य" का लोप कीजिए । 

इण्डियन माइन्स ऐक्ट, 1923

(1923 का अधिनियम संख्यांक 4)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-खंड (i) में, भाग क राज्य के विधान-मंडल का अधिनियम" के स्थान पर राज्य अधिनियम" प्रतिस्थापित कीजिए ।

भारतीय बायलर अधिनियम, 1923

(1923 का अधिनियम संख्यांक 5)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 27-उपधारा (2) में, -

(क) बारह" के स्थान पर उन्नीस" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ख) खंड (ख) में, प्रत्येक भाग क राज्य का" के स्थान पर प्रत्येक भाग क राज्य या भाग ख राज्य का"

प्रतिस्थापित कीजिए ।  

 

कर्मकार प्रतिकर अधिनियम, 1923

(1923 का अधिनियम संख्यांक 8)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 2-उपधारा (1) के खंड (i) में, भाग क राज्य" के स्थान पर भाग क राज्य या भाग ख राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 15-उपधारा (4) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" का लोप कीजिए । 

धारा 35-उपधारा (1) में, -

(क) किसी भाग ख राज्य को या" का लोप कीजिए;

(ख) ऐसे राज्य, भाग या देश" के स्थान पर ऐसा भाग या देश" प्रतिस्थापित कीजिए; 

(ग) भाग क राज्य या भाग ग राज्य", जहां कहीं वे आते हैं, के स्थान पर कोई राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए; और

(घ) किसी भाग ख राज्य में" का लोप कीजिए ।  

इण्डियन काटन सेस ऐक्ट, 1923

(1923 का अधिनियम संख्यांक 14)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-खंड (ङ) में, इंडियन फैक्ट्रीज ऐक्ट, 1911" के स्थान पर कारखाना अधिनियम, 1948" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-उपधारा (1) और उपधारा (2) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में समाविष्ट राज्यक्षेत्रों को" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्रों को, जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 4-खंड (i) में, इम्पीरियल काउंसिल आफ एग्रीकल्चरल रिसर्च" के स्थान पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923

(1923 का अधिनियम संख्यांक 19)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, संपूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर (2) इसका विस्तार संपूर्ण भारत पर है और यह सरकार के सेवकों और भारत से बाहर भारत के नागरिकों पर भी लागू होता है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-खंड (9क) का लोप कीजिए ।

भारतीय सैनिक (मुकदमा) अधिनियम, 1925

(1925 का अधिनियम संख्यांक 4)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 2-खंड (ख) में, इंडियन आर्मी ऐक्ट, 1911 (1911 का 8) या इंडियन एयर फोर्स ऐक्ट, 1932 (1932 का 14)" के स्थान पर सेना अधिनियम, 1950 (1950 का 46) या वायुसेना अधिनियम, 1950 (1950 का 45)" प्रतिस्थापित कीजिए।

कपास ओटाई और दबाई कारखाना अधिनियम, 1925

(1925 का अधिनियम संख्यांक 12)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 12-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर जिन राज्यक्षेत्रों पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

 

भविष्य निधि अधिनियम, 1925

(1925 का अधिनियम संख्यांक 19)

                धारा 1- भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 2-खंड (च) के उपखंड (i) में भाग क राज्य भाग ग राज्य" के स्थान पर भारत के किसी भाग" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925

(1925 का अधिनियम संख्यांक 39)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, संपूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।  

धारा 2-(क) खंड (ग) के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए । 

'(गग) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है;"'; 

(ख) खंड (छ) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

'(छ) राज्य" के अन्तर्गत भारत का ऐसा कोई भाग है जिसमें अन्तिम अधिकारिता वाला न्यायालय है;"' । 

