राउस एवेन्यू कोर्ट (Rouse avenue Court) में रतुल पुरी की अग्रिम जमानत पर सोमवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण मंगलवार तक के लिए बढ़ा दिया. रतुल पुरी के वकील ने कोर्ट में कहा कि वाड्रा जब नौ बार आए तो आपने ही बेल दी थी. रतुल को 25 बार बुलाया गया, सुबह से रात तक जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं, ऐसे में वे बेल के हकदार हैं. सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक पूछताछ हुई. जब वे 25 बार पूछताछ के लिए आ चुके हैं तो फिर गिरफ्तारी की जल्दी क्या थी.
पुरी के वकील ने अदालत से कहा कि अगर आपको लगता है कि रतुल विदेश भाग जाएंगे, तो पासपोर्ट आपके पास है, फिर कैसे भाग जाएंगे.उन्होंने कहा कि हमने सबूतों से कोई छेड़खानी नहीं की. ईडी ने झूठी खबर फैलाई कि वे भाग गए, जबकि उन्होंने कहा था कि वे खाना खाने जा रहे हैं. उन्होंने ईडी से कहा था कि उन्हें ट्रेवल करना है, उन्हें समय दिया जाए, लेकिन ईडी दफ्तर में उन्हें बुलाकर धमकाया गया. वकील ने कहा कि ईडी को मैंने ट्रक भरकर दस्तावेज दिए हैं. रतुल एक कारोबारी हैं और उनके अधीन 5000 लोग काम करते हैं, जिनमें से 78 लोगों से पूछताछ हो चुकी है. ईडी पांच चार्जशीट दायर कर चुकी है, मेरा किसी में नाम नहीं है.
प्रवर्तन निदशालय (ED) ने कहा कि रतुल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. पूछताछ के लिए आए और वहां से भाग गए. कोर्ट के आदेश के बाद वे ईडी दफ्तर पहुंचे और कहा कि मैं यहां पूछताछ के लिए कोर्ट के कहने पर आया हूं.
डी की रिप्लाई के मुताबिक रतुल पुरी के अगस्टा वेस्टलैंड मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल से तार जुड़े हैं. रतुल की कई शेल कंपनियां हैं. इन कंपनियों के जरिए रतुल ने अगुस्ता के आरोपियों से पैसे लिए. सुशेन मोहन गुप्ता और राजीव सक्सेना के जरिए रतुल का नाम सामने आया.
गौरतलब है कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर एमटीएनएल बिल्डिंग में ईडी दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे. उन्हें ईडी ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया था. उनसे कुछ देर पूछताछ चली लेकिन इसी बीच उन्हें अंदेशा हुआ कि ईडी की टीम गिरफ्तार कर लेगी. रतुल ने ईडी दफ्तर में जांच अधिकारी से टॉयलेट जाने की बात कही. वह टॉयलेट गए और फिर वहां से गायब जो गए. जब काफी देर तक जांच अधिकारी के पास रतुल नहीं पहुंचे तो ईडी की टीम ने बाथरूम और ईडी दफ्तर में उन्हें हर जगह खोजा लेकिन वे कहीं नहीं मिले. फिर ईडी की टीम शुक्रवार को रतुल के दिल्ली के घर और दफ्तर पहुचीं लेकिन वो वहां भी नहीं मिले.
ईडी दफ्तर से शुरू हुआ यह हाइवोल्टेज ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ. ईडी की टीम रतुल की तलाश कर रही थी कि शनिवार की सुबह मीडिया में रतुल के गायब होने की खबर चलने लगी. उसके बाद ईडी ऑफिस से सफाई आई कि रतुल के भागने की बात गलत है. रतुल ईडी ऑफिस पूछताछ के लिए आए थे वे टॉयलेट गए और वहां से बिना बताए गायब हो गए. उनको दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा. इस बयान के थोड़ी ही देर बाद रतुल पुरी ने दिल्ली के राउस एवेन्यू कोर्ट में अपनी अग्रिम ज़मानत के लिए अर्जी लगा दी. रतुल की तरफ से कोर्ट में दो जाने माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी और विजय अग्रवाल पेश हुए. उन्होंने कहा रतुल पुरी अभी तक 22 बार ईडी के सामने पेश हुए हैं. शुक्रवार को 23वीं बार उन्हें बुलाया गया था. उन्हें यात्रा पर जाना था, लेकिन तब भी वे ईडी के सामने पेश हुए. उन्हें गिरफ्तारी का अंदेशा हुआ. वे लंच करने बाहर गए, लेकिन ED की तरफ से कहा गया कि वे भाग गए.
वकीलों ने कहा कि उनकी पत्नी और बच्चों को धमकाया गया. शुक्रवार रात आठ बजे उनके घर के सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए. उन्हें राजनीतिक दुश्मनी का शिकार बनाया जा रहा है, क्योंकि बीजेपी के दो विधायकों ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को सपोर्ट किया. वे सीएम के सीधे ब्लड रिलेशन में हैं, इसलिए अब बदले की राजनीति की जा रही है. उन्हें अगले आदेश तक गिरफ्तारी न होने का प्रोटेक्शन दिया जाए. वहीं ईडी के वकील ने कहा कि इस मामले जांच के लिए बहुत सारी लेटर रोगेटरी विदेश गई हैं जिसका जवाब नही आया है. साथ ही इस मामले की जांच अभी जारी है. इन्हें डर क्यों लग रहा है कि इनकी गिरफ्तारी हो जाएगी. गिरफ्तारी पर रोक न लगाई जाए. इनसे पूछताछ हो रही थी लेकिन इसी बीच ये गायब हो गए. रतुल को पूछताछ में तुरंत शामिल होना चाहिए.
कोर्ट ने रतुल को सोमवार तक गिरफ्तारी से राहत दी. रतुल पुरी मोज़रबीयर कंपनी के मालिक हैं और बड़े कारोबारी हैं.
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