दोषमुक्ति या दोषसिद्धि का निर्णय-(1) बहस और विधि-प्रश्न (यदि कोई हों) सुनने के पश्चात् न्यायाधीश मामले में निर्णय देगा ।
(2) यदि अभियुक्त दोषसिद्ध किया जाता है तो न्यायाधीश, उस दशा के सिवाय जिसमें वह धारा 360 के उपबंधों के अनुसार कार्यवाही करता है दंड के प्रश्न पर अभियुक्त को सुनेगा और तब विधि के अनुसार उसके बारे में दंडादेश देगा ।