धारा 382-धारा 382 के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए- 

382. विदेशी राज्य में भारतीय प्रतिनिधि द्वारा और कतिपय अन्य मामलों में अनुदत्त या विस्तारित प्रमाणपत्र का प्रभाव-जहां परिस्थितियों में यथासंभव अनुसूची 8 के प्ररूप में कोई प्रमाणपत्र किसी विदेशी राज्य के भीतर किसी निवासी को, उस राज्य में प्रत्यायित किसी भारतीय प्रतिनिधि द्वारा या भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951  (1951 का 3) के प्रारम्भ के पूर्व किसी भाग ख राज्य के भीतर किसी निवासी को उस राज्य के जिला न्यायाधीश द्वारा अनुदत्त किया गया है या जहां इस प्रकार अनुदत्त प्रमाणपत्र भारतीय प्रतिनिधि द्वारा या उक्त अधिनियम के प्रारंभ के पूर्व ऐसे न्यायाधीश द्वारा ऐसे प्ररूप में विस्तारित किया गया है, वहां उस प्रमाणपत्र को, अब उस पर इस भाग के  अधीन प्रमाणपत्रों की बाबत न्यायालय फीस अधिनियम, 1870 (1870 का 7) के उपबन्धों के अनुसार स्टाम्प लगा दिया गया है, भारत में वही प्रभाव होगा जैसा इस भाग के अधीन अनुदत्त या विस्तारित प्रमाणपत्र का होता है । 

भारतीय व्यवसाय संघ अधिनियम, 1926

(1926 का अधिनियम संख्यांक 16)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

लीगल प्रैक्टिशनर्स (फीस) ऐक्ट, 1926

(1926 का अधिनियम संख्यांक 21)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

इण्डियन बार काउन्सिल ऐक्ट, 1926

(1926 का अधिनियम संख्यांक 38)

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर है और यह जम्मू-कश्मीर राज्य से भिन्न भारत के हर एक भाग क राज्य और हर एक भाग ख राज्य के उच्च न्यायालय को लागू होगा और भाग ग राज्यों के ऐसे न्यायिक आयुक्त न्यायालयों को भी लागू होगा जिन्हें केन्द्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा यह घोषित कर दे कि इन उच्च न्यायालयों को भी यह अधिनियम लागू है ।"। 

धारा 8-उपधारा (4) के परन्तुक में, और महाधिवक्ता के सिवाय किंग के सिवाय किंग के परामर्शी को अन्य सभी अधिवक्ताओं की अपेक्षा पूर्व सुनवाई का अधिकार होगा" का लोप कीजिए ।

 

बाल विवाह अवरोध अधिनियम, 1929

(1929 का अधिनियम संख्यांक 19)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

भारतीय माल विक्रय अधिनियम, 1930

(1930 का अधिनियम संख्यांक 3)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

इण्डियन लाख सेस ऐक्ट, 1930

(1930 का अधिनियम संख्यांक 24)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-भाग क राज्य या भाग ग राज्य में" का लोप कीजिए । 

भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932

(1932 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 69-उपधारा (4) के खण्ड (क) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर उन राज्यक्षेत्रों में जिन पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए और ऐसे राज्यों" के स्थान पर उक्त राज्यक्षेत्रों" प्रतिस्थापित कीजिए । 

दि डिस्ट्रिक्ट्स इमीग्रेन्ट लेबर ऐक्ट, 1932

(1932 का अधिनियम संख्यांक 22)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 2-(क) खण्ड (ग) के स्थान पर प्रतिस्थापित कीजिए । 

'(ग) भर्ती राज्य" से असम से भिन्न कोई राज्य अभिप्रेत है;"';

(ख) खण्ड (च) में, या किसी भाग ख राज्य में" का लोप कीजिए; और किसी भाग क या भाग ग राज्य के किसी भाग" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्रों का कोई भाग जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

बालक (श्रम गिरवीकरण) अधिनियम, 1933

(1933 का अधिनियम संख्यांक 2)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933

(1933 का अधिनियम संख्यांक 17)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए ।

भारतीय डॉक श्रमिक अधिनियम, 1934

(1934 का अधिनियम संख्यांक 19)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए । 

भारतीय विमानवहन अधिनियम, 1934

(1934 का अधिनियम संख्यांक 20)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए । 

धारा 2 और धारा 3-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

द्वितीय अनुसूची-पैरा 2 और पैरा 4 में, राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

भारतीय वायुयान अधिनियम, 1934

(1934 का अधिनियम संख्यांक 22)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए । 

पेट्रोलियम अधिनियम, 1934

(1934 का अधिनियम संख्यांक 30)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 2-(क) खंड (घ) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

