भारतीय दंड संहिता की धारा 457 के अनुसार, जो भी कोई कारावास से दण्डनीय कोई अपराध करने के लिए रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
तथा यदि वह अपराध जिसका आशय चोरी करना हो, तो कारावास की अवधि चौदह वर्ष तक की हो सकेगी।
लागू अपराध
1. कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।
सजा - पांच वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड
यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
2. यदि अपराध चोरी है।
सजा - चौदह वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड
यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
यह समझौता करने योग्य नहीं है।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
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गुप्त घर अतिचार या रात तक घर तोड़ने के क्रम में एक कारावास के साथ दंडनीय अपराध के आयोग के लिए यदि अपराध चोरी है |
5 साल + जुर्माना 14 साल + जुर्माना |
संज्ञेय संज्ञेय |
गैर जमानती गैर जमानती |
मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी |

