उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट कल यानी गुरुवार को सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट को तलब किया है. बुधवार को सुनवाई के दौरान सीनियर वकील वी गिरि ने कहा कि इस मामले को उत्तर प्रदेश से बाहर ट्रांसफर कर देना चाहिए.
पीड़िता के द्वारा ये चिट्ठी काफी समय पहले लिखी गई थी, लेकिन चीफ जस्टिस को ये चिट्ठी नहीं मिल पाई थी. जिससे CJI काफी खफा हैं, उन्होंने रजिस्ट्री से इस बात का कारण भी मांगा है. साथ ही ये भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी अखबारों के जरिए मिल रही है, लेकिन स्टाफ के जरिए चिट्ठी उनके पास तक नहीं पहुंच पाई है.
जनवरी में पीड़िता की मां ने दाखिल की थी याचिका
इसी साल जनवरी में पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट में केस को ट्रांसफर करने की याचिका दाखिल की थी. अपनी याचिका में मां ने कहा था कि इस मामले की उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष जांच नहीं हो पाएगी, इसलिए मामले को लखनऊ की बजाए दिल्ली में ट्रांसफर किया जाए.
चार आरोपियों ने नहीं रिसीव किया नोटिस
पीड़िता की मां की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल को यूपी सरकार, सीबीआई और आरोपियों को नोटिस जारी किया था.
बीते सोमवार को यह मामला रजिस्ट्रार की अदालत के सामने आया और यह पाया गया कि चार आरोपियों ने अभी तक नोटिस रिसीव नहीं किया है, इसलिए इस मामले की सुनवाई अभी तक नहीं हो पाई. सभी आरोपियों को नोटिस दिए जाने के बाद ही मामले की सुनवाई होगी.
चीफ जस्टिस ने तलब की थी रजिस्ट्री से रिपोर्ट
इस बीच मंगलवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने रजिस्ट्री से रिपोर्ट तलब की. चीफ जस्टिस ने रजिस्ट्री से पूछा कि उन्नाव पीड़िता की मां से कब पत्र लिखा था और अब तक न्यायाधीशों के संज्ञान में यह मामला क्यों नहीं लाया गया था?
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