जबकि कोई दर विनिर्दिष्ट नहीं है तब ब्याज, NI Act, Section 80 ( NI Act, Section 80. Interest when no rate specified )
जबकि कोई दर विनिर्दिष्ट नहीं है तब ब्याज -- जबकि लिखत में ब्याज की कोई दर विनिर्दिष्ट नहीं है तब उस पर शोध्य रकम मद्धे ब्याज की गणना लिखत के किन्हीं पक्षकारों के बीच ब्याज सम्बन्धी किसी करार के होते हुए भी उस तारीख से, जिसको भारित पक्षकार द्वारा उसका संदाय किया जाना चाहिए, उस तारीख तक जब उस पर शोध्य रकम निविदत्त या आप्त हो या ऐसी रकम के लिए वाद की संस्थिति के पश्चात् ऐसी तारीख तक, जैसी न्यायालय निर्दिष्ट करे, प्रतिवर्ष अठारह प्रतिशत की दर से की जाएगी ।
स्पष्टीकरण --- जबकि भारित पक्षकार संदाय न करने से अनादृत किसी लिखत का पृष्ठांकक है तब वह ब्याज देने के लिए दायी केवल उसी समय से होगा जबकि उसे अनादर की सूचना प्राप्त होती है ।