Wednesday, 29, Apr, 2026
 
 
 
Expand O P Jindal Global University
 

तम्बाकू उपकर अधिनियम, 1975 ( Tobacco Cess Act, 1975 (Repealed) )


 

तम्बाकू उपकर अधिनियम, 1975

(1975 का अधिनियम संख्यांक 26)

[12 मई, 1975]

तम्बाकू उद्योग के विकास के लिए वर्जीनिया तम्बाकू पर उत्पाद-शुल्क और

तम्बाकू पर सीमा-शुल्क का उपकर के रूप में उद्ग्रहण और

संग्रहण करने और उससे सम्बन्धित विषयों का

उपबन्ध करने के लिए

अधिनियम

                भारत गणराज्य के छब्बीसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम तम्बाकू उपकर अधिनियम, 1975 है । 

(2) इसका विस्तार संपूर्ण भारत पर है । 

(3) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा जिसे केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे और विभिन्न उपबन्धों के लिए विभिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी । 

2. परिभाषाएं-(1) इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

 [(क) नीलामी मंच" से तम्बाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 (1975 का 4) के अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार बोर्ड में रजिस्ट्रीकृत या इस अधिनियम के अधीन बोर्ड द्वारा स्थापित नीलामी मंच अभिप्रेत हैं;]

 [(ख)] बोर्ड" से तम्बाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 (1975 का 4) की धारा 4 के अधीन स्थापित तम्बाकू बोर्ड अभिप्रेत हैं;

                2[(ग)] विहित" से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है;

 ।                             ।                              ।                              ।                              ।                              ।             

(2) उन सभी शब्दों और पदों के, जो इस अधिनियम में प्रयुक्त हैं और परिभाषित नहीं हैं, किन्तु तम्बाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 (1975 का 4) में परिभाषित हैं, वही अर्थ होंगे जो उनके उस अधिनियम में हैं । 

3. वर्जीनिया तम्बाकू पर उत्पाद-शुल्क-(1) तम्बाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 (1975 का 4) के प्रयोजनों के लिए वर्जीनिया तम्बाकू पर, जिसका उत्पादन भारत में किया जाता है और [नीलामी मंच] पर विक्रय किया जाता है, एक पैसा प्रति किलोग्राम की दर से उत्पाद-शुल्क, उपकर के रूप में उद्गृहीत और संगृहीत किया जाएगा । 

(2) उपधारा (1) के अधीन उद्गृहीत उत्पाद-शुल्क तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन वर्जीनिया तम्बाकू पर उद्ग्रहणीय किसी उपकर या शुल्क के अतिरिक्त होगा । 

(3) 4[नीलामी मंच] पर विक्रीय किसी वर्जीनिया तम्बाकू के सम्बन्ध में उपधारा (1) के अधीन संदेय उत्पाद-शुल्क उसके विक्रेता द्वारा, ऐसे मंच की बाबत विहित व्यक्ति या प्राधिकारी को संदेय होगा । 

(4) 4[नीलामी मंच] की बाबत विहित व्यक्ति या प्राधिकारी, ऐसे मंच पर विक्रीय वर्जीनिया तम्बाकू पर संदेय उत्पाद-शुल्क का संग्रहण करेगा और इस प्रकार संगृहीत रकम का संदाय केन्द्रीय सरकार को ऐसी रीति से और इतने समय के अन्दर करेगा जो विहित किया जाए । 

(5) यदि इस धारा के अधीन संदेय किसी उत्पाद-शुल्क का या यदि ऐसे शुल्क के रूप में इस धारा के अधीन संगृहीत किसी रकम का संदाय उपधारा (4) के अधीन विहित अवधि के अन्दर केन्द्रीय सरकार को नहीं किया गया है, तो केन्द्रीय सरकार ऐसे शुल्क या ऐसी रकम को उसी रीति से वसूल कर सकेगी जिससे भू-राजस्व की बकाया वसूल की जाती है । 

 ।                             ।                              ।                              ।                              ।                              ।                              ।

5. शुल्कों के आगमों को भारत की संचित निधि में जमा करना- [धारा 3 के अधीन उद्ग्रहीत उत्पाद-शुल्क] के आगम प्रथमतः भारत की संचित निधि में जमा किए जाएंगे और यदि संसद् इस निमित्त विधि द्वारा किए गए विनियोग द्वारा ऐसा उपबन्ध करती है तो केन्द्रीय सरकार, संग्रहण व्ययों को काटने के पश्चात्, ऐसे आगमों में से समय-समय पर बोर्ड को इतनी धनराशियां दे सकेगी, जितनी वह तम्बाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 (1975 का 4) के प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाने के वास्ते ठीक समझती है । 

6. धारा 3 के अधीन संदेय उत्पाद-शुल्क से बचने पर शास्ति-जो कोई धारा 3 के अधीन उसके द्वारा संदेय किसी उत्पाद-शुल्क के संदाय से या उस धारा के अधीन शुल्क के तौर पर संगृहीत किसी रकम के संदाय से जानबूझकर या साशय बचेगा या बचने का प्रयत्न करेगा वह कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा ।