'(घ) पैट्रोलियम का परिवहन करना" से उन राज्यक्षेत्रों में जिन पर इस अधिनियम का विस्तार है, एक स्थान से दूसरे स्थान को पैट्रोलियम का ले जाना अभिप्रेत है और उसमें उक्त राज्यक्षेत्रों में एक स्थान से दूसरे स्थान को समुद्र द्वारा ले जाना या भारत के ऐसे राज्यक्षेत्र के बाहर जिस पर इस अधिनियम का विस्तार नहीं है, ले जाना भी है;"'; 

(ख) खंड (ङ) में राज्यों" के स्थान पर राज्यक्षेत्रों, जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ग) खंड (i) का लोप कीजिए । 

इण्डियन नेवी (डिसिप्लीन) ऐक्ट, 1934

(1934 का अधिनियम संख्यांक 34)

धारा 67-किसी भाग क राज्य भाग ग राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 70-भाग क राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 80-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

पारसी विवाह और विवाह-विच्छेद अधिनियम, 1936

(1936 का अधिनियम संख्यांक 3)

धारा 1-उपधारा (2) में, इसका विस्तार भाग ग राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है और भारत के पारसी नागरिकों के बारे में, सम्पूर्ण भारत पर है" के स्थान पर इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 29-उपधारा (2) और उपधारा (3) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर राज्यक्षेत्रों, जिन पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

मजदूरी संदाय अधिनियम, 1936

(1936 का अधिनियम संख्यांक 4)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

कृषि उपज श्रेणीकरण और चिह्नांकन अधिनियम, 1937

(1937 का अधिनियम संख्यांक 1)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

माध्यस्थम् (प्रोटोकोल और अभिसमय) अधिनियम, 1937

(1937 का अधिनियम संख्यांक 6)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए। 

धारा 2-'(1) राज्य" से भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में उस समय समाविष्ट राज्यक्षेत्र अभिप्रेत हैं, और (2)"' का लोप कीजिए ।

 

युद्धाभ्यास और खुले क्षेत्र में गोला चलाने तथा तोप दागने का अभ्यास अधिनियम, 1938

(1938 का अधिनियम संख्यांक 5)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए । 

दण्ड विधि संशोधन अधिनियम, 1938

(1938 का अधिनियम संख्यांक 20)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए । 

नियोजक-दायित्व अधिनियम, 1938

(1938 का अधिनियम संख्यांक 24)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

बालक नियोजन अधिनियम, 1938

(1938 का अधिनियम संख्यांक 26)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

मोटर यान अधिनियम, 1939

(1939 का अधिनियम संख्यांक 4)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, सम्पूर्ण अधिनियिम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-(क) उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(ख) उपधारा (3) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

(3) किसी ऐसे भाग ख राज्य में जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है, अध्याय 8 तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक केन्द्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा ऐसा निदेश नहीं देती है, और भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 की धारा 6 द्वारा उस समय प्रवृत्त किसी राज्य में विधि का निरसन होते हुए भी जो मोटर यान अधिनियम, 1939 के तत्समान हो, जहां तक यह तीसरे पक्ष की जोखिम के विरुद्ध मोटर यान के बीमा की अपेक्षा करता है या संबंधित है, जब तक अध्याय 8 उस राज्य में प्रभावी नहीं होता तब तक वह इस प्रकार प्रभाव रखेगा मानो उसे अधिनियम में पारित किया गया हो ।"। 

धारा 2-(क) खण्ड (9) के पश्चात्-

'(9क) भारत" से वह राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है ।"';

अन्तःस्थापित कीजिए ।

(ख) खण्ड (29क) का लोप कीजिए । 

धारा 9-(क) उपधारा (2) में, किसी भाग ख राज्य में" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य में" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ख) उपधारा (4) में, -

(i)  किसी भाग ख राज्य या" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य या कोई" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(ii)  किसी राज्य में" और ऐसे किसी राज्य में" के स्थान पर राज्य में" प्रतिस्थापित कीजिए ।  

धारा 28-(क) उपधारा (2) में, कोई भाग ख राज्य" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ख) उपधारा (5) में, -

