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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड अधिनियम, 2006 ( Petroleum And Natural Gas Regulatory Board Act, 2006 )


 

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड अधिनियम, 2006

(2006 का अधिनियम संख्यांक 19)

[31 मार्च, 2006]

पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिष्करण, प्रसंस्करण, भंडारकरण, परिवहन, वितरण,

विपणन और विक्रय का जिसके अंतर्गत अपरिष्कृत तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन नहीं है,

विनियमन करने, जिससे उपभोक्ताओं और पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से

संबंधित विनिर्दिष्ट क्रियाकलाप में लगी हुई इकाइयों के हितों का संरक्षण किया

जा सके और देश के सभी भागों में पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और

प्राकृतिक गैस का अविरत तथा पर्याप्त प्रदाय सुनिश्चित करने और

प्रतिस्पर्धात्मक बाजारों का संप्रवर्तन करने के लिए पेट्रोलियम

और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड की स्थापना

और उनसे संबंधित या उनके आनुषंगिक

विषयों का उपबंध

करने के लिए

अधिनियम

भारत गणराज्य के सतावनवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्निलिखित रूप में यह अधिनियमित हो: -

अध्याय 1

प्रारंभिक

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार, प्रारंभ और लागू होना-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड अधिनियम, 2006 है ।

(2) इसका विस्तार संपूर्ण भारत पर है ।

(3) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा जो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे:

परंतु इस अधिनियम के भिन्न-भिन्न उपबंधों के लिए भिन्न-भिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी और ऐसे किसी उपबंध में इस अधिनियम के प्रारंभ के प्रति किसी निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस उपबंध के प्रवृत्त होने के प्रति निर्देश है

(4) यह, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिष्करण, प्रसंस्करण, भंडारकरण, परिवहन, वितरण, विपणन और विक्रय को, अपरिष्कृत तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन को छोड़कर लागू होता है ।

2. परिभाषाएं-इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -

(क) सहबद्ध आचार संहिता" से धारा 21 की उपधारा (1) के अधीन प्राकृतिक गैस के भंडारकरण, पारेषण, वितरण, विपणन और विक्रय में लगी हुई इकाइयों को शासित करने वाली आचार संहिता अभिप्रेत है;

(ख) अपील अधिकरण" से धारा 30 में निर्दिष्ट अपील अधिकरण अभिप्रेत है;

(ग) नियत दिन" से वह तारीख अभिप्रेत है जिसको धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन बोर्ड स्थापित किया जाता है;

(घ) प्राधिकृत इकाई" से कोई ऐसी इकाई अभिप्रेत है-

(अ) जो बोर्ड द्वारा धारा 15 के अधीन-

(i) किसी अधिसूचित पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस का विपणन करने; या

(ii) द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनलों को स्थापित और प्रचालित करने के लिए रजिस्ट्रीकृत है; या

(आ) जो बोर्ड द्वारा धारा 16 के अधीन-

(i) किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र को बिछाने, निर्मित करने, प्रचालित करने या विस्तारित करने; या

(ii) किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, निर्मित करने, प्रचालित करने या विस्तारित करने, के लिए प्राधिकृत है;

(ङ) स्वतः द्रवित पेट्रोलियम गैस" से पेट्रोलियम से व्युत्पन्न कतिपय हल्के हाइड्रोकार्बनों का कोई मिश्रण अभिप्रेत है जो सामान्य परिवेश ताप और वायुमंडलीय दाब पर गैसीय है, किंतु मध्यम दाब के प्रयोग से सामान्य परिवेश ताप पर द्रव अवस्था में संघनित हो जाता है, और जो यानों में ईंधन के रूप में उपयोग के लिए ऐसे विनिर्देशों के अनुरूप है जो केंद्रीय सरकार द्वारा, भारतीय मानक ब्यूरो के परामर्श से समय-समय पर अधिसूचित किए जाएं;

(च) बोर्ड" से धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड   अभिप्रेत है;

(छ) भारतीय मानक ब्यूरो" से भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 (1986 का 63) की धारा 3 के अधीन स्थापित भारतीय मानक ब्यूरो अभिप्रेत है;

(ज) अध्यक्ष" से धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त बोर्ड का अध्यक्ष अभिप्रेत है;

(झ) नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क" से गैस पाइप लाइनों का अंतर्संबंधी नेटवर्क और सहयुक्त उपस्कर अभिप्रेत है जो किसी प्रपुंज प्रदाय उच्च दाब पारेषण मुख्य स्थान से मध्यम दाब वितरण ग्रिड को और तत्पश्चात् घरेलू, औद्योगिक या वाणिज्यिक परिसरों को और विनिर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में स्थित सी०एन०जी० केंद्रों को प्राकृतिक गैस प्रदाय करने वाले सेवा पाइपों से प्राकृतिक गैस का परिवहन करने के लिए उपयोग किया जाता है ।

स्पष्टीकरण-इस खंड के प्रयोजनों के लिए उच्च दाब" और मध्यम दाब" पदों से ऐसा दाब अभिप्रेत है जिसे केंद्रीय सरकार अधिसूचना द्वारा, यथास्थिति, उच्च दाब या मध्यम दाब विनिर्दिष्ट करे;

(ञ) सामान्य वाहित्र" से एक से अधिक इकाइयों द्वारा पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए ऐसी पाइप लाइनें, अभिप्रेत हैं जो बोर्ड, धारा 20 की उपधारा (3) के अधीन अविभेदकारी खुली पहुंच के आधार पर, समय-समय पर घोषित या प्राधिकृत करे, किंतु उनमें निम्नलिखित प्रदाय करने वाली पाइप लाइनें सम्मिलित नहीं हैं-

(i) किसी विनिर्दिष्ट उपभोक्ता को पेट्रोलियम उत्पाद या प्राकृतिक गैस; या

(ii) अपरिष्कृत तेल ।

स्पष्टीकरण-इस खंड के प्रयोजनों के लिए, किसी ठेका वाहित्र को कोई सामान्य वाहित्र समझा जाएगा यदि-

(i) ऐसे ठेका वाहित्र के पास फर्म के साथ हुई संविदाओं से अधिक क्षमता है; या

(ii) फर्म की संविदा की अवधि समाप्त हो गई है;

(ट) सी०एन०जी० केंद्र" से ऐसा भरण केंद्र अभिप्रेत है, जहां संपीड़ित प्राकृतिक गैस के विक्रय के लिए एक या अधिक वितरण इकाइयों की व्यवस्था की गई है;

(ठ) संपीड़ित प्राकृतिक गैस या सी०एन०जी०" से गैसीय स्थिति में 200 से 250 बार श्रेणी के बीच दाब तक विशेष प्रकार से संपीड़ित यानों के लिए ईंधन के रूप में उपयोग की जाने वाली प्राकृतिक गैस अभिप्रेत है;

(ड) ठेका वाहित्र" से फर्म की संविदाओं के अनुसरण में कम से कम एक वर्ष के लिए एक से अधिक इकाइयों द्वारा पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए ऐसी पाइप लाइनें अभिप्रेत हैं जो बोर्ड द्वारा समय-समय पर धारा 20 की उपधारा (3) के अधीन घोषित या प्राधिकृत की जाएं;

(ढ) व्यौहारी" से अभिप्रेत है ऐसा कोई व्यक्ति, व्यक्तियों का संगम, फर्म, कंपनी या सहकारी सोसाइटी, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो या निर्दिष्ट की जाए और जिसे मोटर स्पिरिट, उच्च गति डीजल, श्रेष्ठ मिट्टी के तेल, स्वतः द्रवित पेट्रोलियम गैस या प्राकृतिक गैस का क्रय करने, प्राप्त करने, भंडार करने और विक्रय करने के लिए किसी तेल कंपनी द्वारा नियुक्त किया गया हो;

(ण) वितरक" से अभिप्रेत है ऐसा कोई व्यक्ति, व्यक्तियों का संगम, फर्म, कंपनी, सहकारी सोसाइटी, चाहे जिस किसी भी नाम से ज्ञात हो या निर्दिष्ट की जाए और जिसे सिलेन्डरों में द्रवित पेट्रोलियम गैस; क्रय करने, प्राप्त करने, भंडार करने और उपभोक्ताओं को विक्रय करने के लिए किसी तेल कंपनी द्वारा नियुक्त किया गया हो;

(त) इकाई" से किसी व्यौहारी या वितरक से भिन्न ऐसा कोई व्यक्ति, व्यक्तियों का संगम, फर्म, कंपनी या सहकारी सोसाइटी, अभिप्रेत है चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो या निर्दिष्ट की जाए, और पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिष्करण, प्रसंस्करण, भंडारकरण, परिवहन, वितरण, विपणन, आयात और निर्यात में लगी हुई हो या लगे रहने के लिए आशयित हो, जिसमें पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए पाइप लाइनें बिछाना या नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क बिछाना, निर्माण करना, प्रचालित करना या विस्तारित करना, कोई द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनल स्थापित करना और प्रचालित करना भी सम्मिलित है;

(थ) उत्पादों का विनिमय" से संबद्ध इकाइयों द्वारा किए गए किसी करार के अनुसार पेट्रोलियम उत्पाद का देना और लेना अभिप्रेत है;

(द) उच्च गति डीजल" से अभिप्रेत है ऐसा कोई हाइड्रोकार्बन तेल (खनिज कोल्जा तेल और तारपीन प्रतिस्थापी को छोड़कर) जो संपीड़न ज्वलन इंजनों में ईंधन के रूप में उपयोग के लिए ऐसे विनिर्देशों के अनुरूप हो जो केंद्रीय सरकार भारतीय मानक ब्यूरो के परामर्श से समय-समय पर अधिसूचित करे;

(ध) मिट्टी का तेल या श्रेष्ठ मिट्टी का तेल" से अभिप्रेत है हाइड्रोकार्बनों का मध्यम आसुत मिश्रण जो ऐसे विनिर्देशों के अनुरूप हो, जो केंद्रीय सरकार भारतीय मानक ब्यूरो के परामर्श से, समय-समय पर अधिसूचित करे;

(न) द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनल" से-

(i) द्रवित प्राकृतिक गैस प्राप्त करने के लिए,

(ii) द्रवित प्राकृतिक गैस का भंडारण करने के लिए,

(iii) द्रवित प्राकृतिक गैस के पुनःगैसीकरण को समर्थ करने के लिए, और

(iv) सुविधाओं की सीमाओं के बाहर तक पुनः गैसीकृत द्रवित प्राकृतिक गैस का परिवहन करने के लिए, अपेक्षित सुविधाएं और अवसंरचना अभिप्रेत हैं;

(प) द्रवित पेट्रोलियम गैस" से अभिप्रेत है हल्के हाइड्रोकार्बनों का कोई मिश्रण जिसमें प्रोपेन, आइसोब्यूटेन, सामान्य ब्यूटेन, ब्यूटीलीन या ऐसा अन्य पदार्थ अंतर्विष्ट है जो सामान्य परिवेश ताप और वायुमंडलीय दाब पर गैसीय है किंतु दाब के प्रयोग से सामान्य परिवेश ताप पर द्रव अवस्था में संघनित हो सकता हो और जो ऐसे विनिर्देशों के अनुरूप है जो केंद्रीय सरकार द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो के परामर्श से समय-समय पर अधिसूचित किए जाएं;

(फ) स्थानीय वितरण इकाई" से नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, निर्माण करने, प्रचालित करने या विस्तार करने के लिए धारा 20 के अधीन बोर्ड द्वारा प्राधिकृत कोई इकाई अभिप्रेत है;

(ब) विपणन सेवा बाध्यताओं" से, -

(i) अधिसूचित पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की बाबत दूरस्थ क्षेत्रों में विपणन अवसंरचना और फुटकर विक्रय केंद्र को स्थापित करने की बाध्यताएं;

(ii) अधिसूचित पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के न्यूनतम स्टाक को बनाए रखने की बाध्यताएं;

(iii) उपभोक्ताओं को प्राकृतिक गैस प्रदाय करने के लिए किसी स्थानीय वितरण इकाई की बाध्यताएं;

(iv) ऐसी अन्य बाध्यताएं, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएं, अभिप्रेत हैं;

(भ) अधिकतम फुटकर कीमत" से किसी इकाई द्वारा नियत वह अधिकतम कीमत अभिप्रेत है जिस पर पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस, फुटकर उपभोक्ताओं को बेचे जो सकेंगे और जिसमें सभी कर, उपकर और उद्ग्रहण, चाहे वे स्थानीय हों या अन्यथा, और व्यौहारियों को संदेय भाड़ा या कमीशन भी सम्मिलित हैं;

(म) सदस्य" से धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त किया गया बोर्ड का कोई सदस्य अभिप्रेत है और जिसमें सदस्य (विधिक) और अध्यक्ष भी सम्मिलित हैं;

