भारतीय दंड संहिता की धारा 204 के अनुसार, जो कोई किसी ऐसी 3[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] को छिपाएगा या नष्ट करेगा जिसे किसी न्यायालय में या ऐसी कार्यवाही में, जो किसी लोक सेवक के समक्ष उसकी वैसी हैसियत में विधिपूर्वक की गई है, साक्ष्य के रूप में पेश करने के लिए उसे विधिपूर्वक विवश किया जा सके, या पूर्वोक्त न्यायालय या लोक सेवक के समक्ष साक्ष्य के रूप में पेश किए जाने या उपयोग में लाए जाने से निवारित करने के आशय से, या उस प्रयोजन के लिए उस 3[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] को पेश करने को उसे विधिपूर्वक समनित या अपेक्षित किए जाने के पश्चात््, ऐसी संपूर्ण 3[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] को, या उसके किसी भाग को मिटाएगा, या ऐसा बनाएगा, जो पढ़ा न जा सके, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| सबूत के रूप में इसके उत्पादन को रोकने के लिए किसी भी दस्तावेज़ को सुरक्षित या नष्ट करना | 2 साल या जुर्माना या दोनों | गैर - संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट |

