सिख गुरुद्वारा (अनुपूरक) अधिनियम, 1925
(1925 का अधिनियम संख्यांक 24)
[11 सितम्बर, 1925]
सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 के कतिपय उपबंधों
का अनुपूरण करने के लिए
अधिनियम
इसमें इसके पश्चात् आने वाले प्रयोजनों के लिए सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 (1925 का पंजाब अधिनियम सं० 8) के कतिपय उपबंधों का भारतीय विधान-मंडल में विधान द्वारा अनुपूरण करना समीचीन है;
अतः निम्नलिखित रूप में एतद्द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है: -
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम सिख गुरुद्वारा (अनुपूरक) अधिनियम, 1925 है ।
(2) यह सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 (1925 का पंजाब अधिनियम सं० 8) की धारा 1 की उपधारा (3) के अधीन राज्य सरकार द्वारा नियत तारीख1 को प्रवृत्त होगा ।
2. 1995 का पंजाब अधिनियम सं० 8 के कतिपय उपबंधों की विधिमान्यता-सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है), जहां तक वह लाहौर स्थित उच्च न्यायालय की अधिकारिता की वृद्धि करता है या उसे घटाता है या उक्त न्यायालय की प्रक्रिया विहित करता है, वहां तक इस प्रकार विधिमान्य होगा मानो भारतीय विधान-मंडल द्वारा वह पारित किया गया हो ।
3. [1925 का पंजाब अधिनियम सं० 8 की धारा 12 का संशोधन ।-- निरसन अधिनियम, 1938 (1938 का 1) की धारा 2 तथा अनुसूची द्वारा निरसित ।
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