(य) मोटर स्पिरिट" से अभिप्रेत है कोई हाइड्रोकार्बन तेल (अपरिष्कृत खनिज तेल को छोड़कर) जिसका स्फुलिंग ज्वलन इंजनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है, जो ऐसे विनिर्देशों के अनुरूप हैं, जो केंद्रीय सरकार द्वारा, भारतीय मानक ब्यूरो के परामर्श से समय-समय पर अधिसूचित किए जाएं;

(यक) प्राकृतिक गैस" से ऐसी गैस अभिप्रेत है जो बोर छिद्रों से अभिप्राप्त की गई है और जिसमें मुख्यतः हाइड्रोकार्बन है तथा इसके अंतर्गत निम्नलिखित भी हैं- 

(i) द्रव अवस्था में गैस, अर्थात् द्रवित प्राकृतिक गैस और पुनःगैसीकृत द्रवित प्राकृतिक गैस,

(ii) संपीड़ित प्राकृतिक गैस,

(iii) अंतरराष्ट्रीय पाइपलाइनों के माध्यम से आयातित गैस जिसके अंतर्गत सी० एन० जी० या द्रवित प्राकृतिक गैस भी है,

(iv) प्राकृतिक गैस के रूप में गैस हाइड्रेंटों से प्राप्त गैस,

(v) कोयला संस्तरों अर्थात् कोयला संस्तर मिथेन से अभिप्राप्त मिथेन,

किन्तु इसके अंतर्गत ऐसे हाइड्रोकार्बनों के सहयोजन से उत्पन्न हीलियम नहीं है;

(यख) अधिसूचना" से राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना अभिप्रेत है और अधिसूचित" पद का उसके सजातीय अर्थ तथा व्याकरणिक रूपभेदों सहित तदनुसार अर्थ लगाया जाएगा;

(यग) अधिसूचित पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस" से अभिप्रेत हैं ऐसे पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस जिन्हें केंद्रीय सरकार, अपना यह समाधान होने के पश्चात् कि उनका प्रदाय बनाए रखने या बढ़ाने के लिए या उनका साम्यापूर्ण वितरण और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्िचत करने के लिए ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, समय-समय पर अधिसूचित करे;

(यघ) तेल कंपनी" से कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) के अधीन रजिस्ट्रीकृत कंपनी अभिप्रेत है और इसमें पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से संबंधित कोई क्रियाकलाप करने के लिए किसी भी नाम से ज्ञात या निर्दिष्ट व्यक्तियों को कोई संगम, सोसाइटी या फर्म सम्मिलित है;

(यङ) पेट्रोलियम" से अभिप्रेत है ऐसा कोई द्रव हाइड्रोकार्बन या हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण और कोई ज्वलनशील मिश्रण (द्रव, विस्कोस या ठोस) जिसमें कोई द्रव हाइड्रोकार्बन अंतर्विष्ट हो, जिसमें अपरिष्कृत तेल और द्रवित पेट्रोलियम गैस सम्मिलित है और पेट्रोलियम उत्पाद" पद से पेट्रोलियम से विनिर्मित कोई उत्पाद अभिप्रेत होगा;

(यच) पाइपलाइन पहुंच संकेतकी" से धारा 11 के खंड (ङ) के उपखंड (i) के अधीन पाइपलाइनों तक तृतीय पक्षकार की पहुंच के लिए ढांचा स्थापित करने के लिए संकेतकी अभिप्रेत है;

(यछ) विहित" से इस अधिनियम के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है;

(यज) विनियम" से इस अधिनियम के अधीन बोर्ड द्वारा बनाए गए विनियम अभिप्रेत हैं;

(यझ) अवरोधक व्यापारिक व्यवहार" से ऐसा व्यापारिक व्यवहार अभिप्रेत है जो किसी रीति में प्रतियोगिता का निवारण करने, उसको विकृत करने या निर्बंधित करने का प्रभाव रखता है या रख सकेगा और विशिष्टतया, -

(i) जो उत्पादन की धारा में पूंजी या संसाधनों के बहाव में बाधा डालता हो, या

(ii) जो पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस या सेवाओं के संबंध में, उपभोक्ताओं पर अन्यायपूर्ण लागतों या निर्बन्धनों को अधिरोपित करने के विषय में ऐसी रीति में कीमतों या परिदान की परिस्थितियों में घट बढ़ करता हो या पूर्ति के बहाव पर प्रभाव डालता हो;

(यञ) फुटकर विक्रय केंद्र" से अभिप्रेत है ऐसा भरण केंद्र जहां मोटर स्पिरिट, उच्च गति डीजल, स्वतः द्रवित पेट्रोलियम गैस या प्राकृतिक गैस के विक्रय के लिए एक या अधिक वितरक पंपों का प्रबंध किया गया है और इसमें द्रवित पेट्रोलियम गैस की डिस्ट्रिब्यूटरशिप या श्रेष्ठ मिट्टी के तेल या सी० एन० जी० स्टेशनों की डीलरशिप सम्मिलित है;

(यट) फुटकर सेवा बाध्यताओं" से व्यौहारियों और वितरकों की, अधिसूचित पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस, जिसमें सी०एन०जी० सम्मिलित हैं, का विनिर्दिष्ट सम्पूर्ण कार्य समय में उपभोक्ताओं को प्रदाय और विनिर्दिष्ट क्वालिटी, परिमाण तथा अधिकतम फुटकर कीमत के संप्रदर्शन को बनाए रखने के लिए बाध्यताएं, और ऐसी बाध्यताएं, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएं, अभिप्रेत हैं;

(यठ) नियमों" से केंद्रीय सरकार द्वारा इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम अभिप्रेत हैं;

(यड) सचिव" से बोर्ड का सचिव अभिप्रेत है;

(यढ) सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र या किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क के संबंध में परिवहन दर" से अभिप्रेत है पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के प्रत्येक यूनिट को संचालित करने के लिए ऐसी दर जो विनियमों द्वारा नियत की जाए ।

अध्याय 2

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड

3. बोर्ड की स्थापना और निगमन-(1) उस तारीख से, जो केंद्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, नियत करे, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड के नाम से ज्ञात, एक बोर्ड स्थापित किया जाएगा ।

(2) बोर्ड पूर्वोक्त नाम का एक निगमित निकाय होगा जिसका शाश्वत् उत्तराधिकार और सामान्य मुद्रा होगी और जिसे इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए जंगम और स्थावर दोनों ही प्रकार की संपत्ति का अर्जन, धारण और व्ययन करने तथा संविदा करने की शक्ति होगी और वह उक्त नाम से वाद लाएगा या उसके विरुद्ध वाद लाया जाएगा ।

(3) बोर्ड, केंद्रीय सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले एक अध्यक्ष, एक सदस्य (विधिक) और तीन अन्य सदस्यों से मिलकर बनेगा ।

(4) बोर्ड का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा और प्रादेशिक कार्यालय, ऐसे स्थानों पर होंगे, जहां लोकहित और कार्य की महत्ता को ध्यान में रखते हुए, बोर्ड आवश्यक समझे ।

4. अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति के लिए अर्हताएं-(1) केंद्रीय सरकार, बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस उद्योग, प्रबंध, वित्त, विधि, प्रशासन या उपभोक्ता मामलों के क्षेत्र में विख्यात व्यक्तियों में से करेगी:

परंतु किसी व्यक्ति को सदस्य (विधिक) के रूप में तभी नियुक्त किया जाएगा जब तक वह-

(क) किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होने के लिए अर्हित है; या

(ख) भारतीय विधिक सेवा का सदस्य है और उसने उस सेवा में श्रेणी ख्र् में कोई पद कम से कम तीन वर्ष के लिए धारण किया है ।

(2) केंद्रीय सरकार, बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का चयन करने के प्रयोजनों के लिए, और अपील अधिकरण के तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) के रूप में, नियुक्त के लिए विचार किए जाने वाले व्यक्तियों का पैनल तैयार करने के लिए, एक खोज समिति का गठन करेगी, जो निम्नलिखित से मिलकर बनेगी, -

(i) सदस्य, योजना आयोग में ऊर्जा सेक्टर का भारसाधक-अध्यक्ष

(ii) सचिव, भारत सरकार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय-सदस्य

(iii) सचिव, भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग-सदस्य

(iv) सचिव, भारत सरकार, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में वाणिज्य का भारसाधक-सदस्य, और

(v) सचिव, भारत सरकार, विधि कार्य विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय-सदस्य ।

5. अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की पदावधि, सेवा की शर्तें, आदि-(1) केंद्रीय सरकार, अध्यक्ष या अन्य सदस्य के रूप में किसी व्यक्ति को नियुक्त करने से पूर्व, अपना समाधान करेगी कि ऐसे व्यक्ति का कोई ऐसा वित्तीय या अन्य हित नहीं है जिससे अध्यक्ष या ऐसे अन्य सदस्य के रूप में उसके कृत्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है । 

(2) अध्यक्ष और अन्य सदस्य, ऐसी तारीख से जिसको वे अपने पद ग्रहण करते हैं, पांच वर्ष की अवधि तक या जब तक वे पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेते हैं, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, उस हैसियत में अपने पद धारण करेंगे:

परंतु अध्यक्ष और अन्य सदस्य पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे ।

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, किसी सदस्य की, अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति को पुनर्नियुक्ति नहीं माना जाएगा ।

(3) केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार या केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी उपक्रम, निगम या कंपनी या किसी अन्य गैर सरकारी या निगमित निकाय में सेवारत कोई व्यक्ति, यथास्थिति, अध्यक्ष या अन्य सदस्य के रूप में पदग्रहण करने से पूर्व ऐसी सेवा का पद त्याग करेगा या सेवा से निवृत्त होगा ।

(4) अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को संदेय वेतन और भत्ते तथा उनकी सेवा के अन्य निबंधन और शर्तें ऐसी होंगी, जो विहित की जाएं:

परंतु अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य के न तो वेतन और भत्तों में और न ही सेवा के अन्य निबंधन और शर्तों में, उनकी नियुक्ति के पश्चात्, उनके लिए अलाभकारी परिवर्तन किए जाएंगे ।

(5) अध्यक्ष या अन्य सदस्य, केंद्रीय सरकार को लिखित सूचना देकर अपना पद त्याग सकेगा और ऐसा त्यागपत्र स्वीकृत होने पर, अध्यक्ष या ऐसे अन्य सदस्य द्वारा अपना पद रिक्त किया गया समझा जाएगा ।

(6) अध्यक्ष या कोई अन्य सदस्य इस प्रकार पद धारण करने के प्रविरत हो जाने पर, -

(क) केंद्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी और नियोजन के लिए अपात्र होगा; और 

(ख) उस तारीख से जिससे वह उस पद पर नहीं रहता है, दो वर्ष की अवधि के लिए कोई वाणिज्यिक नियोजन स्वीकार नहीं करेगा ।

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, वाणिज्यिक नियोजन" से ऐसे किसी व्यक्ति के अधीन जो किसी व्यापारिक, वाणिज्यिक, औद्योगिक या वित्तीय कारबार में लगा हुआ है किसी हैसियत में या अभिकरण में नियोजन अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत किसी कंपनी का निदेशक या किसी फर्म का भागीदार या स्वतंत्र रूप से या फर्म के भागीदार के रूप में या किसी सलाहकार या परामर्शी के रूप में व्यवसाय स्थापित करना भी है ।

6. अध्यक्ष की शक्ति-अध्यक्ष को बोर्ड के कार्यों के संचालन में साधारण अधीक्षण और निदेशन की शक्ति होगी और बोर्ड के अधिवेशनों का सभापतित्व करने के अतिरिक्त बोर्ड की ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग और कृत्यों का निर्वहन करेगा जो बोर्ड द्वारा उसको सौंपे जाएं ।

7. अध्यक्ष और किसी अन्य सदस्य का पद से हटाया जाना-केंद्रीय सरकार, किसी ऐसे अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को पद से हटा सकेगी-

(क) जो दिवालिया न्यायनिर्णीत किया गया है; या

(ख) जो किसी ऐसे अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया गया है जिसमें केंद्रीय सरकार की राय में नैतिक अद्यमता अंतर्वलित है; या

(ग) जो सदस्य के रूप में कार्य करने में शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ हो गया है; या

(घ) जिसने ऐसे वित्तीय या अन्य हित अर्जित किए हैं जिनसे उसके सदस्य के रूप में कृत्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है; या

(ङ) जिसने अपने पद का इस प्रकार दुरुपयोग किया है कि उसके पद पर बने रहते से लोकहित पर प्रतिकूल     प्रभाव पड़ेगा:

