देश में नया मोटर व्हीकल कानून लागू हो गया है. कुछ राज्यों को छोड़ दें तो लगभग सभी ने इसे शुरू कर दिया है. 1 सितंबर दिन रविवार से यह कानून अमल में आया. 1 सितंबर को रविवार था, इस लिहाज से 2 सितंबर दिन सोमवार को इस कानून का पहला वर्किंग डे है. हालांकि रविवार को ही ट्रैफिक पुलिस पूरी मुस्तैदी में नजर आई और देश के कई इलाकों में सख्ती बरती गई. कहीं बड़ी संख्या में चालान काटे गए तो कहीं ट्रैफिक पुलिस ने मिठाई और टॉफियां बांटकर जनजागरुकता अभियान चलाया.
दिल्ली में कटे 3900 चालान
दिल्ली में ट्रैफिक नियम उल्लंघन में रविवार को 3900 चालान काटे गए. ट्रैफिक पुलिस की ओर से ये आंकड़े जारी किए गए हैं. हालांकि दिल्ली सरकार इस मामले में अभी नोटिफिकेशन जारी करने वाली है. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने रविवार को कहा कि नए मोटर व्हीकल कानून से जुड़ी अधिसूचना जारी होने से पहले ट्रैफिक पुलिस के साथ राय मशविरा करेगी. गहलोत ने कहा, 'कई वर्षों बाद इस कानून के तहत भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है, इसलिए ट्रैफिक पुलिस और अन्य भागीदारों के साथ गंभीर बातचीत के बाद ही अधिसूचना जारी की जाएगी.'
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 200 दिल्ली सरकार को कुछ अपराधों में राहत देने के लिए एक गजट नोटिफिकेशन जारी करने के लिए अधिकृत करती है, जो यह संकेत देती है कि कौन अधिकारी ट्रैफिक नियम तोड़े जाने की दशा में राहत दे सकता है.
जुर्माने में राहत देगी राजस्थान सरकार
राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने रविवार को कहा कि सरकार लोगों को भारी जुर्माने में कुछ राहत देने के बारे में सोच रही है. सोमवार को ट्रैफिक अधिकारियों के साथ इस बाबत बैठक होगी और कुछ फैसले लिए जाएंगे. राजस्थान सरकार अपने स्तर पर भारी जुर्माने में क्या राहत दे सकती है, इस पर कुछ अहम निर्णय लिया जाएगा.
खाचरियावास ने कहा कि मोटरसाइकिल आम लोगों की सवारी है और इस पर भारी जुर्माना लगाना व्यावहारिक नहीं है. कुछ मामलों में जुर्माना गाड़ी की लागत से अधिक है. मंत्री ने कहा कि ई-रिक्शा और पुराने चार पहिया वाहनों के मामले में भी ऐसा ही है. परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के दायरे में पंचायत समिति स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है.
मध्य प्रदेश में अभी लागू नहीं होगा कानून
मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने साफ कर दिया कि फिलहाल वह नया मोटर कानून लागू करने नहीं जा रही. प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने रविवार कहा कि संशोधित मोटर व्हीकल कानून लागू करने से पहले भारी जुर्माने के बारे में लोगों को अवगत कराया जाएगा. सरकार इसके लिए बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाएगी. इसे देखते हुए मध्य प्रदेश में 1 सितंबर से मोटर कानून लागू नहीं किया गया है. पीसी शर्मा ने कहा, 'लोगों को पहले जुर्माने के बारे में जानने दीजिए उसके बाद कानून लागू किया जाएगा.' हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि जुर्माने में कमी करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से अभी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
पीसी शर्मा ने कहा, दोपहिया चलाने वाला हेलमेट न पहने तो उस पर 5 हजार का जुर्माना है. न चुकाने पर जेल भेजने का प्रावधान है. ऐसे में कितने लोगों को जेल में डाला जाएगा. इसलिए मुख्यमंत्री कमलनाथ से बातचीत के बाद ही इसे लागू करने के बारे में कोई फैसला होगा.
कानून लागू नहीं करेगी बंगाल सरकार
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नया मोटर व्हीकल कानून लागू नहीं किया जाएगा. इस बारे में बंगाल सरकार और केंद्र के बीच बातचीत चल रही है. बंगाल सरकार के मुताबिक, नए कानून में जोड़े गए भारी जुर्माने का प्रावधान व्यावहारिक नहीं है. बंगाल के परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, अभी यह कानून लागू होने नहीं जा रहा क्योंकि चालकों के खिलाफ भारी जुर्माने पर हम सहमत नहीं और इस बारे में केंद्र सरकार के साथ बातचीत चल रही है. बंगाल सरकार को इस पर भी एतराज है कि जिस कंपनी से गाड़ी खरीदी जाएगी, वही कंपनी फिटनेस प्रमाण-पत्र देने का हकदार होगी.
मणिपुर में मिठाई बांट कर जागरूकता फैलाई
मणिपुर में पहले दिन ट्रैफिक पुलिस ने लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया. पुलिस ने यहां ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को मिठाई और टॉफियां दी और उन्हें बिना हेलमेट गाड़ी न चलाने का सुझाव दिया गया. एसपी अमृता सिन्हा ने कहा, 'बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ जब हमने यह अभियान चलाया तो कई लोगों को यह पसंद नहीं आया. उसके बाद हमने नियम तोड़ने वाले ऐसे लोगों को रोकना शुरू किया. गाड़ी रोक कर उन्हें मिठाई या टॉफियां दी गईं और बताया गया कि हेलमेट उनकी खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है, इसलिए गाड़ी चलाते वक्त जरूर पहनें. बाद में लोगों को हमारा आइडिया पसंद और उन्होंने सहयोग करना शुरू कर दिया.'
नए नियम से चालान काटेगी उत्तराखंड सरकार
उत्तराखंड सरकार ने फैसला किया है कि मोटर व्हीकल कानून की नई धाराओं पर नए जुर्माने के मुताबिक ही चालान काटा जाएगा. हालांकि लोगों को राहत देने पर भी विचार किया जा रहा है. जब तक प्रदेश सरकार राहत देने के लिए नई दरें तय नहीं कर देती तब तक पुरानी दरों पर ही कंपाउंडिंग (प्रदेश अधिकारियों की ओर से निपटारा) की जाएगी. चालान चूंकि नई धाराओं में कटेंगे, इसलिए कोर्ट में ही इसका भुगतान करना होगा.
राज्य सरकार नई धाराओं में केंद्र की ओर से तय जुर्माने की राशि के सापेक्ष कंपाउंडिंग शुल्क तय करेगा. यानी राज्य सरकार अपना नियम बनाएगी कि किसी अधिकारी के पास जरूरी राशि चुका कर भारी जुर्माने से कब और कहां तक बचा जा सकता है. नए कानून के जिस भी धारा में चालान काटा जाएगा उसे विभाग में ही निर्धारित शुल्क देकर निपटारा करने के बारे में सरकार सोच रही है.
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