सीबीआई अदालत, विशाखापत्तनम ने दिनांक 16.03.2026 को एक बैंक धोखाधड़ी मामले में वेमपादापु संतोषी रामु, तत्कालीन क्लर्क-सह-कैशियर, आंध्रा बैंक, चीपुरुपल्ली, विजयनगरम जिला (सेवा से बर्खास्त) और एक निजी व्यक्ति, महंती रमणा, निवासी नादिपैना पेटा को दोषी ठहराते हुए पांच साल के कारावास और कुल ₹1,71,42,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है।
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिनांक 13.06.2018 को आरोपियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज किया था। यह आरोप लगाया गया था कि आरोपी वेमपादापु संतोषी रामु, तत्कालीन क्लर्क-सह-कैशियर ने महंती रमणा के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची और इसके माध्यम से उन्हें सौंपी गई ₹1,71,41,162 की राशि का आपराधिक विश्वासघात और गबन किया, यह राशि चीपुरुपल्ली रूरल इलेक्ट्रिक को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के खाते में जमा की जानी थी, जो विजयनगरम जिले के दूरस्थ उपभोक्ताओं से बिजली खपत शुल्क वसूलने का कार्य करने वाली संस्था है।
अन्वेषण पूर्ण होने के पश्चात, सीबीआई ने दिनांक 10.01.2019 को आरोपी वेमपादापु संतोषी रामु, तत्कालीन क्लर्क-सह-कैशियर और महंती रमणा के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था।
माननीय न्यायालय ने विचारण के बाद आरोपियों को तदनुसार दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
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