परंतु कोई अध्यक्ष या अन्य सदस्य खंड (घ) या खंड (ङ) के अधीन, पद से तब तक नहीं हटाया जाएगा जब तक कि केंद्रीय सरकार का, उस प्रयोजन के लिए नियुक्त किसी व्यक्ति या गठित प्राधिकारी द्वारा की गई जांच के पश्चात् और ऐसी प्रक्रिया जो इस निमित्त विहित की जाए, के अनुसार यह समाधान नहीं हो जाता है कि ऐसे व्यक्ति को ऐसे आधार या आधारों पर हटाया जाना  चाहिए ।

8. बोर्ड के अधिवेशन-(1) बोर्ड, ऐसे समयों और स्थानों पर अधिवेशन करेगा और अपने अधिवेशनों के कारबार के संव्यवहार के (जिसके अंतर्गत उसके अधिवेशनों में गणपूर्ति भी है) संबंध में ऐसी प्रक्रिया का अनुपालन करेगा जो विनियमों द्वारा उपबंधित की जाएं ।

(2) अध्यक्ष, या यदि वह बोर्ड के किसी अधिवेशन में उपस्थित होने में असमर्थ है तो ऐसा उपस्थित ज्येष्ठतम सदस्य, जिसकी गणना बोर्ड में नियुक्ति की तारीख से की जाएगी, उस अधिवेशन की अध्यक्षता करेगा:

परन्तु सदस्यों की नियुक्ति की समान तारीख की दशा में, आयु में ज्येष्ठतम सदस्य अन्य सदस्यों से ज्येष्ठ समझा जाएगा

(3) बोर्ड के किसी अधिवेशन में उसके समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का विनिश्चय उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा और मत बराबर होने की दशा में अध्यक्ष का या उसकी अनुपस्थिति में अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति का निर्णायक मत होगा ।

(4) बोर्ड के सभी आदेश और विनिश्चय, सचिव या इस निमित्त अध्यक्ष द्वारा सम्यक् रूप से प्राधिकृत बोर्ड के किसी अन्य अधिकारी द्वारा अधिप्रमाणित किए जाएंगे ।

9. रिक्तियों, आदि से बोर्ड की कार्यवाहियों का अविधिमान्य होना-बोर्ड का कोई कार्य या कार्यवाही केवल इस आधार पर अविधिमान्य नहीं होगी, कि-

(क) बोर्ड में कोई रिक्ति है, या उसके गठन में कोई त्रुटि है; या

(ख) बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य करने वाले किसी व्यक्ति की नियुक्ति में कोई त्रुटि है; या

(ग) बोर्ड की प्रक्रिया में ऐसी अनियमितता है जिससे मामले के गुणागुण पर प्रभाव नहीं पड़ता है ।

10. बोर्ड के अधिकारी और अन्य कर्मचारी-(1) केंद्रीय सरकार, बोर्ड के परामर्श से, अध्यक्ष के नियंत्रण के अधीन ऐसी शक्तियों का प्रयोग और ऐसे कर्तव्यों का पालन करने के लिए, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं, सचिव की नियुक्ति कर सकेगी:

परंतु ऐसा कोई परामर्श, बोर्ड के पहले सचिव की नियुक्ति के लिए आवश्यक नहीं होगा ।

(2) बोर्ड, केंद्रीय सरकार के अनुमोदन से, बोर्ड के कृत्यों के दक्षतापूर्ण निर्वहन में बोर्ड की सहायता के लिए अपेक्षित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या, प्रकृति और प्रवर्गों का अवधारण कर सकेगा ।

(3) बोर्ड के सचिव, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को संदेय वेतन और भत्ते तथा उनकी सेवा के अन्य निबंधन और शर्तें वे होंगी, जो विहित की जाएं ।

(4) बोर्ड, अपने कृत्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए अपेक्षित परामर्शियों की ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, नियुक्ति कर सकेगा जो विनियमों द्वारा अवधारित की जाएं ।

अध्याय 3

बोर्ड के कृत्य और शक्तियां

11. बोर्ड के कृत्य-बोर्ड, -

(क) इकाइयों के बीच ऋजु व्यापार का पोषण और प्रतियोगिता द्वारा उपभोक्ताओं के हित का संरक्षण करेगा ।

(ख) इकाइयों को निम्नलिखित के लिए रजिस्ट्रीकृत करेगा-

(i) अधिसूचित पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों और केंद्रीय सरकार की संविदात्मक बाध्यताओं के अधीन रहते हुए, प्राकृतिक गैस का विपणन;

(ii) द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनलों की स्थापना और प्रचालन;

(iii) ऐसी क्षमता से अधिक जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के लिए भंडारकरण सुविधाएं स्थापित करना;

(ग) इकाइयों को निम्नलिखित के लिए प्राधिकृत करेगा-

(i) सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र बिछाने, उनका निर्माण, प्रचालन या विस्तार;

(ii) नगर या स्थानीय गैस वितरण नेटवर्क बिछाना, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार;

(घ) पाइप लाइनों को सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में घोषित करना;

(ङ) विनियमों द्वारा-

(i) सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र तक पहुंच, जिससे इकाइयों के बीच ऋजु व्यापार और प्रतियोगिता सुनिश्चित हो सके और उस प्रयोजन के लिए पाइपलाइन पहुंच संकेतकी को विनिर्दिष्ट करना;

(ii) सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के लिए परिवहन दरों को;

(iii) नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क तक पहुंच को, जिससे पाइपलाइन पहुंच संकेतकी के अनुसार इकाइयों के बीच ऋतु व्यापार और प्रतियोगिता को सुनिश्चित किया जा सके, विनियमित करेगा;

(च) अधिसूचित पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस की बाबत-

(i) पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करेगा;

(ii) फुटकर विक्रय केंद्रों पर उपभोक्ताओं के लिए इकाई द्वारा नियत अधिकतम फुटकर कीमत के विषय में जानकारी का प्रदर्शन सुनिश्चित करेगा;

(iii) कीमतों को मानीटर करेगा और इकाइयों के अवरोधक व्यापारिक व्यवहार के निवारण के लिए सुधारात्मक उपाय करेगा;

(iv) साम्यापूर्ण वितरण सुनिश्चित करेगा;

(v) फुटकर विक्रय केंद्रों के लिए फुटकर सेवा बाध्यताओं और इकाइयों के लिए विपणन सेवा बाध्यताओं के लिए, विनियमों द्वारा, उपबंध और प्रवर्तन करेगा;

(vi) परिवहन दरों को मानीटर करेगा और इकाइयों के अवरोधक व्यापारिक व्यवहार के निवारण हेतु सुधारात्मक कार्रवाई करेगा;

(छ) विनियमों द्वारा यथाअवधारित फीस और अन्य प्रभार उद्गृहीत करेगा;

(ज) पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से संबंधित क्रियाकलाप पर सूचना का डाटा बैंक रखेगा;

(झ) विनियमों द्वारा तकनीकी मानकों और विनिर्देशों को अधिकथित करेगा जिसके अंतर्गत पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से संबंधित क्रियाकलाप में सुरक्षा मानक हैं, जिसमें अनुप्रवाही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सैक्टर से संबंधित पाइपलाइन और अवसंरचना परियोजनाओं का निर्माण और प्रचालन भी सम्मिलित है;

(ञ) इस अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन के लिए ऐसे अन्य कृत्य करेगा जो उसे केंद्रीय सरकार द्वारा सौंपे जाएं ।

12. शिकायतों के संबंध में शक्तियां और बोर्ड द्वारा विवादों का समाधान-(1) बोर्ड को, -

(क) जब तक कि पक्षकार माध्यस्थम् के लिए सहमत न हों, अध्याय 5 के उपबंधों के अनुसार पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिष्करण, प्रसंस्करण, भंडारकरण, परिवहन, वितरण, विपणन और विक्रय से संबंधित विवाद्यकों पर इकाइयों के बीच या किसी इकाई और किसी अन्य व्यक्ति के बीच उद्भूत होने वाले किसी विवाद या विषय का न्यायनिर्णयन और विनिश्चय करने;

(ख) पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से संबंधित क्रियाकलाप से संबद्ध-

(i) फुटकर सेवा बाध्यताओं;

(ii) विपणन सेवा बाध्यताओं;

(iii) फुटकर विक्रय केंद्रों पर फुटकर कीमत का संप्रदर्शन;

(iv) ऐसे निबंधनों और शर्तों, जिनके अधीन कोई पाइपलाइन, जो अन्य इकाइयों के लिए, सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र या पहुंच के रूप में घोषित की गई है, किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को अनुज्ञात की गई थी या सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में किसी पाइपलाइन के बिछाने, निर्माण करने, विस्तार करने या प्रचालन करने के लिए या कोई नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क बिछाने, निर्माण करने, विस्तार करने या प्रचालन करने के लिए अस्तित्व को प्राधिकार दिया गया है;

(v) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध या उसके अधीन बनाए गए नियम, विनियम या किए गए आदेश,

के उल्लंघन के लिए किसी व्यक्ति से कोई शिकायत प्राप्त करने और कोई जांच या अन्वेषण करने की अधिकारिता होगी ।

(2) बोर्ड, उपधारा (1) के अधीन किसी शिकायत का विनिश्चय करते समय ऐसे आदेश पारित कर सकेगा और ऐसे निदेश जारी कर सकेगा जो वह ठीक समझे या अध्याय 5 के उपबंधों के अनुसार अन्वेषण के लिए विषय को निर्दिष्ट कर सकेगा ।

13. बोर्ड की प्रक्रिया-(1) बोर्ड को, इस अधिनियम के अधीन अपने कृत्यों के निर्वहन के प्रयोजनों के लिए निम्नलिखित विषयों की बाबत वही शक्तियां होंगी, जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन किसी वाद का विचारण करते समय किसी सिविल न्यायालय में निहित हैं, अर्थात्: -

(क) किसी व्यक्ति को समन करना और हाजिर कराना तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करना;

(ख) भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 (1872 का 1) की धारा 123 और धारा 124 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी कार्यालय से किसी लोक अभिलेख या दस्तावेज या ऐसे अभिलेख या दस्तावेज की प्रति की अध्यपेक्षा करना और ऐसे दस्तावेजों का प्रस्तुतीकरण;

(ग) शपथपत्रों पर साक्ष्य ग्रहण करना;

(घ) साक्षियों या दस्तावेजों की परीक्षा के लिए कमीशन निकालना;

(ङ) व्यतिक्रम के लिए किसी आवेदन को खारिज करना या उसका एकपक्षीय रूप से विनिश्चय करना;

(च) व्यतिक्रम के लिए किसी आवेदन को खारिज करने के किसी आदेश या उसके द्वारा एकपक्षीय रूप से पारित किसी आदेश को अपास्त करना;

(छ) अंतरिम राहत देना;

(ज) अपने विनिश्चय का पुनर्विलोकन करना; और

(झ) कोई अन्य विषय, जो विहित किया जाए ।

(2) बोर्ड के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही, भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 और धारा 228 के अर्थान्तर्गत और धारा 196 के प्रयोजनों के लिए न्यायिक कार्यवाही समझी जाएगी और बोर्ड दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 195 और अध्याय 26 के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय समझा जाएगा ।

(3) बोर्ड, नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों द्वारा मार्गदर्शित होगा और इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए, उसे अपनी प्रक्रिया विनियमित करने की, जिसके अंतर्गत वे स्थान भी हैं जहां वह अपने कारबार का संचालन करेगा, शक्तियां होंगी ।

अध्याय 4

रजिस्ट्रीकरण और प्राधिकरण

14. रजिस्टर-(1) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस रजिस्टर के नाम का एक रजिस्टर, बोर्ड के मुख्य कार्यालय में रखा जाएगा जिसमें ऐसी इकाइयों के ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे, -

(क) जो- 

(i) अधिसूचित पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस का विपणन करने, या

(ii) द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनलों की स्थापना और प्रचालन करने, या

(iii) ऐसी क्षमता से अधिक जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के लिए भंडारण सुविधाएं स्थापित करने, के लिए रजिस्ट्रीकृत हैं, या

(ख) जो-

(i) किसी सामान्य वाहित्र को बिछाने, निर्मित करने, प्रचालित करने, या विस्तारित करने, या

(ii) किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को ऐसे बिछाने, निर्मित करने, प्रचालित करने या विस्तारित करने, जो बोर्ड द्वारा, विनियमों द्वारा उपबंधित किए जाएं, के लिए प्राधिकृत हैं ।

(2) बोर्ड द्वारा रखे गए रजिस्टर में की किसी प्रविष्टि की और किसी प्राधिकृत अधिकारी द्वारा इस रूप में प्रमाणित कोई प्रति सभी न्यायालयों में और सभी कार्यवाहियों में, बिना किसी और सबूत या मूल को प्रस्तुत किए बिना ही साक्ष्य में ग्रहण की जाएगी ।