(i)  किसी भाग ख राज्य या" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य या कोई" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ii)  ऐसे राज्य में रजिस्ट्रीकरण" और किसी राज्य में रजिस्ट्रीकरण" के स्थान पर राज्य में रजिस्ट्रीकरण" प्रतिस्थापित कीजिए; और 

(iii)  ऐसे किसी राज्य में जारी किए गए" के स्थान पर राज्य में जारी किए गए" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 42-उपधारा (3) में- 

(i)  खण्ड (क) में, भाग क राज्य की सरकार" के स्थान पर राज्य सरकार" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ii)  खण्ड (ज) में, किसी भाग ख राज्य या" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य या कोई" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 133-भाग क राज्य का विधान-मंडल" के स्थान पर राज्य विधान-मंडल" प्रतिस्थापित कीजिए ।

छठवीं अनुसूची-सारणी के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

असम

ए० एस०

बिहार

बी० आर०

मुम्बई

बी० एम०, बी० वाई०

मध्य प्रदेश

सी० पी०, एन० पी०

मद्रास

एम० डी०, एम० एस०

उड़ीसा

ओ० आर०

पंजाब

पी० एन०

उत्तर प्रदेश

यू० पी०, यू० एस०

पश्चिमी बंगाल

डब्लू० बी०, डब्लू० जी०

हैदराबाद

एच० टी०, एच० वाई०

मध्य भारत

एम० बी०

मैसूर

एम० वाई०

पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ

पी० यू०

राजस्थान

आर० जे०

सौराष्ट्र

एस० एस०

ट्रावनकोर-कोचीन

टी० सी

अजमेर

ए० जे०

भोपाल

बी० एस०

बिलासपुर

बी० एल०

कोड़गु

सी० जी०

दिल्ली

डी० एल०

हिमाचल प्रदेश

एच० आई०

कच्छ

के० एच०

मणिपुर

एम० एन०

त्रिपुरा

टी० आर०

विन्धय प्रदेश

वी० पी०

अंदमान और निकोबार द्वीपसमूह

ए० एन०

इण्डियन नेवल रिजर्व फोर्स (डिसिप्लीन) ऐक्ट, 1939

(गवर्नर जनरलस ऐक्ट)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए ।

 

स्टैंड्डर्स आफ वेट ऐक्ट, 1939

(1939 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 4-उपधारा (3) में, भाग ख राज्य या” का लोप कीजिए ।

विदेशियों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1939

(1939 का अधिनियम संख्यांक 16)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए ।

धारा 2-खण्ड (कक) का लोप कीजिए । 

धारा 9 का लोप कीजिए । 

कोल माइन्स सेफ्टी (स्टोविंग) ऐक्ट, 1939

(1939 का अधिनियम संख्यांक 19)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-उपधारा (3) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में उस समय समाविष्ट राज्यक्षेत्रों में" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्र, जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 6-किसी विदेशी देश से उक्त राज्यक्षेत्र में आयात की गई या भाग ख राज्य से उक्त राज्यक्षेत्रों में लाया गया" के स्थान पर उक्त राज्यक्षेत्रों के बाहर किसी स्थान से उक्त राज्यक्षेत्रों में आयात की गई" प्रतिस्थापित कीजिए । 

ट्रेड मार्क्स ऐक्ट, 1940

(1940 का अधिनियम संख्यांक 5)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-(क) खण्ड (घ) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

'(घ) उच्च न्यायालय" से, -

(i)  भाग क राज्य या भाग ख राज्य के सम्बन्ध में, उस राज्य का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है; 

(ii)  अजमेर और विंध्य प्रदेश के सम्बन्ध में, इलाहाबाद का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है; 

(iii)  भोपाल के सम्बन्ध में, नागपुर का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(iv) बिलासपुर, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के सम्बन्ध में, पंजाब का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(v) कोड़गु के सम्बन्ध में, मद्रास का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(vi) कच्छ के सम्बन्ध में मुम्बई का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(vii) मणिपुर और त्रिपुरा के सम्बन्ध में, असम का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(viii) अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के सम्बन्ध में, कलकत्ता का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(घघ) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है;"'; 