7. कम्पनियों द्वारा अपराध-(1) यदि इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कम्पनी द्वारा किया गया है तो प्रत्येक व्यक्ति, जो उस अपराध के किए जाने के समय उस कम्पनी के कारबार के संचालन के लिए उस कम्पनी का भारसाधक और उसके प्रति उत्तरदायी था और साथ ही वह कम्पनी भी ऐसे अपराध के दोषी समझे जाएंगे तथा तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने के भागी होंगे :

परन्तु इस उपधारा की कोई बात किसी ऐसे व्यक्ति को दण्ड का भागी नहीं बनाएगी यदि वह यह साबित कर देता है कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध का किया जाना निवारित करने के लिए सब सम्यक् तत्परता बरती थी ।

(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कम्पनी द्वारा किया गया है तथा यह साबित हो जाता है कि वह अपराध कम्पनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से किया गया है या उस अपराध का किया जाना उसकी किसी उपेक्षा के कारण माना जा सकता है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी समझा जाएगा तथा तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने का भागी होगा । 

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए-

(क) कम्पनी" से कोई निगमित निकाय अभिप्रेत है, और इसके अन्तर्गत फर्म या व्यष्टियों का अन्य संगम भी है, तथा 

(ख) फर्म के संबंध में निदेशक" से उस फर्म का भागीदार अभिप्रेत है । 

8. न्यायालय की अधिकारिता-महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट से निचला कोई भी न्यायालय इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध का विचारण नहीं करेगा ।

9. केन्द्रीय सरकार की पूर्व मंजूरी-इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध के लिए कोई अभियोजन केन्द्रीय सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना संस्थित नहीं किया जाएगा । 

10. सद्भावपूर्वक की गई कार्यवाही के लिए संरक्षण-इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों के अधीन सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित किसी बात के लिए कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही केन्द्रीय सरकार अथवा केन्द्रीय सरकार के किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी के विरुद्ध या बोर्ड अथवा बोर्ड के किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नहीं होगी ।

11. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति-(1) केन्द्रीय सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, बना सकेगी । 

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे नियम निम्नलिखित सभी विषयों या उनमें से किसी के लिए उपबन्ध कर सकेंगे, अर्थात्-

(क) धारा 3 के अधीन उद्गृहीत उत्पाद-शुल्क का निर्धारण और संग्रहण तथा वे कृत्य और शक्तियां, जिनका प्रयोग तथा वे कर्तव्य जिनका निर्वहन उस सम्बन्ध में बोर्ड या बोर्ड के किन्हीं अधिकारियों या अन्य कर्मचारियों द्वारा किया जा सकेगा; 

(ख) वे व्यक्ति या प्राधिकारी जो धारा 3 की उपधारा (3) और (4) के अधीन उत्पाद-शुल्क का संग्रहण कर सकेंगे, वह समय जिसके अन्दर तथा वह रीति जिससे ऐसे उत्पाद-शुल्कों के आगम का संदाय केन्द्रीय सरकार को किया जाएगा; 

(ग) वे विवरणियां, जो खण्ड (ख) में निर्दिष्ट व्यक्तियों या प्रधिकारियों द्वारा केन्द्रीय सरकार को दी जाएंगी और वह प्ररूप और रीति जिसमें तथा वे अन्तराल जिनके पश्चात् ऐसी विविरणियां दी जाएंगी; 

(घ) कोई अन्य विषय जो इस अधिनियम के अधीन नियमों द्वारा विहित या उपबंधित किया जाना है या किया जाए । 

(3) इस धारा के अधीन कोई नियम बनाने में केन्द्रीय सरकार निदेश दे सकेगी कि उसका उल्लंघन कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, अथवा दोनों से, और जारी रहने वाले उल्लंघन की दशा में अतिरिक्त जुर्माने से, जो उस प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान ऐसे प्रथम उल्लंघन के लिए दोषसिद्धि के पश्चात् ऐसा उल्लंघन जारी रहता है, पचास रुपए तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा । 

(4) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा । यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी । यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा । यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा । किन्तु नियम के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।

-----------

Download the LatestLaws.com Mobile App
 
 
Latestlaws Newsletter
 

Publish Your Article

 

Campus Ambassador

 

Media Partner

 

Campus Buzz

 

LatestLaws Guest Court Correspondent

LatestLaws Guest Court Correspondent Apply Now!
 

LatestLaws.com presents: Lexidem Offline Internship Program, 2026

 

LatestLaws.com presents 'Lexidem Online Internship, 2026', Apply Now!

 
 
 

LatestLaws Partner Event : IJJ

 

LatestLaws Partner Event : Smt. Nirmala Devi Bam Memorial International Moot Court Competition

 
 
Latestlaws Newsletter