(3) रजिस्टर, बोर्ड के मुख्य कार्यालय में लोक निरीक्षण के लिए खुला रहेगा ।

(4) कोई व्यक्ति, बोर्ड को आवेदन पर और ऐसी फीस के संदाय पर, जो बोर्ड द्वारा विनियमों द्वारा अवधारित की जाए, रजिस्टर में की किसी प्रविष्टि की प्रमाणित प्रति अभिप्राप्त कर सकेगा ।

15. इकाइयों का रजिस्ट्रीकरण-(1) प्रत्येक इकाई जो-

(क) किसी अधिसूचित पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस का विपणन करने; या

(ख) किसी द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनल की स्थापना या प्रचालन करने; या

(ग) ऐसी क्षमता से अधिक जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के लिए भंडारण सुविधाएं स्थापित करने,

के लिए और ऐसी पात्रता शर्तों को जो विहित की जाएं, पूरा करने के लिए, इच्छुक है, इस अधिनियम के अधीन अपने रजिस्ट्रीकरण के लिए बोर्ड को आवेदन करेगा:

परंतु इस अधिनियम के अधीन कोई रजिस्ट्रीकरण, नियत दिन से ठीक पूर्व खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) में निर्दिष्ट किसी क्रियाकलाप को करने वाली किसी इकाई के लिए अपेक्षित नहीं होगा किंतु बोर्ड को ऐसे क्रियाकलाप के बारे में नियत दिन से छह मास के भीतर सूचित करेगा ।

(2) उपधारा (1) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रत्येक आवेदन ऐसे प्ररूप और ऐसी रीति में किया जाएगा और उसके साथ ऐसी फीस होगी जो बोर्ड द्वारा, विनियमों द्वारा अवधारित की जाए ।

(3) बोर्ड, ऐसी जांच करने के पश्चात् और ऐसे निबंधनों और शर्तों के, जो वह विनिर्दिष्ट करे, अधीन रहते हुए, इकाई को, उपधारा (1) के, यथास्थिति, खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) में निर्दिष्ट क्रियाकलाप प्रारंभ करने और चलाने के लिए अनुज्ञात करते हुए रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र अनुदत्त कर सकेगा ।

(4) बोर्ड, आदेश द्वारा, उपधारा (3) के अधीन अनुदत्त रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र को ऐसी रीति में, जो विनियमों द्वारा अवधारित की जाए, निलंबित या रद्द कर सकेगा:

परंतु इस उपधारा के अधीन कोई आदेश तब तक नहीं किया जाएगा जब तक संबद्ध इकाई को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर नहीं दे दिया गया हो ।

16. प्राधिकरण-कोई इकाई, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकार अभिप्राप्त किए बिना, -

(क) सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में किसी पाइप लाइन का बिछाना, निर्माण, प्रचालन या विस्तार,

(ख) किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क का बिछाना, निमार्ण, प्रचालन या विस्तार, नहीं करेगा:

परंतु कोई इकाई जो नियत दिन से ठीक पूर्व, -

(i) सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में किसी पाइप लाइन को बिछा रही है, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार कर रही है; या

(ii) किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछा रही है, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार कर रही है,

इस अध्याय के उपबंधों के अधीन रहते हुए ऐसा प्राधिकार रखने वाली समझी जाएगी किन्तु प्रयोजन या उपयोग में किसी परिवर्तन के लिए बोर्ड द्वारा अनुदत्त पृथक् प्राधिकार प्राप्त करना अपेक्षित होगा ।

17. प्राधिकार के लिए आवेदन-(1) कोई इकाई जो किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में कोई पाइपलाइन बिछा रही है, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार कर रही है या जो उनको बिछाने, निर्माण करने, प्रचालन या विस्तार करने का प्रस्ताव करती है, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकार अभिप्राप्त करने के लिए बोर्ड को लिखित में आवेदन करेगी:

परंतु कोई इकाई जो नियत तारीख से पहले किसी समय पर, केंद्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में कोई पाइप लाइन बिछा रही है उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार कर रही है वह नियत दिन से छह मास के भीतर बोर्ड को, ऐसे कार्यकलाप की विशिष्टियां देगी ।            

(2) कोई इकाई किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछा रही है, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार कर रही है या जो उसको बिछाने, निर्माण, प्रचालन या विस्तार का प्रस्ताव करती है, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकार प्राप्त करने के लिए लिखित में आवेदन करेगी:

परंतु कोई इकाई जो नियत दिन से पहले किसी समय पर, केंद्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछा रही है, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार कर रही है, वह नियत दिन से छह मास के भीतर बोर्ड को, ऐसे क्रियाकलाप की विशिष्टियां देगी ।

(3) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन प्रत्येक आवेदन ऐसे प्ररूप और ऐसी रीति में किया जाएगा और उसके साथ ऐसी फीस होगी जो बोर्ड, विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट करे ।

(4) बोर्ड, इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन और केंद्रीय सरकार द्वारा अधिकथित सन्नियमों तथा नीति विषयक मार्गदर्शक सिद्धांतों से संगत उसको किए गए किसी आवेदन को ऐसे संशोधनों या शर्तों के अधीन, यदि कोई हों, जो वह ठीक समझे, खारिज या स्वीकार कर सकेगा ।

(5) किसी आवेदन की खारिजी या सशर्त स्वीकृति की दशा में बोर्ड, यथास्थिति, ऐसे खारिज करने या सशर्त स्वीकृति के आधारों को लेखबद्ध करेगा ।

18. आवेदनों का प्रचार-जब अधिसूचित पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के विपणन के लिए या द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनल की स्थापना और प्रचालन के लिए या ऐसी क्षमता से अधिक जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के लिए भंडारण सुविधाओं की स्थापना के लिए रजिस्ट्रीकरण का कोई आवेदन चाहे आत्यंतिक रूप से या शर्तों या सीमाओं के अधीन रहते हुए स्वीकार किया जाता है तो बोर्ड, यथाशीघ्र, ऐसी स्वीकृति को ऐसे प्ररूप और रीति में जो विनियमों द्वारा उपबंधित की जाए, जनता की जानकारी में लाएगा ।

19. प्राधिकार की मंजूरी-(1) जब, या तो किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के लिए या किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के प्राधिकार के लिए किसी आवेदन के आधार पर या स्वप्रेरणा से, बोर्ड यह राय बनाता है कि दो विनिर्दिष्ट बिंदुओं के बीच किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र को बिछाना, निर्माण, प्रचालन करना या विस्तार करना या किसी विनिर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क बिछाना, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करना आवश्यक या समीचीन है तब बोर्ड ऐसा करने के अपने आशय का विस्तृत प्रचार कर सकेगा और ऐसी पाइप लाइनों या नगर  या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने में हितबद्ध पक्षकारों से आवेदन आमंत्रित कर सकेगा ।

(2) बोर्ड, किसी इकाई का, किसी उद्देश्य या पारदर्शी रीति में जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, ऐसे क्रियाकलाप के लिए चयन कर सकेगा ।

20. सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र और नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क की घोषणा करना, बिछाना, निर्माण करना, आदि-(1) यदि बोर्ड की यह राय है कि पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए किसी विद्यमान पाइप लाइन या किसी विद्यमान, नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क की किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में घोषणा करना या ऐसी पाइप लाइन या नेटवर्क की पहुंच को विनियमित या अनुज्ञात करना आवश्यक या समीचीन है तो वह ऐसा करने के अपने आशय का विस्तृत प्रचार कर सकेगा और ऐसे सभी व्यक्तियों या इकाइयों से जिनके ऐसे विनिश्चय द्वारा प्रभावित होने की संभावना है, किसी विनिर्दिष्ट समय के भीतर आक्षेप और सुझाव आमंत्रित कर सकेगा ।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, बोर्ड, पाइप लाइन या नेटवर्क की स्वामी इकाई को, सुनवाई का अवसर प्रदान करेगा और ऐसे निबंधन और शर्तें नियत करेगा जिनके अधीन कोई पाइप लाइन या नेटवर्क किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में घोषित किया जा सकेगा और ऐसे आदेश, जो लोकहित, प्रतियोगी परिवहन दरें और प्रथम उपयोग के अधिकार को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त समझे, पारित करेगा ।

(3) बोर्ड, धारा 19 की उपधारा (1) और उपधारा (2) के अधीन विनियमों द्वारा यथाविनिर्दिष्ट प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात् अधिसूचना द्वारा, -

(क) किसी पाइप लाइन या नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में घोषित कर सकेगा; या

(ख) किसी इकाई को, किसी पाइप लाइन को किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा; या

(ग) सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र या नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क तक पहुंच को अनुज्ञात कर सकेगा; या

(घ) किसी इकाई को, किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा ।

(4) बोर्ड, किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के लिए उतने वर्ष के लिए जो उसके द्वारा बनाए गए विनियमों द्वारा अधिकथित सिद्धांतों के अनुसार, उपभोक्ता के हितों का पूर्णतः संरक्षण करते समय किसी पारदर्शी रीति में, आदेश द्वारा अवधारण किया जाए, अनन्यता की अवधि का विनिश्चय कर सकेगा ।

(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए बोर्ड, निष्फल विनिधान से बचते हुए, समस्त देश में पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के प्रदायों को बनाए रखते हुए या वृद्धि करते हुए या साम्यापूर्ण वितरण या पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए इकाइयों के बीच प्रतियोगिता का संवर्धन करने के उद्देश्यों द्वारा मार्गदर्शित होगा और ऐसे सिद्धांतों का अनुसरण करेगा, जो बोर्ड, इस धारा के अधीन अपने कृत्यों को कार्यान्वित करने में विनियमों द्वारा अवधारित करे । 

21. प्रथम उपयोग का अधिकार, आदि-(1) पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के लिए कोई पाइप लाइन बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने वाली या किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने वाली प्रत्येक इकाई को अपनी ही आवश्यकताओं के लिए पहले उपयोग करने का अधिकार होगा और शेष क्षमता का उपयोग इकाइयों के बीच इस प्रकार किया जाएगा कि बोर्ड, धारा 20 के अधीन घोषणा जारी करने के पश्चात् और संपूर्ण देश में पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के विपणन और प्राप्यता में उचित प्रतियोगिता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अवधारित करे :

परंतु किसी इकाई के प्राकृतिक गैस के विपणन और सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र पर प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए किसी पाइप लाइन को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने, दोनों में लगे होने की दशा में बोर्ड, ऐसी इकाइयों से ऐसी सहबद्ध आचार संहिता का जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, अनुपालन करने की अपेक्षा करेगा और ऐसी इकाई से, प्राकृतिक गैस के विपणन के क्रियाकलाप को और परिवहन के क्रियाकलाप को पृथक् करने की अपेक्षा कर सकेगा जिसके अंतर्गत ऐसी अवधि के भीतर जो बोर्ड द्वारा अनुज्ञात की जाए, पाइप लाइन का स्वामित्व सम्मिलित है और केवल ऐसी इकाई को उक्त अवधि के भीतर प्रथम उपयोग का अधिकार होगा ।             (2) प्रचालन के लिए प्राधिकृत किसी इकाई से भिन्न कोई इकाई, किसी प्राधिकृत इकाई के रूप में इसका प्रचालन करने वाली इकाई को सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के उपयोग के लिए परिवहन दर का संदाय करेगी ।

(3) कोई इकाई जो सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के रूप में किसी पाइप लाइन को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के लिए या किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के लिए प्राधिकृत है, प्राधिकार से संबंधित किसी अधिकार के अतिलंघन का निवारण करने या नुकसानी को वसूल करने के लिए बोर्ड के समक्ष कार्यवाहियां संस्थित करने के लिए हकदार होगी ।

स्पष्टीकरण-इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी अधिकार के अतिलंघन" से ऐसे किसी व्यक्ति द्वारा किसी कार्य का किया जाना अभिप्रेत है जो सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र में विघ्न डालता है या प्राधिकृत इकाई पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है ।

22. परिवहन टैरिफ-(1) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए, बोर्ड, विनियमों द्वारा, सामान्य वाहित्रों या ठेका वाहित्रों के लिए या नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क के लिए परिवहन टैरिफ और ऐसे टैरिफों के अवधारण की रीति, अधिकथित करेगा ।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, बोर्ड निम्नलिखित द्वारा मार्गदर्शित होगा, अर्थात्: -

(क) वे बातें, जो प्रतियोगिता, दक्षता संसाधनों के मितव्ययी उपयोग, अच्छे कार्यपालन और समुचित विनिधानों को प्रोत्साहित करें;