(ख) खण्ड (टट) का लोप कीजिए । 

धारा 10-और या तो पहले से ही रजिस्टर पर हो या किसी ऐसे भाग ख राज्य में पहले से ही रजिस्ट्रीकृत हो जिसको धारा 82क उस समय लागू होती है" के स्थान पर और पहले से रजिस्टर पर हो" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 19-इस अधिनियम के अधीन या किसी भाग ख राज्य में जिसको धारा 82क उस समय लागू होती है, व्यवसाय चिह्नों के रजिस्टर से" का लोप कीजिए ।

धारा 21- उपधारा (2) का लोप कीजिए । 

धारा 22-उपधारा (3) में या किसी भाग ख राज्य में जिसको धारा 83क उस समय लागू होती है" का लोप कीजिए । 

धारा 23-या किसी भाग ख राज्य में जिसे धारा 82क उस समय लागू होती है" का लोप कीजिए । 

धारा 46-उपधारा (2) के पश्चात् स्पष्टीकरण का लोप कीजिए । 

धारा 57-उपधारा (2) का लोप कीजिए । 

धारा 58-उपधारा (3) में, या किसी भाग ख राज्य में जिसे धारा 82क उस समय लागू होती है" का लोप कीजिए । 

धारा 68-(क) उपधारा (3) के खण्ड (क) और खण्ड (ग) में, का या भाग ख राज्य" का लोप कीजिए ।

(ख) उपधारा (4) में, खण्ड (ख) का लोप कीजिए । 

धारा 82 का लोप कीजिए । 

धारा 84-उपधारा (2) के खण्ड (11) में, भाग ख राज्य के साथ किया गया" का लोप कीजिए । 

माध्यस्थम् अधिनियम, 1940

(1940 का अधिनियम संख्यांक 10)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

ओषधि अधिनियम, 1940

(1940 का अधिनियम संख्यांक 23)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित न हो, सम्पूर्ण अधिनियम में राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-(1) खण्ड (ख) के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए: - 

'(खख) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है;"' ।

(2) खण्ड (च) का लोप कीजिए ।

कृषि उपज उपकर अधिनियम, 1940

(1940 का अधिनियम संख्यांक 27)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-उपधारा (1) में, भाग क राज्यों ओर भाग ग राज्यों में उस समय समाविष्ट राज्यक्षेत्रों" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्र जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

माइन्स मेटर्निटी बेनेफिट ऐक्ट, 1941

(1941 का अधिनियम संख्यांक 19)

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

रेलवे (स्थानीय प्राधिकारी कर) अधिनियम, 1941

(1941 का अधिनियम संख्यांक 25)

बृहत् नाम और उद्देशिका-भाग क राज्य" के स्थान पर राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

काफी मार्केट एक्सपैंशन ऐक्ट, 1942

(1942 का अधिनियम संख्यांक 7)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित न हो, संपूर्ण अधिनियम में राज्य" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-(क) खण्ड (च) के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए: -

'(चच) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेतहै;"' ।

(ख) खण्ड (11) का लोप कीजिए । 

धारा 20-किसी भाग ख राज्य को" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य को" प्रतिस्थापित कीजिए । 

साप्ताहिक अवकाश दिन अधिनियम, 1942

(1942 का अधिनिमय संख्यांक 18)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

इन्डस्ट्रियल स्टेटिस्िटक्स ऐक्ट, 1942

(1942 का अधिनियम संख्यांक 19)

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

व्यतिकर अधिनियम, 1943

(1943 का अधिनिमय संख्यांक 9)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित न हो, संपूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

बृहत् नाम और उद्देशिका-के कतिपय भाग" का लोप कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए । 

धारा 2-खण्ड (ग) का लोप कीजिए । 

इण्डियन कोकोनट कमेटी ऐक्ट, 1944

(1944 का अधिनियम संख्यांक 10)

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-जहां कहीं राज्यों" पद प्रथम बार आता है वहां ऐसा राज्यक्षेत्र जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए और उसके बाद जहां कहीं वह पद आता है, वहां उक्त राज्यक्षेत्रों" प्रतिस्थापित कीजिए । 

