Wednesday, 10, Jun, 2026
 
 
 
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धारा 462 आईपीसी- उसी अपराध के लिए दंड, जब कि वह ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया है जिसे अभिरक्षा न्यस्त की गई है , IPC Section 462 ( IPC Section 462. Punishment for same offence when committed by person entrusted with custody )


 

भारतीय दंड संहिता की धारा 462 के अनुसार, जो कोई ऐसा बंद पात्र, जिसमें संपत्ति हो, या जिसमें संपत्ति होने का उसे विश्वास हो, अपने पास न्यस्त किए जाने पर उसको खोलने का प्राधिकार न रखते हुए, बेईमानी से या रिष्टि करने के आशय से, उस पात्र को तोड़कर खोलेगा या उपबंधित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

अपराध सजा संज्ञेय जमानत विचारणीय
किसी भी बंद पात्र युक्त या किसी भी संपत्ति को नियंत्रित करने के लिए माना जाता है के साथ सौंपा जा रहा है, और धोखे से उसी खोलने 3 साल या जुर्माना या दोनों संज्ञेय जमानतीय कोई भी मजिस्ट्रेट

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