(ख) उपभोक्ता के हित और उसके साथ ही किसी युक्तियुक्त रीति में परिवहन की लागत की वसूली के सुरक्षोपाय;

(ग) वे सिद्धांत जो कार्यपालन की दक्षता बढ़ाते हैं;

(घ) संसक्त अवसंरचना जैसे संपीडक, पंप, मीटरी इकाइयां, भंडारण और उसी प्रकार की सामान्य वाहित्रों या ठेका वाहित्रों से संसक्त वस्तुएं;

(ङ) सेवा की लागत, प्रत्यागम की आंतरिक दर, शुद्ध वर्तमान मूल्य या परिवहन की अनुकल्पी रीति के आधार पर संगणित किए गए किसी निर्देश टैरिफ के लिए न्यूनतम मापमान;

(च) सामान्य वाहित्र, ठेका वाहित्र और नगर या स्थानीय वितरण प्राकृतिक गैस नेटवर्क को लागू केंद्रीय सरकार की नीति । 

23. प्राधिकार का निलंबन या रद्दकरण-यदि बोर्ड का, किसी प्रभावित पक्षकार के आवेदन पर या स्वप्रेरणा से, यह समाधान हो जाता है कि उस इकाई जिसके पक्ष में, धारा 19 के अधीन प्राधिकार अनुदत्त किया गया है, प्राधिकार की किन्हीं शर्तों का पालन करने में असफल रही है, तो वह ऐसी इकाई को सुनवाई का अवसर दिए जाने के पश्चात् प्राधिकार को ऐसी अवधि के लिए निलंबित कर सकेगा जैसा वह उचित समझे या प्राधिकार को रद्द कर सकेगा:

परंतु जहां बोर्ड की यह राय है कि कोई प्राधिकृत इकाई उपभोक्ताओं के हितों के प्रतिकूल रीति से लगातार कार्य कर रही है तो वह सुने जाने का अवसर दिए जाने के अधीन रहते हुए प्राधिकार के निलंबन के लिए तुरंत कार्रवाई कर सकेगा तत्पश्चात् इस प्रकार की गई कार्रवाई की पुष्टि की जा सकेगी या प्रतिसंहृत की जा सकेगी ।

अध्याय 5

विवादों का निपटारा

24. बोर्ड द्वारा विवादों का निपटारा-(1) यथास्थिति, इकाइयों के बीच या किसी इकाई और किसी अन्य व्यक्ति के बीच सुसंगत करारों में माध्यस्थम् के लिए अन्यथा उपबंधित के सिवाय, यदि इकाइयों के बीच या किसी इकाई और किसी अन्य व्यक्ति के बीच उपधारा (2) में निर्दिष्ट विषय की बाबत कोई विवाद उत्पन्न होता है तो ऐसे विवाद का विनिश्चय ऐसी न्यायपीठ द्वारा किया जाएगा जो सदस्य (विधिक) और अध्यक्ष द्वारा नामनिर्दिष्ट एक या अधिक सदस्यों से मिलकर बनेगी:

परंतु यदि न्यायपीठ के सदस्यों में किसी बिंदु या बिंदुओं पर मतभेद है तो वे ऐसे बिंदु या बिंदुओं का कथन करेंगे, जिस या जिन पर उनमें मतभेद है और उसे या उन्हें उस न्यायपीठ के सदस्य से भिन्न किसी सदस्य को ऐसे बिंदु या बिंदुओं पर सुनवाई करने के लिए निर्दिष्ट करेंगे और ऐसा बिंदु या ऐसे बिंदु, उस सदस्य की राय के अनुसार विनिश्चित किए जाएंगे ।

(2) उपधारा (1) के अधीन गठित न्यायपीठ, नियत दिन से ही सभी ऐसी अधिकारिता, शक्तियों या प्राधिकार का प्रयोग करेगी जो निम्नलिखित से संबंधित किसी विषय पर किसी सिविल न्यायालय द्वारा प्रयोक्तव्य हैं: -

(क) इकाइयों द्वारा पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस का परिष्करण, प्रसंस्करण, भंडारकरण, परिवहन और वितरण;

(ख) पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस का विपणन और विक्रय जिसके अंतर्गत इकाइयों द्वारा उपभोक्ताओं को सेवा की क्वालिटी और प्रदाय की सुरक्षा भी है; और

(ग) धारा 15 या धारा 19 के अधीन बोर्ड द्वारा जारी किया गया कोई रजिस्ट्रीकरण या प्राधिकार ।

(3) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, बोर्ड को नियत दिन को या उसके पश्चात्, उपधारा (2) में निर्दिष्ट मामलों का विनिश्चय करने की शक्ति होगी ।

25. परिवाद फाइल करना-(1) किसी व्यक्ति द्वारा इकाइयों से संबंधित मामलों या इकाइयों के बीच इस अधिनियम के उपबंधों से उत्पन्न होने वाले मामले की बाबत बोर्ड के समक्ष कोई परिवाद फाइल किया जा सकेगा:

परंतु उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (1986 का 68) के अधीन उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच के समक्ष चलाए जाने योग्य व्यष्टिक उपभोक्ता के परिवादों पर बोर्ड द्वारा कार्रवाई नहीं की जाएगी बल्कि वे केवल ऐसे मंचों द्वारा ही सुने और निपटाए जाएंगे ।

स्पष्टीकरण-इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच" पद से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (1986 का 68) के उपबंधों के अधीन गठित, यथास्थिति, जिला मंच, राज्य आयोग या राष्ट्रीय आयोग अभिप्रेत है ।

(2) उपधारा (1) के अधीन किया गया प्रत्येक परिवाद उस तारीख से, जिसको, उल्लंघन करने वाला कोई कार्य या आचरण हुआ है, साठ दिन के भीतर फाइल किया जाएगा और ऐसे प्ररूप में और ऐसी फीस के साथ होगा जो विनियमों द्वारा विहित की जाए:

परंतु बोर्ड, उक्त अवधि की समाप्ति के पश्चात् परिवाद को ग्रहण कर सकेगा यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उस अवधि के भीतर परिवाद फाइल न किए जाने का पर्याप्त कारण था ।

(3) उपधारा (1) के अधीन परिवाद की प्राप्ति पर, बोर्ड, तीस दिन के भीतर यह विनिश्चय करेगा कि क्या किसी संबद्ध इकाई या इकाइयों के विरुद्ध कोई प्रथमदृष्ट्या मामला बनता है और वह या तो स्वयं जांच कर सकेगा या मामले को इस अध्याय के अधीन अन्वेषण के लिए अधिकारिता रखने वाले किसी अन्वेषण अधिकारी को निर्देशित कर सकेगा और जहां मामला ऐसे अन्वेषण अधिकारी को निर्दिष्ट किया गया है वहां उस अन्वेषण अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त होने पर, बोर्ड, उस विवाद के रूप में परिवाद को सुन और निपटा सकेगा यदि वह धारा 27 की उपधारा (2) के अधीन आता है और अन्य मामलों में,  वह ऐसे आदेश पारित कर सकेगा और ऐसे निदेश दे सकेगा, जो वह ठीक समझे ।

(4) जहां केंद्रीय सरकार यह समझती है कि इस अधिनियम के उपबन्धों से उत्पन्न होने वाले किसी मामले का अन्वेषण किया जाना अपेक्षित है, वहां, वह, बोर्ड को इसका निर्देश करेगी और इस अधिनियम के उपबन्ध इस प्रकार लागू होंगे मानो ऐसा निदेश, बोर्ड को किया गया कोई परिवाद है ।

26. अन्वेषण करने की शक्ति-(1) बोर्ड, धारा 25 के उपबंधों के प्रयोजनों के लिए, उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, बोर्ड के किसी अधिकारी को, विनियमों द्वारा उपबंधित रीति में, अन्वेषण करने के लिए, अन्वेषण अधिकारी नियुक्त करेगा:

परंतु जहां बोर्ड यह आवश्यक समझता है कि किसी मामले का अन्वेषण राज्य या केंद्रीय सरकार के किसी अन्वेषण अभिकरण द्वारा, जिसके अंतर्गत दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 (1946 का 25) की धारा 2 के अधीन गठित विशेष पुलिस बल भी है, किया जाना चाहिए, वहां बोर्ड, संबद्ध सरकार से, अन्वेषण करने के लिए ऐसे अभिकरण को निदेश देने या प्राधिकृत करने का अनुरोध कर सकेगा और तब इस प्रकार निदेशित या प्राधिकृत अभिकरण, इस अधिनियम के अधीन किसी अन्वेषण अधिकारी की शक्तियों का प्रयोग और कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए सक्षम होगा ।

(2) किसी व्यक्ति को अन्वेषण अधिकारी के रूप में तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि वह ऐसी अर्हताएं और अनुभव नहीं रखता हो जो बोर्ड, विनियमों द्वारा, अवधारित करे ।

(3) जहां एक से अधिक अन्वेषण अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं वहां बोर्ड, आदेश द्वारा, उन मामलों और अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं को विनिर्दिष्ट करेगा जिनकी बाबत ऐसा प्रत्येक अधिकारी अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेगा ।

27. बोर्ड द्वारा विचार की जाने वाली बातें-बोर्ड, इस अध्याय के अधीन किसी विवाद का विनिश्चय करते समय, इस अधिनियम के उपबंधों का और निम्नलिखित बातों का ध्यान रखेगा, अर्थात्: -

(क) व्यतिक्रम के परिणामस्वरूप हुए, अननुपातिक अभिलाभ या व्युत्पन्न अनुचित लाभ की रकम, जहां कहीं वह गणना योग्य हो; 

(ख) व्यतिक्रम के परिणामस्वरूप, किसी इकाई को कारित हानि की रकम;

(ग) व्यतिक्रम की पुनरावृत्ति की प्रकृति ।

28. बोर्ड द्वारा दिए गए निदेशों के उल्लंघन के लिए सिविल शास्ति-किसी व्यक्ति द्वारा, बोर्ड के समक्ष फाइल किए गए किसी परिवाद की दशा में या यदि बोर्ड का यह समाधान हो जाता है कि किसी व्यक्ति ने इस अधिनियम के अधीन पहुंच प्रदान करने या सामान्य वाहित्र के संबंध में परिवहन दर का पालन करने या फुटकर विक्रय केंद्रों पर अधिकतम फुटकर मूल्य प्रदर्शित करने के लिए बोर्ड द्वारा जारी किए गए निदेशों का उल्लंघन किया है या उन निबंधनों और शर्तों का, जिनके अधीन रहते हुए, धारा 15 या धारा 19 के अधीन रजिस्ट्रीकरण या प्राधिकार अनुदत्त किया है, या अधिकतम फुटकर विक्रय सेवा बाध्यताओं या विपणन सेवा बाध्यताओं का अतिक्रमण किया है या बोर्ड द्वारा अपेक्षित जानकारी, दस्तावेज, रिपोर्ट की विवरणी नहीं भेजी है तो बोर्ड ऐसे व्यक्ति को, मामले में सुने जाने का अवसर दिए जाने के पश्चात्, लिखित में आदेश द्वारा यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति, किसी अन्य शास्ति पर, जिसके लिए वह इस अधिनियम के अधीन दायी हो सकेगा, प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, सिविल शास्ति के रूप में ऐसी रकम, जो प्रत्येक उल्लंघन के लिए एक करोड़ रुपए से अधिक नहीं होगी और लगातार असफलता की दशा में अतिरिक्त शास्ति सहित, जो उस प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान ऐसे प्रथम निदेश के उल्लंघन के पश्चात् असफलता जारी रहती है, दस लाख रुपए तक की हो सकेगी, संदाय करेगा :

परंतु अवरोधक व्यापारिक व्यवहार के किसी परिवाद के मामले में, सिविल शास्ति की रकम इकाई द्वारा प्राप्त अऋजु अभिलाभों के पांच गुना तक या दस करोड़ रुपए, जो भी अधिक हो, हो सकेगी ।

29. बोर्ड द्वारा पारित आदेश को डिक्री समझा जाना-बोर्ड के किसी अधिकारी द्वारा जारी किए गए किसी प्रमाणपत्र पर, इस अधिनियम के अधीन बोर्ड द्वारा किया गया प्रत्येक आदेश, उसी रीति से निष्पादनीय होगा मानो वह सिविल न्यायालय की डिक्री हो: 

परंतु जहां बोर्ड के किसी आदेश के विरुद्ध कोई अपील होती है और कोई अपील नहीं की जाती है वहां बोर्ड का ऐसा आदेश, अपील अधिकरण के समक्ष ऐसे आदेश के विरुद्ध अपील करने के लिए अनुज्ञात अवधि की समाप्ति पर, इस धारा के अधीन अंतिम डिक्री माना जाएगा ।