इण्डियन आयल सीड्स कमेटी ऐक्ट, 1946

(1946 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

 ।                             ।                              ।                              ।                              ।                              ।                              ।

औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946

(1946 का अधिनियम संख्यांक 20)

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

अभ्रक खान श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1946

(1946 का अधिनियम संख्यांक 22)

धारा 1-उपधारा (2) में, भारत ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 2-उपधारा (1) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्र जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 4-उपधारा (1) में, दो सलाहकार समितियां, एक मद्रास राज्य के लिए और दूसरी बिहार राज्य के लिए" के स्थान पर इतनी सलाहकार समितियां जितनी वह ठीक समझे, किन्तु प्रत्येक राज्य के लिए एक से अधिक नहीं" प्रतिस्थापित कीजिए । 

दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946

(1946 का अधिनियम संख्यांक 25)

बृहत् नाम और उद्देशिका-राज्यों में" का लोप कीजिए । 

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 5-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 6-(क) भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

(ख) अंत में निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित कीजिए: -

'स्पष्टीकरण-धारा 5 और धारा 6 में भारत" शब्द से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है ।"'।  

विदेशियों विषयक अधिनियम, 1946

(1946 का अधिनियम संख्यांक 31)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए । 

धारा 2-खण्ड (कक) का लोप कीजिए । 

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1947

(1947 का अधिनियम संख्यांक 2)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 6-भाग क राज्य" के स्थान पर राज्य" प्रतिस्थापित कीजिए । 

सशस्त्र बल (आपात कर्तव्य) अधिनियम, 1947

(1947 का अधिनियम संख्यांक 15)

धारा 2-(क) उपधारा (1) में, भाग क राज्य या भाग ग राज्य में या यदि भाग ग राज्य की सरकार द्वारा ऐसा अनुरोध किया जाए, तो उस राज्य में कोई विनिर्दिष्ट सेवा" के स्थान पर किसी राज्य में" प्रतिस्थापित कीजिए ।

(ख) उपधारा (2) में, इंडियन आर्मी ऐक्ट, 1911 या इंडियन एयर फोर्स ऐक्ट, 1932" के स्थान पर सेना अधिनियम, 1950 या वायुसेना अधिनियम, 1950" प्रतिस्थापित कीजिए ।

शत्रु के साथ व्यापार (आपात विषयक उपबन्धों का चालू रखना) अधिनियम, 1947

(1947 का अधिनियम संख्यांक 16)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए ।

रबड़ प्रोडक्शन एण्ड मारकेटिंग ऐक्ट, 1947

(1947 का अधिनियम संख्यांक 24)

जब तक कि अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित न हो, संपूर्ण अधिनियम में राज्यों" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 3-(क) खंड (घ) के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित कीजिए: -

'(घघ) भारत" से जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत का राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है;"'।

(ख) खंड (ट) का लोप कीजिए ।

एन्टीक्यूटिज (एक्सपोर्ट कंट्रोल) ऐक्ट, 1947

(1947 का अधिनियम संख्यांक 31)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय” प्रतिस्थापित कीजिए ।

धारा 2-खंड (ख) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में समाविष्ट राज्यक्षेत्र" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्र जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए ।

कोयला खान श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1947

(1947 का अधिनियम संख्यांक 32)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 3-उपधारा (1) में, भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्र जिस पर इस अधिनियम का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

 

 

डॉक कर्मकार (नियोजन का विनियमन) अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 9)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 11)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

औद्योगिक वित्त निगम अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 15)

धारा 1-हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, मैसूर और ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

एटोमिक एनर्जी ऐक्ट, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 29)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

राष्ट्रीय केडेट कोर अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 31)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए ।

माइन्स एण्ड मिनरल्स (रेग्यूलेशन एण्ड डेवलपमेंट) ऐक्ट, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 53)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, मैसूर और ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए

विद्युत (प्रदाय) अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 54)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

प्रादेशिक सेना अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 56)

सम्पूर्ण अधिनियम में, इंडियन आर्मी ऐक्ट, 1911 (1911 का 8)" के स्थान पर सेना अधिनियम, 1950 (1950 का 46)" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए ।

बंदी आदान-प्रदान अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 58)

धारा 1- उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए ।

केन्द्रीय रेशम बोर्ड अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 61)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, मैसूर और ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

कारखाना अधिनियम, 1948

(1948 का अधिनियम संख्यांक 63)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, मैसूर और ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

सेंन्ट्रल टी बोर्ड अधिनियम, 1949

(1949 का अधिनियम संख्यांक 13)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, मैसूर और ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

हिन्दू मैरेजेज वैलिडिटी ऐक्ट, 1949

(1949 का अधिनियम संख्यांक 21)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, मैसूर और ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

 ।                             ।                              ।                              ।                              ।                              ।                              ।

चार्टर्ड अकाउंटेंट अधिनियम, 1949

(1949 का अधिनियम संख्यांक 38)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, मैसूर और ट्रावनकोर-कोचीन राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

बैंककारी कंपनी (विधि व्यवसायियों के मुव्वकिलों के खाते) अधिनियम, 1949

(1949 का अधिनियम संख्यांक 46)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए ।

औद्योगिक विवाद (बैंककारी तथा बीमा कम्पनी) अधिनियम, 1949

(1949 का अधिनियम संख्यांक 54)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

एक्सप्लोसिव्स (टैम्पोरेरी प्रोविजन्स) ऐक्ट, 1949

(1949 का अधिनियम संख्यांक 55)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए ।

 

 

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल अधिनियम, 1949

(1949 का अधिनियम संख्यांक 66)

धारा 1-उपधारा (2) में, हैदराबाद राज्य के सिवाय" का लोप कीजिए ।

अध्यादेश

क्रिमिनल ला अमेंडमेंट आर्डिनेन्स, 1944

(1944 का आर्डिनेन्स संख्यांक 38)

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर है और यह भारत के बाहर भारत के नागरिकों को भी लागू होता है ।"। 

करेंसी आर्डिनेन्स, 1940

(1940 का आर्डिनेन्स संख्यांक 4)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" के स्थान पर जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों में उस समय समाविष्ट राज्यक्षेत्रों" के स्थान पर ऐसे राज्यक्षेत्र जिस पर इस अध्यादेश का विस्तार है" प्रतिस्थापित कीजिए । 

धारा 2 के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित कीजिए अर्थात्: -

2क. हैदराबाद के एक रुपए के नोट के बारे में अस्थायी उपबन्ध भाग ख राज्य (विधि) अधिनियम, 1951 की धारा 6 में किसी बात के होते हुए भी एक रुपए के अभिधान के मूल्य के नोट, जो उक्त अधिनियम के प्रारम्भ पर हैदराबाद राज्य में वैध निविदा के रूप में परिचालन में थे उस राज्य में उसी विस्तार तक उक्त अधिनियम के प्रारम्भ के ठीक पहले की उन्हीं शर्तों के अधीन रहते हुए और ऐसी अवधि के लिए जो ऐसे प्रारम्भ से ऐसी अवधि के लिए जो दो वर्ष से अधिक की न हो या जैसी केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, अवधारित करे, वैध निविदा के रूप में बने रहेंगे ।"।  

आर्मड फोर्सेस (स्पेशल पावर्स) आर्डिनेन्स, 1942

(1942 का आर्डिनेन्स संख्यांक 41)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए ।

इण्टरनेशनल मानेटरी फण्ड एण्ड बैंक आर्डिनेन्स, 1945

(1945 का आर्डिनेन्स संख्यांक 47)

धारा 1-उपधारा (2) में, भाग ख राज्यों के सिवाय" का लोप कीजिए ।

धारा 5-भाग क राज्यों और भाग ग राज्यों के सिवाय" के स्थान पर भारत" प्रतिस्थापित कीजिए । 

क्रिमिनल ला अमेंडमेन्ट आर्डिनेन्स, 1946

(1946 का आर्डिनेन्स संख्यांक 6)

धारा 1-उपधारा (2) के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित कीजिए: -

(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है और भारत के बाहर भारत के नागरिकों पर भी यह लागू होता है ।"।

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