उस व्यक्ति का उन्मोचन जिसके विरुद्ध इत्तिला दी गई है-यदि धारा 116 के अधीन जांच पर यह साबित नहीं होता है कि, यथास्थिति, परिशांति कायम रखने के लिए या सदाचार बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि वह व्यक्ति, जिसके बारे में जांच की गई है, बंधपत्र निष्पादित करे तो मजिस्ट्रेट उस अभिलेख में उस भाव की प्रविष्टि करेगा और यदि ऐसा व्यक्ति केवल उस जांच के प्रयोजनों के लिए ही अभिरक्षा में है तो उसे छोड़ देगा अथवा यदि ऐसा व्यक्ति अभिरक्षा में नहीं है तो उसे उन्मोचित कर देगा ।

