गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसकर नकली पहचान के लिए दस्तावेज हासिल करने वाले लश्कर-ए-तैयबा के आठ सदस्यों की न्यायिक हिरासत पटियाला हाउस कोर्ट की मजिस्ट्रेट अदालत ने रविवार को 14 दिन के लिए बढ़ा दी।
सात दिनों की न्यायिक हिरासत समाप्त होने पर पुलिस ने भारी सुरक्षा इंतजाम के बीच आरोपितों को अदालत के समक्ष पेश किया गया था। इनमें से सात बांग्लादेशी नागरिक थे। दिल्ली पुलिस ने उमर फारूक, रुबिउल इस्लाम, मोहम्मद मिजानुर रहमान, मोहम्मद सैफियत हुसैन, मुहम्मद ज़ाहिदुर इस्लाम, मुहम्मद लिटन, मुहम्मद उज्जल और मुहम्मद उमर को कोर्ट में पेश किया गया।
ये गिरफ्तारियाँ पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मिलकर की गई छापेमारी के बाद हुईं थीं। पुलिस के मुताबिक लश्कर के सदस्य पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेश में मौजूद आतंकवादी संगठनों की मदद से देश में एक बड़े आतंकवादी हमले की प्लानिंग कर रहे थे।
पुलिस ने दावा किया कि इस माॅड्यूल को बांग्लादेश से शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा उर्फ कश्मीरी हैंडल कर रहा था। अहमद लोन को 2007 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी के एक मामले में गिरफ्तार किया था।
Publish Your Article
Campus Ambassador
Media Partner
Campus Buzz
LatestLaws.com presents: Lexidem Offline Internship Program, 2026
LatestLaws.com presents 'Lexidem Online Internship, 2026', Apply Now!