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हाई कोर्ट का सर्कुलर, निजी वाहनों पर न्यायिक अधिकारी नहीं प्रदर्शित कर सकेंगे पदनाम और लोगो


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04 Sep 2019
Categories: Hindi News

नए ट्रैफिक नियमों को देशभर में (कुछ राज्यों को छोड़कर) लागू किए जाने के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी प्रदेश की जुडिशरी में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों के लिए नया आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट ने प्रदेश की अदालतों में कार्यरत जज और जुडिशल ऑफिसर्स के निजी वाहनों पर उनका पदनाम लिखे जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। इतना ही नहीं, न्यायिक अधिकारी अब निजी वाहनों की नंबर प्लेट पर अपने विभाग या पद का जिक्र भी नहीं कर सकेंगे और न ही कोई लोगो लगा सकेंगे। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर के निर्देश पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मयंक कुमार जैन ने यह आदेश जारी किया है। 

रजिस्ट्रार जनरल ने यूपी के सभी जिला जजों व ओएसडी को एक सर्कुलर भेजकर इस आदेश का सख्ती से पालन कराए जाने को कहा है। यह भी कहा गया है कि जो भी न्यायिक अधिकारी व कर्मचारी इस आदेश का पालन नहीं करेंगे और वाहनों पर अपना पदनाम लिखवाएंगे, उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई की जाएगी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकीलों ने इस आदेश का स्वागत किया है और कहा है कि इसके दूरगामी नतीजे देखने को मिलेंगे। इस आदेश के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अदालती कामकाज के बाद न्यायिक अधिकारी भी साधारण नागरिक हैं और उन्हें समाज में उसी रूप में रहना भी चाहिए। हाई कोर्ट ने इस बारे में पहले भी जारी किए गए आदेशों पर पूरी तरह अमल नहीं होने पर नाराजगी जताई है। सर्कुलर में कहा गया है कि कई न्यायिक अधिकारी और जुडिशल मैजिस्ट्रेट अपने निजी वाहनों पर पदनाम लिख रहे हैं, जो कि गलत है। 

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