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राष्ट्रपति (कृत्यों का निर्वहन) अधिनियम, 1969 ( President (Discharge Of Functions) Act, 1969 )


 

राष्ट्रपति (कृत्यों का निर्वहन) अधिनियम, 1969

(1969 का अधिनियम संख्यांक 16)

[28 मई, 1969]

कतिपय आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति के कृत्यों के निर्वहन का

उपबन्ध करने के लिए

अधिनियम

भारत गणराज्य के बीसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

1. संक्षिप्त नाम-यह अधिनियम राष्ट्रपति (कृत्यों का निर्वहन) अधिनियम, 1969 कहा जा सकेगा

2. परिभाषाएं-इस अधिनियम में, राष्ट्रपति", उपराष्ट्रपति" और द्वितीय अनुसूची" से क्रमशः भारत का राष्ट्रपति, भारत का उपराष्ट्रपति और संविधान की द्वितीय अनुसूची अभिप्रेत होगी

3. कतिपय आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन-(1) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, दोनों के पदों में मृत्यु, पद-त्याग या हटाए जाने के कारण या अन्यथा रिक्ति होने की दशा में, भारत का मुख्य न्यायाधिपति या उसकी अनुपस्थिति में, भारत के उच्चतम न्यायालय का उपलभ्य ज्येष्ठतम न्यायाधीश, जब तक राष्ट्रपति के पद की रिक्ति को भरने के लिए संविधान के उपबन्धों के अनुसार निर्वाचित नया राष्ट्रपति अपना पदग्रहण कर ले अथवा इस प्रकार निर्वाचित नया उपराष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 65 के अधीन राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना प्रारम्भ कर दे, इनमें से जो भी पहले हो, राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन करेगा

                (2) राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन करते समय जब उपराष्ट्रपति की मृत्यु हो जाए, या वह पद त्याग दे, या हटा दिया जाए, या अन्यथा पद पर रह जाए, तब भारत का मुख्य न्यायाधिपति या, उसकी अनुपस्थिति में, उपधारा (1) में निर्दिष्ट ज्येष्ठतम न्यायाधीश, जब तक राष्ट्रपति अपना कर्तव्य-भार पुनःग्रहण कर ले या जब तक नया उपराष्ट्रपति यथापूर्वोक्त रूप से निर्वाचित हो जाए, इनमें से जो भी पहले हो, उक्त कृत्यों का निर्वहन करेगा

                (3) जब उपराष्ट्रपति-

                                () राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते समय, अथवा

                                () राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन करते समय,

अनुपस्थिति, बीमारी या अन्य किसी कारण से राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन करने के लिए असमर्थ हो तब भारत का मुख्य न्यायाधिपति या, उसकी अनुपस्थिति में, उपधारा (1) में निर्दिष्ट ज्येष्ठतम न्यायाधीश-

(i) खण्ड () में निर्दिष्ट दशा में, यथापूर्वोक्त रूप से निर्वाचित नए राष्ट्रपति के अपना पद ग्रहण करने तक या राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहे उपराष्ट्रपति के अपना कर्तव्य-भार पुनःग्रहण करने तक, इनमें से जो भी पहले हो,

(ii) खण्ड () में निर्दिष्ट दशा में, राष्ट्रपति के अपना कर्तव्य-भार पुनःग्रहण करने तक अथवा उपराष्ट्रपति के अपना कर्तव्य-भार पुनः ग्रहण करने तक, इनमें से जो भी पहले हो,

उक्त कृत्यों का निर्वहन करेगा

                (4) राष्ट्रपति के कृत्यों का इस धारा के अधीन निर्वहन करने वाले व्यक्ति को उस कालावधि के दौरान, और उसकी बाबत, जब वह उक्त कृत्यों का इस प्रकार निर्वहन कर रहा हो, राष्ट्रपति की सभी शक्तियां और उन्मुक्तियां होंगी और वह ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का, जो संसद् विधि द्वारा अवधारित करे और जब तक इस निमित्त उपबन्ध इस प्रकार किया जाए तब तक ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का, जो द्वितीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, हकदार होगा

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