Friday, 22, May, 2026
 
 
 
Expand O P Jindal Global University
 

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: जमानत याचिकाओं में सच छिपाना नहीं चलेगा, अदालत को पूरी जानकारी देना अनिवार्य


Punjab and Haryana High Court
16 Apr 2026
Categories: Hindi News

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि न्यायालय के समक्ष आने वाले प्रत्येक याचिकाकर्ता का दायित्व है कि वह सभी प्रासंगिक तथ्यों का पूर्ण और निष्पक्ष खुलासा करे। कोई भी पक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन सी जानकारी बतानी है और कौन सी छिपानी है क्योंकि न्याय की प्रक्रिया पूरी तरह सत्यनिष्ठा पर आधारित होती है।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुमित गोयल ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में केस से जुड़ी जानकारियां आसानी से सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं, ऐसे में जानकारी नहीं थी जैसी दलील स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय से राहत मांगते समय पूरी पारदर्शिता रखना न केवल नैतिक बल्कि कानूनी जिम्मेदारी भी है।

यह टिप्पणी उस समय सामने आई जब लुधियाना के एक याचिकाकर्ता ने जमानत के लिए याचिका दाखिल करते हुए अपनी पूर्व जमानत याचिका का उल्लेख नहीं किया था। मामले में 22 अक्तूबर 2025 को फरीदकोट सिटी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। कोर्ट ने कहा कि जमानत जैसे विवेकाधीन राहत के मामलों में सर्वोच्च सद्भावना का सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अदालत ने कहा कि जमानत की अगली याचिकाओं पर विचार करते समय यह देखना आवश्यक होता है कि पिछली याचिका खारिज होने के बाद परिस्थितियों में क्या बदलाव आया है। ऐसे में पूर्व याचिकाओं की जानकारी छिपाना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करता है और निष्पक्ष निर्णय में बाधा बन सकता है।

हालांकि, अदालत ने मामले के तथ्यों पर गौर करते हुए यह भी पाया कि याचिकाकर्ता 27 अक्तूबर 2025 से हिरासत में था। जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी पेश किया जा चुका है लेकिन 21 गवाहों में से एक का भी बयान दर्ज नहीं हुआ। कोर्ट ने माना कि ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को नियमित जमानत देने का निर्णय लिया, लेकिन साथ ही पूर्व जमानत याचिका छिपाने पर 10,000 रुपये की जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने सख्त शब्दों में कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं किया जा सकता और भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

Source Link



Download the LatestLaws.com Mobile App
 
 
Latestlaws Newsletter
 

Publish Your Article

 

Campus Ambassador

 

Media Partner

 

Campus Buzz

 

LatestLaws Guest Court Correspondent

LatestLaws Guest Court Correspondent Apply Now!
 

LatestLaws.com presents: Lexidem Offline Internship Program, 2026

 

LatestLaws.com presents 'Lexidem Online Internship, 2026', Apply Now!

 
 

LatestLaws Partner Event : IJJ

 

LatestLaws Partner Event : MAIMS

 
 
Latestlaws Newsletter