अध्याय 6

अपील अधिकरण को अपीलें

30. अपील अधिकरण-(1) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए, विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का 36) की धारा 110 के अधीन स्थापित अपील अधिकरण, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए अपील अधिकरण होगा और उक्त अपील अधिकरण, इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन उसे प्रदत्त अधिकारिता, शक्तियों और प्राधिकार का प्रयोग करेगा:

परंतु इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए अपील अधिकरण का तकनीकी सदस्य, तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) के नाम से ज्ञात होगा और उसके पास धारा 31 की उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट अर्हताएं होंगी ।

(2) विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का 36) में किसी बात के होते हुए भी, केंद्रीय सरकार, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, विद्युत अपील अधिकरण में एक या अधिक तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) नियुक्त कर सकेगी या धारा 31 की उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट अर्हताएं रखने वाले उक्त अधिकरण के तकनीकी सदस्य को पदाभिहित कर सकेगी और जब कोई तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) नियुक्त किया जाता है तब वह उक्त अधिनियम के अधीन नियुक्त तीन अन्य सदस्यों के अतिरिक्त   होगा ।

31. तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) -(1) तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस), धारा 4 की उपधारा (2) के अधीन गठित खोज समिति द्वारा तैयार किए गए पैनल से नियुक्त किया जाएगा ।

(2) कोई व्यक्ति अपील अधिकरण के तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) के रूप में नियुक्ति के लिए तभी अर्हित होगा जब वह-

(i) केंद्रीय सरकार के मंत्रालय या विभाग में कम से कम एक वर्ष के लिए ऐसा सचिव है या रहा है जिसके पास ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सेक्टर से संबंधित विषयों में पर्याप्त अनुभव है; या

(ii) पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस की खोज, उत्पादन, पारेषण पाइप लाइनों, विपणन या विनियमन, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, विधि या प्रबंध से संबंधित विषयों में कार्य करने का पर्याप्त ज्ञान और अनुभव रखने वाला योग्य और अनुभवी व्यक्ति है या रहा है ।

32. तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) की सेवा के निबंधन और शर्तें-तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) की पदावधि, उसको संदेय वेतन और भत्ते तथा सेवा के अन्य निबंधन और शर्तें वही होंगी जो अपील अधिकरण के अन्य सदस्यों को लागू होती हैं ।

33. अपील अधिकरण को अपीलें-(1) इस अधिनियम के अधीन, बोर्ड द्वारा किए गए किसी आदेश या विनिश्चय से व्यथित कोई व्यक्ति, अपील अधिकरण को अपील कर सकेगा:

परन्तु कोई शस्ति उद्ग्रहण करने वाले बोर्ड के किसी आदेश या विनिश्चय के विरुद्ध अपील करने वाला व्यक्ति, अपील फाइल करते समय, ऐसी शास्ति की रकम जमा करेगा:

परन्तु यह और कि जहां किसी विशिष्ट मामले में, अपील अधिकरण की यह राय है कि ऐसी शास्ति के जमा करने से ऐसे व्यक्ति को असम्यक् कठिनाई होगी, तो वह ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो वह शास्ति की वसूली के रक्षोपाय के लिए अधिरोपित करना उचित समझे, ऐसी जमा से अभिमुक्ति दे सकेगा ।

(2) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक अपील, उस तारीख से, जिसको बोर्ड द्वारा किए गए निदेश या विनिश्चय के आदेश की प्रति, व्यथित व्यक्ति को प्राप्त होती है, तीस दिन की अवधि के भीतर फाइल की जाएगी और यह ऐसे प्ररूप और ऐसी रीति में सत्यापित होगी तथा उसके साथ ऐसी फीस होगी जो विहित की जाए:

परन्तु अपील अधिकरण तीस दिन की उक्त अवधि के अवसान के पश्चात् भी किसी अपील को ग्रहण कर सकेगा यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उसको उस अवधि के भीतर फाइल न कर पाने का पर्याप्त कारण था ।

(3) उपधारा (1) के अधीन अपील की प्राप्ति पर, अपील अधिकरण, पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् ऐसे आदेश पारित कर सकेगा, जो वह ठीक समझे ।

(4) अपील अधिकरण, उसके द्वारा किए गए प्रत्येक आदेश की एक प्रति, अपील के पक्षकारों और बोर्ड को भेजेगा ।

(5) उपधारा (1) के अधीन फाइल की गई अपील पर, अपील अधिकरण द्वारा यथासंभव शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और अपील की प्राप्ति की तारीख से नब्बे दिन के भीतर अन्तिम रूप से निपटान करने का उसके द्वारा प्रयास किया जाएगा:

परन्तु जहां ऐसी किसी अपील का नब्बे दिन की उक्त अवधि के भीतर निपटान नहीं किया जा सका है, वहां अपील अधिकरण उक्त अवधि के भीतर अपील का निपटान न कर पाने के कारणों को लेखबद्ध करेगा ।

(6) अपील अधिकरण, उपधारा (1) के अधीन फाइल की गई अपील में निर्दिष्ट बोर्ड के किसी आदेश या विनिश्चय की वैधता या औचित्य या शुद्धता की परीक्षा करने के प्रयोजन के लिए, स्वप्ररेणा से या अन्यथा ऐसी अपील का निपटान करने के लिए सुसंगत अभिलेखों को मंगा सकेगा और ऐसे आदेश कर सकेगा जो वह ठीक समझे ।

34. अपील अधिकरण की प्रक्रिया और शक्तियां-विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का 36) की धारा 120 से धारा 124 (जिनमें दोनों सम्मिलित हैं) के उपबंध यथा आवश्यक परिवर्तन सहित इस अधिनियम के अधीन उसके कृत्यों के निर्वहन में अपील अधिकरण को उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे विद्युत अधिनियम, 2003 के अधीन उसके कृत्यों के निर्वहन में लागू होते हैं ।

35. अपील अधिकरण की नियम बनाने की शक्ति-अपील अधिकरण, इस अधिनियम के अधीन उसके समक्ष सभी कार्यवाहियों के संबंध में संचालन और प्रक्रिया के बारे में, इस अधिनियम के उपबंधों से संगत नियम, अधिसूचना द्वारा, बना सकेगा ।

36. अपील अधिकरण द्वारा पारित आदेशों का डिक्री के रूप में निष्पादनीय होना-(1) इस अधिनियम के अधीन अपील अधिकरण द्वारा किया गया प्रत्येक आदेश, अपील अधिकरण द्वारा सिविल न्यायालय की डिक्री के रूप में निष्पादित किया जाएगा और इस प्रयोजन के लिए अपील अधिकरण को सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां होंगी ।

(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, अपील अधिकरण, उसके द्वारा किए गए किसी आदेश को, अधिकारिता रखने वाले सिविल न्यायालय को पारेषित कर सकेगा और ऐसा सिविल न्यायालय, आदेश का इस प्रकार निष्पादन करेगा मानो वह उस न्यायालय द्वारा की गई कोई डिक्री हो ।

37. उच्चतम न्यायालय को अपील-(1) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) या किसी अन्य विधि में किसी बात के होते हुए भी, कोई अपील, अपील अधिकरण के किसी आदेश के विरुद्ध, जो कोई अंतर्वर्ती आदेश नहीं है, उस संहिता की धारा 100 में विनिर्दिष्ट एक या अधिक आधारों पर उच्चतम न्यायालय को होगी ।

(2) पक्षकारों की सहमति से अपील अधिकरण के किसी विनिश्चय या आदेश के विरुद्ध कोई अपील नहीं होगी ।

(3) इस धारा के अधीन प्रत्येक अपील, उस विनिश्चय या आदेश की जिसके विरुद्ध अपील की गई है, तारीख से नब्बे दिन की अवधि के भीतर की जाएगी:

परन्तु उच्चतम न्यायालय, नब्बे दिन की उक्त अवधि के अवसान के पश्चात् भी अपील ग्रहण कर सकेगा यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि अपीलार्थी, समय पर, अपील न कर पाने से पर्याप्त कारणों से निवारित हुआ था ।

अध्याय 7

वित्त, लेखा और संपरीक्षा

38. केंद्रीय सरकार द्वारा अनुदान-केंद्रीय सरकार, संसद् द्वारा, इस निमित्त, विधि द्वारा किए गए सम्यक् विनियोग के पश्चात्, बोर्ड को ऐसी धनराशि का अनुदान कर सकेगी जो अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को संदेय वेतन और भत्तों तथा प्रशासनिक व्ययों का, जिनके अंतर्गत बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन भी हैं, संदाय करने के लिए अपेक्षित हैं ।

39. निधि-(1) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड निधि के नाम से एक निधि का गठन किया जाएगा और उसमें निम्नलिखित जमा किए जाएंगे, -

(i) इस अधिनियम के अधीन बोर्ड को प्राप्त सभी अनुदान, फीसें, शास्तियां और प्रभार; और

(ii) बोर्ड को ऐसे अन्य स्रोतों से जो केंद्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित किए जाएं, प्राप्त सभी धनराशियां ।

(2) निधि का उपयोजन निम्नलिखित मद्दे संदाय करने के लिए किया जाएगा, -

(i) बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को संदेय वेतन और भत्ते तथा प्रशासनिक व्यय जिनके अंतर्गत उसके अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन भी हैं;

(ii) इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने में उपगत या उपगत होने वाले व्यय ।

(3) केंद्रीय सरकार, -

(i) एक समिति का गठन करेगी जिसमें उतने व्यक्ति होंगे, जितने वह ठीक समझे, जो उस सरकार को वेतन, भत्तों और सभी अन्य व्ययों के लिए बोर्ड की बजट संबंधी अपेक्षाओं की उस सरकार को सिफारिश करेगी; और

(ii) समिति की सिफारिशों के आधार पर बोर्ड की बजट संबंधी अधिकतम सीमा को नियत करेगी ।

40. लेखा और संपरीक्षा-(1) बोर्ड उचित लेखा और अन्य सुसंगत अभिलेख रखेगा और लेखाओं का एक वार्षिक विवरण, ऐसे प्ररूप में तैयार करेगा जो केंद्रीय सरकार, भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक से परामर्श करके विहित करे ।

(2) बोर्ड के लेखे की संपरीक्षा भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक ऐसे अंतरालों पर, जो उसके द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं करेगा और उस संपरीक्षा के संबंध में उपगत व्यय, बोर्ड द्वारा भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को संदेय होगा ।

स्पष्टीकरण-शंकाओं को दूर करने के लिए, यह घोषित किया जाता है, कि इस अधिनियम के अधीन अपने कृत्यों के निर्वहन में किए गए बोर्ड के विनिश्चय, जो अपील अधिकरण को अपीलीय विषय हैं, इस धारा के अधीन संपरीक्षा के अध्यधीन नहीं होंगे ।

(3) भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक या बोर्ड के लेखे की संपरीक्षा के संबंध में उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के उस संपरीक्षा के संबंध में वे ही अधिकार और विशेषाधिकार तथा प्राधिकार होंगे जो सरकारी लेखे की संपरीक्षा के संबंध में होते हैं और उसे विशिष्ट रूप में बहियां, लेखा, संबंधित वाउचर और अन्य दस्तावेज तथा कागज पेश किए जाने की मांग करने और बोर्ड के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा ।

(4) भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक द्वारा या इस निमित्त उसके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा यथा प्रमाणित बोर्ड के लेखे उनकी संपरीक्षा रिपोर्ट के साथ प्रत्येक वर्ष केंद्रीय सरकार को अग्रेषित किए जाएंगे और वह सरकार उन्हें संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएगी ।

41. वार्षिक रिपोर्ट और उसका संसद् के समक्ष रखा जाना-(1) बोर्ड, प्रत्येक वर्ष में एक बार, ऐसे प्ररूप में और ऐसे समय पर जो विहित किया जाए, एक वार्षिक रिपोर्ट अपने कार्यकलापों का संक्षिप्त विवरण देते हुए, जिसके अंतर्गत पूर्ववर्षों के दौरान कार्यवाहियों और नीतियों से संबंधित जानकारी भी है, तैयार करेगा और ऐसी रिपोर्ट में बोर्ड के वार्षिक लेखे के विवरण भी होंगे । 

(2) रिपोर्ट की एक प्रति, केंद्रीय सरकार को भेजी जाएगी और केंद्रीय सरकार ऐसी रिपोर्ट प्राप्त करने के पश्चात् यथाशीघ्र, उसे संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएगी ।

अध्याय 8

केंद्रीय सरकार की शक्ति

42. केंद्रीय सरकार की निदेश देने की शक्ति-(1) केंद्रीय सरकार, समय-समय पर, बोर्ड को लिखित में ऐसे निदेश दे सकेगी जो वह भारत की प्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध या लोक व्यवस्था के हित में आवश्यक समझे ।

(2) पूर्वगामी उपबंध पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, केंद्रीय सरकार, यदि लोकहित में या पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस या इन सभी या इनमें से किसी के प्रदायों को बनाए रखने या बढ़ाने के लिए या उनके साम्यापूर्ण वितरण और पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक या समीचीन समझती है, तो वह बोर्ड को लिखित रूप में नीतिगत-निदेश जारी कर सकेगी और ऐसे नीतिगत-निदेश बोर्ड पर आबद्धकर होंगे:

परन्तु ऐसा कोई निदेश बोर्ड के दिन-प्रतिदिन के कार्यों से संबंधित नहीं होगा:

परंतु यह और कि बोर्ड को, इस उपधारा के अधीन कोई निदेश जारी किए जाने के पूर्व, यथासाध्य अपने विचार अभिव्यक्त करने का अवसर दिया जाएगा ।

(3) केंद्रीय सरकार का विनिश्चय कि कोई प्रश्न नीतिगत है या नहीं, अंतिम होगा ।

43. किसी इकाई की सुविधाओं और कारबार परिसरों तथा फुटकर विक्रय केंद्रों के नियंत्रण और प्रबंध का लोकहित में ग्रहण किया जाना-(1) युद्ध या प्राकृतिक विपत्ति या ऐसी अन्य समरूप परिस्थितियों की दशा में जिनसे पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस का प्रदाय विछिन्न होता है, तो केंद्रीय सरकार पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के निरंतर प्रदाय को सुनिश्चित करने के लिए अधिसूचना द्वारा किसी इकाई के भंडारण स्थल, सुविधाओं और कारबार परिसरों और फुटकर विक्रय केंद्रों के नियंत्रण और प्रबंध का या तो ग्रहण कर सकेगी या इसके प्रचालनों को निलंबित कर सकेगी या केंद्रीय या राज्य सरकार के किसी अभिकरण को ऐसे समय के लिए सौंप सकेगी और ऐसी रीति में प्रबंध कर सकेगी, जो उस अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाए :

परंतु प्रभावित इकाइयों को, फुटकर विक्रय केंद्रों और अन्य कारबार परिसरों का नियंत्रण और प्रबंध ग्रहण करने के लिए ऐसे आदेश जारी करने के पूर्व, सुनवाई का अवसर दिया जाएगा:

परंतु यह और कि अत्यावश्यकता की दशा में या ऐसी दशाओं में जहां परिस्थितियां, उस इकाई पर जिसके विरुद्ध आदेश निदेशित किया गया है, पर्याप्त समय के अभाव में या अन्यथा, सूचना की तामील की अनुज्ञा नहीं देती हैं, सुनवाई के अवसर से किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के अविच्छिन प्रदाय को बनाए रखने के उद्देश्य से, लोकहित में अभिमुक्ति प्रदान की जा सकेगी ।

(2) राजस्व जिले का, जिसमें उपधारा (1) के अधीन जारी की गई सूचना में निर्दिष्ट सम्पत्ति अवस्थित है, कलक्टर, सम्पत्ति को ग्रहण करने के लिए संदेय प्रतिकर की रकम का अवधारण करेगा ।

(3) वह प्ररूप और रीति, जिसमें इस धारा के अधीन प्रतिकर का दावा करने के लिए आवेदन किया जाएगा, प्रतिकर का अवधारण करने की प्रक्रिया और वह समय जिसके भीतर ऐसा प्रतिकर संदेय होगा, वह होगा, जो विनिर्दिष्ट किया जाए । 

अध्याय 9

अपराध और दंड

44. बोर्ड के निदेशों के उल्लंघन के लिए दंड-यदि कोई व्यक्ति बोर्ड के निदेशों का उल्लंघन करेगा तो ऐसा व्यक्ति जुर्माने से, जो पच्चीस करोड़ रुपए तक का हो सकेगा और लगातार उल्लंघन की दशा में अतिरिक्त जुर्माने से, जो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान उल्लंघन जारी रहता है, दस लाख रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा ।

45. अपील अधिकरण के आदेशों के अनुपालन में जानबूझकर असफल रहने के लिए शास्ति-यदि कोई व्यक्ति अपील अधिकरण के आदेश का अनुपालन करने में जानबूझकर असफल रहेगा तो वह ऐसे जुर्माने से जो एक करोड़ रुपए तक का हो सकेगा और द्वितीय या पश्चात्वर्ती अपराध की दशा में, जुर्माने से जो दो करोड़ रुपए तक का हो सकेगा और लगातार उल्लंघन की दशा में, अतिरिक्त जुर्माने से जो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके दौरान ऐसा व्यतिक्रम जारी रहता है, बीस लाख रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा । 

46. अप्राधिकृत क्रियाकलाप के लिए दंड-यदि कोई व्यक्ति जो एक इकाई है, किसी विधिमान्य रजिस्ट्रीकरण या प्राधिकार के बिना किसी अधिसूचित पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस का विपणन करेगा तो ऐसा व्यक्ति, कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो पच्चीस करोड़ रुपए तक का हो सकेगा अथवा दोनों से दंडनीय होगा और लगातार उल्लंघन की दशा में, अतिरिक्त जुर्माने से जो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान उल्लंघन जारी रहता है, दस लाख रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा । 

47. रजिस्ट्रीकरण के बिना द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनल की स्थापना या संचालन के लिए दंड-यदि कोई व्यक्ति धारा 15 के अधीन अपेक्षित रजिस्ट्रीकरण के बिना द्रवित प्राकृतिक गैस टर्मिनल स्थापित करेगा या उसका संचालन करेगा तो ऐसा व्यक्ति कारावास के, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या पच्चीस करोड़ रुपए की शास्ति के, अथवा दोनों से और लगातार उल्लंघन की दशा में अतिरिक्त जुर्माने के, जो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान उल्लंघन जारी रहता है, दस लाख रुपए तक का हो सकेगा, दंड का भागी होगा ।

48. प्राधिकार के बिना सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र बिछाने, निर्मित करने, प्रचालित करने या विस्तार करने के लिए दंड-यदि कोई व्यक्ति, धारा 19 के अधीन अपेक्षित प्राधिकार अभिप्राप्त किए बिना किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र या किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाएगा, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करेगा तो ऐसा व्यक्ति कारावास के, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या पच्चीस करोड़ रुपए तक की शास्ति अथवा दोनों के और लगातार उल्लंघन की दशा में अतिरिक्त जुर्माने के, जो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान उल्लंघन जारी रहता है, दस लाख रुपए तक का हो सकेगा, दंड का भागी होगा ।

49. सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए दंड-प्रत्येक व्यक्ति, जो पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के प्रदाय के लिए सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र की किसी पाइप लाइन या नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क या अन्य संकर्म को जानबूझकर हटाएगा, नष्ट करेगा या नुकसान पहुंचाएगा, प्रत्येक ऐसे अपराध के लिए कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो पच्चीस करोड़ रुपए तक का हो सकेगा अथवा दोनों से, और लगातार उल्लंघन की दशा में, अतिरिक्त जुर्माने से, जो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान उल्लंघन जारी रहता है, दस लाख रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा ।

50. कंपनियों द्वारा अपराध-(1) जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध, किसी कंपनी द्वारा किया गया है, वहां ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जो अपराध के किए जाने के समय उस कंपनी के कारबार के संचालन के लिए उस कंपनी का भारसाधक था और उसके प्रति उत्तरदायी था और साथ ही वह कंपनी भी, ऐसे अपराध के दोषी समझे जाएंगे और तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दंडित किए जाने के भागी होंगे:

परंतु इस उपधारा की कोई बात, किसी ऐसे व्यक्ति को, इस अधिनियम में उपबंधित दंड का भागी नहीं बनाएगी, यदि वह यह साबित कर देता है कि अपराध, उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध के किए जाने का निवारण करने के लिए सब सम्यक् तत्परता बरती थी ।

(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध, किसी कंपनी द्वारा किया गया है और यह साबित हो जाता है कि वह अपराध, कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से किया गया है या उस अपराध का किया जाना उसकी किसी उपेक्षा के कारण माना जा सकता है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी समझा जाएगा और तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दंडित किए जाने का भागी होगा ।

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, -

(क) कंपनी" से कोई निगमित निकाय अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत फर्म या व्यष्टियों का अन्य संगम है; और

(ख) फर्म के संबंध में निदेशक" से उस फर्म का भागीदार अभिप्रेत है ।

अध्याय 10

प्रकीर्ण

51. डाटा बैंक और सूचना का रखा जाना-(1) बोर्ड, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस में व्यौहार करने वाली इकाइयों के क्रियाकलाप से संबंधित डाटा बैंक और सूचना प्रणाली, ऐसे प्ररूप और ऐसी रीति में रखेगा, जो विनियमों द्वारा उपबंधित की जाएं । 

(2) बोर्ड को इकाइयों द्वारा प्रदाय किए गए डाटा का सत्यापन करने और इस प्रयोजन के लिए किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को नियुक्त करने और ऐसे उपाय करने की शक्ति होगी जो वह आवश्यक समझे ।

52. इकाइयों की बाध्यताएं-(1) प्रत्येक इकाई-

(क) ऐसे दस्तावेजी अभिलेख रखेगी जो बोर्ड द्वारा विनियमों द्वारा, विनिर्दिष्ट किए जाएं;

(ख) ऐसी सुविधाओं और ऐसे दस्तावेजी अभिलेखों का बोर्ड द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा निरीक्षण अनुज्ञात करेगी, जो बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं;

(ग) ऐसे क्रियाकलाप जिनके लिए प्राधिकार मंजूर किया गया है, ऐसी अवधि के भीतर प्रारंभ करेगी जो प्राधिकार के दस्तावेज में बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं;

(घ) निम्नलिखित रजिस्टर करेगी-

(i) पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के प्रदाय के लिए पाइप लाइनों के उपयोग से संबंधित, बोर्ड के साथ किए गए करार; या 

(ii) कोई अन्य दस्तावेज जो बोर्ड विनियमों द्वारा अवधारित करे;

(ङ) विपणन सेवा बाध्यताओं और फुटकर सेवा बाध्यताओं का अनुपालन करेगी । 

(2) बोर्ड, किसी इकाई से किसी जानकारी की मांग कर सकेगा जिसके अंतर्गत वह जानकारी भी है जो इकाई की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए या उसके वास्तविक स्वामित्व को अभिनिश्चित करने के लिए आवश्यक समझी गई है ।

(3) बोर्ड या बोर्ड द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी को, इकाई का, जहां कहीं आवश्यक हो, निरीक्षण करने और जानकारी अभिप्राप्त करने की शक्ति होगी ।

(4) प्राधिकार के निबंधनों और शर्तों के प्रभावी प्रवर्तन के लिए, बोर्ड को या उस प्रयोजन के लिए उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी को निरीक्षण अधिकारी की वे सभी शक्तियां प्राप्त होंगी जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 209क के अधीन उपबंधित हैं ।

(5) प्रत्येक इकाई का यह कर्तव्य होगा कि वह इस धारा के अधीन दिए गए बोर्ड के निदेशों का पालन करे ।

(6) बोर्ड, इकाइयों से, उसे प्राप्त किसी जानकारी और अभिलेख की बाबत गोपनीयता बनाए रखेगा और किसी व्यक्ति या प्राधिकारी को, लोकहित के आधारों के सिवाय, उनमें अंतर्विष्ट जानकारी को प्रकट नहीं करेगा ।

53. केंद्रीय सरकार को विवरणियां आदि का दिया जाना-बोर्ड, केंद्रीय सरकार को, इस अधिनियम के अधीन प्रस्तावित या विद्यमान क्रियाकलाप से संबधित किसी विषय की बाबत ऐसे समय पर और ऐसे प्ररूप तथा रीति में जो विहित की जाए या जैसा केंद्रीय सरकार निदेश दे, ऐसी विवरणियां और कथन और ऐसी विशिष्टियां देगा, जो केंद्रीय सरकार समय-समय पर अपेक्षा करे ।

54. अध्यक्ष, सदस्यों आदि का लोक सेवक होना-बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्यों, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों तथा अपील अधिकरण के तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) के बारे में, जब वे इस अधिनियम के किन्हीं उपबंधों के अनुसरण में कार्य कर रहे हैं या उनका कार्य करना तात्पर्यित है, यह समझा जाएगा कि वे भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 21 के अर्थ के भीतर लोक सेवक है । 

55. सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण-इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के अधीन सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित किसी बात के लिए कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही केंद्रीय सरकार, बोर्ड, तकनीकी प्राधिकरण या अपील अधिकरण या केंद्रीय सरकार के किसी अधिकारी या बोर्ड के किसी अध्यक्ष, सदस्य, अधिकारी या अन्य कर्मचारी या अपील अधिकरण के तकनीकी सदस्य (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) के विरुद्ध नहीं होगी ।

56. सिविल न्यायालयों को अधिकारिता का होना-किसी सिविल न्यायालय को, किसी ऐसे विषय की बाबत किसी वाद या कार्यवाही को ग्रहण करने की अधिकारिता नहीं होगी, जिसे अवधारित करने के लिए बोर्ड या अपील अधिकरण इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन सशक्त है और किसी न्यायालय या अन्य प्राधिकारी द्वारा इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त शक्ति के अनुसरण में की गई या की जाने वाली कार्रवाही की बाबत कोई व्यादेश अनुदत्त नहीं किया जाएगा ।

57. कतिपय अपराधों का संज्ञान-(1) कोई भी न्यायालय अध्याय 9 के अधीन दंडनीय किसी अपराध का संज्ञान, बोर्ड द्वारा या केंद्रीय सरकार द्वारा निदेशित किसी अन्वेषण अभिकरण द्वारा किए गए परिवाद पर के सिवाय नहीं करेगा ।

(2) मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से निम्नतर कोई न्यायालय, अध्याय 9 के अधीन दंडनीय किसी अपराध का विचारण नहीं करेगा ।

(3) धारा 44, धारा 45, धारा 46 और धारा 47 के अधीन दंडनीय प्रत्येक अपराध संज्ञेय होगा ।

58. प्रत्यायोजन-बोर्ड, लिखित, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, बोर्ड के किसी सदस्य या अधिकारी को, ऐसी शर्तों के, यदि कोई हों, अधीन रहते हुए जो आदेश में विनिर्दिष्ट की जाएं, इस अधिनियम के अधीन अपनी ऐसी शक्तियों और कृत्यों को (अध्याय 6 के अधीन विवाद का निपटारा करने और धारा 61 के अधीन विनियम बनाने की शक्ति को छोड़कर), जो वह आवश्यक समझे, प्रत्यायोजित कर सकेगा ।

59. कठिनाइयों को दूर करने के शक्ति-(1) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है तो केंद्रीय सरकार, राजपत्र में प्रकाशित ऐसे आदेश द्वारा, उपबंध कर सकेगी, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों, और जो उस कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक प्रतीत होते हों:

परंतु इस धारा के अधीन ऐसा कोई आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से दो वर्ष की समाप्ति के पश्चात् नहीं किया जाएगा ।

(2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश उसके बनाए जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा ।

60. केंद्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति-(1) केंद्रीय सरकार इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए नियम, अधिसूचना द्वारा बना सकेगी ।

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात्: -

(क) धारा 5 की उपधारा (4) के अधीन अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को संदेय वेतन और भत्ते तथा उनकी सेवा की अन्य शर्तें; 

(ख) धारा 7 के अधीन किसी व्यक्ति की नियुक्ति या किसी प्राधिकरण के गठन तथा जांच करने की प्रक्रिया;

(ग) धारा 10 की उपधारा (3) के अधीन बोर्ड के सचिव, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को संदेय वेतन और भत्ते तथा उनकी सेवा के अन्य निबंधन और शर्तें;

(घ) कोई अन्य विषय जिसकी बाबत बोर्ड, धारा 13 की उपधारा (1) के खंड (i) के अधीन सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकेगा;

(ङ) पात्रता की शर्तें, जिनको कोई इकाई, धारा 15 की उपधारा (1) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए पूरा करेगी;

(च) धारा 33 की उपधारा (2) के अधीन अपील का प्ररूप और ऐसे प्ररूप की सत्यापित करने की रीति तथा वह फीस जो ऐसे प्ररूप के साथ होगी;

(छ) वह रीति जिसमें, धारा 40 की उपधारा (1) के अधीन, बोर्ड के लेखे रखे जाएंगे;

(ज) वह समय और रीति, जिसमें धारा 41 की उपधारा (1) के अधीन बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी;

(झ) वह प्ररूप और रीति जिसमें धारा 43 की उपधारा (3) के अधीन प्रतिकर का दावा करने के लिए आवेदन किए जाएंगे, प्रतिकर का अवधारण करने की प्रक्रिया और वह समय जिसके भीतर ऐसा प्रतिकर संदेय होगा;

(ञ) वह समय और रीति जिसमें, केंद्रीय सरकार को धारा 53 के अधीन बोर्ड द्वारा विवरणियां और कथन प्रस्तुत किए जाएंगे;

(ट) कोई अन्य विषय जो विहित किया जाना है या विहित किया जाए या जिसकी बाबत नियमों द्वारा उपबंध किया जाना है । 

61. बोर्ड की विनियम बनाने की शक्ति-(1) बोर्ड, इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए, ऐसे विनियम, अधिसूचना द्वारा, बना सकेगा जो इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों से संगत हों ।

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे विनियम निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात्: -

(क) धारा 8 की उपधारा (1) के अधीन, बोर्ड के अधिवेशनों का समय और स्थान तथा ऐसे अधिवेशनों में अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया (जिसके अंतर्गत कारबार के संव्यवहार के लिए आवश्यक गणपूर्ति भी है);

(ख) धारा 10 की उपधारा (1) के अधीन सचिव की शक्तियां और कर्तव्य;

(ग) धारा 10 की उपधारा (4) के अधीन नियुक्त परामर्शियों के निबंधन और शर्तें;

(घ) धारा 11 के खंड (ख) के उपखंड (iii) के अधीन रजिस्ट्रीकरण की अपेक्षा करने वाली, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या प्राकृतिक गैस के लिए भंडारकरण सुविधाओं की क्षमता;

(ङ) धारा 11 के खंड (ङ) में निर्दिष्ट सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र या नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क और अन्य विषयों के लिए खुली पहुंच और परिवहन दर को विनियमित करना;

(च) धारा 11 के खंड (च) के उपखंड (v) के अधीन इकाइयों के लिए विपणन सेवा बाध्यताएं और फुटकर विक्रय केंद्रों के लिए फुटकर सेवा बाध्यताएं;

(छ) धारा 11 के खंड (छ) के अधीन फीसों और अन्य प्रभारों का उद्ग्रहण;

(ज) तकनीकी मानक और विनिर्देश जिनके अंतर्गत धारा 11 के खंड (झ) के अधीन पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से संबंधित क्रियाकलाप में सुरक्षा मानक भी सम्मिलित हैं;

(झ) धारा 13 की उपधारा (3) के अधीन बोर्ड द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया जिसके अंतर्गत वे स्थान भी हैं जहां पर वह अपने कारबार का संचालन करेगा;

(ञ) धारा 14 की उपधारा (1) के अधीन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस रजिस्टर रखे जाने की रीति;

(ट) धारा 14 की उपधारा (4) के अधीन रजिस्टर में किसी प्रविष्टि की प्रमाणित प्रति अभिप्राप्त करने के लिए आवेदन करने का प्ररूप और रीति और वह फीस जो ऐसे आवेदन के साथ होगी;

(ठ) वह प्ररूप और रीति जिसमें धारा 15 की उपधारा (1) के अधीन कोई आवेदन किया जाएगा और वह फीस जो धारा 15 की उपधारा (2) के अधीन ऐसे आवेदन के साथ होगी;

(ड) वह रीति, जिसके द्वारा धारा 15 की उपधारा (3) के अधीन प्रदत्त कोई रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र धारा 15 की उपधारा (4) के अधीन निलंबित या रद्द किया जा सकेगा;

(ढ) वह प्ररूप और रीति, जिसमें धारा 17 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन कोई आवेदन किया जाएगा और वह फीस जो धारा 17 की उपधारा (3) के अधीन ऐसे आवेदन के साथ होगी;

(ण) वह प्ररूप और रीति, जिसमें धारा 18 के अधीन रजिस्ट्रीकरण के आवेदनों की स्वीकृति का प्रचार किया जाएगा;

(त) धारा 19 की उपधारा (2) के अधीन किसी इकाई के चयन की रीति;

(थ) ऐसे वर्षों की संख्या का अवधारण करने के लिए सिद्धांत, जिनके लिए किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को धारा 20 की उपधारा (4) के अधीन किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र के कार्यक्षेत्र से अपवर्जित किया जाएगा;

(द) बोर्ड द्वारा अनुसरण किए जाने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत और धारा 20 की उपधारा (5) के अधीन किसी नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने की घोषणा करने या प्राधिकृत करने के लिए किसी सामान्य वाहित्र या ठेका वाहित्र को बिछाने, उसका निर्माण, प्रचालन या विस्तार करने के लिए घोषणा करने या प्राधिकृत करने के उद्देश्य;

(ध) वह सहबद्ध आचार संहिता, जिसके अधीन इकाइयों से धारा 21 की उपधारा (1) परंतुक के अधीन अनुपालन करना अपेक्षित है;

(न) धारा 22 की उपधारा (1) के अधीन सामान्य वाहित्रों या ठेका वाहित्रों या नगर या स्थानीय प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क के लिए परिवहन टैरिफ और ऐसे टैरिफों को अवधारित करने की रीति;

(प) वह प्ररूप जिसमें धारा 25 की उपधारा (2) के अधीन कोई परिवाद किया जा सकेगा और वह फीस जो ऐसे परिवाद के साथ होगी;

(फ) धारा 26 की उपधारा (1) के अधीन अन्वेषण अधिकारी द्वारा अन्वेषण किए जाने की रीति;

(ब) वे अर्हताएं और अनुभव जो धारा 26 की उपधारा (2) के अधीन किसी अन्वेषण अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए किसी व्यक्ति के पास होंगे;

(भ) धारा 51 की उपधारा (1) के अधीन बोर्ड द्वारा डाटा बैंक और सूचना प्रणाली रखे जाने के लिए प्ररूप और रीति;

(म) धारा 52 की उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन किसी इकाई द्वारा दस्तावेजी अभिलेखों का रखा जाना;

(य) किसी अन्य प्रकार के दस्तावेज, जो धारा 52 की उपधारा (1) के खंढ (घ) के उपखंड (ii) के अधीन बोर्ड के पास रजिस्ट्रीकृत किए जाएंगे;

(यक) कोई अन्य विषय, जिसे विनियमों द्वारा विहित किया जाना अपेक्षित है या जो विहित किया जाए या जिसके संबंध में विनियमों द्वारा उपबंध किया जाना है या किया जाए ।

62. नियमों और विनियमों का संसद् के समक्ष रखा जाना-इस अधिनियम के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा बनाया प्रत्येक नियम और बोर्ड द्वारा बनाया गया प्रत्येक विनियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब तक वह सत्र में हो, कुल तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा । यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी । यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम या विनियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा । यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम या विनियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा । किन्तु नियम या विनियम के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।

63. संक्रमणकालीन व्यवस्थाएं-(1) जहां, इस अधिनियम के प्रारंभ से पूर्व, एक तेल कंपनी और किसी अन्य तेल कंपनी के बीच, पेट्रोलियम उत्पाद की हिस्सेदारी या अवसंरचनात्मक सुविधाओं की हिस्सेदारी के प्रयोजन से कोई करार किया गया है या करार किए गए हैं और केंद्रीय सरकार द्वारा ऐसे करारों का अनुमोदन कर दिया गया है, वहां बोर्ड, संक्रमणकालीन अवधि के लिए ऐसे करारों के क्रियान्वयन को मानिटर कर सकेगा ।

(2) बोर्ड, विद्यमान इकाइयों के फुटकर नेटवर्क पर अधिक्रमण किए बिना, इकाइयों द्वारा संक्रमणकाल के दौरान मोटर स्पिरिट, उच्च गति डीजल, श्रेष्ठ मिट्टी के तेल, द्रवित पेट्रोलियम गैस और प्राकृतिक गैस के लिए सी०एन०जी० केंद्रों की डीलरशिप और डिस्ट्रीब्यूटरशिप के गठन को मानिटर करेगा ।

स्पष्टीकरण 1-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, संक्रमणकाल" पद से इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से तीन वर्ष की अवधि अभिप्रेत है ।

स्पष्टीकरण 2- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अवसंरचनात्मक सुविधाओं" से पत्तनों, परिशोधन-शालाओं, टर्मिनलों, डिपो और विमानन ईंधन केंद्रों पर सुविधाएं अभिप्रेत हैं जिनके अंतर्गत नलका लाइनें हैं और जिनमें लदाई और उतराई सुविधाएं भी सम्मिलित होंगी ।

स्पष्टीकरण 3-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अधिक्रमण" के अंतर्गत एक इकाई का दूसरी इकाई द्वारा फुटकर विक्रय केंद्र का ग्रहण करना सम्मिलित है । 

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