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Dinesh Mahto vs The State Of Bihar And Ors
2025 Latest Caselaw 3275 Patna

Citation : 2025 Latest Caselaw 3275 Patna
Judgement Date : 17 April, 2025

Patna High Court

Dinesh Mahto vs The State Of Bihar And Ors on 17 April, 2025

Author: P. B. Bajanthri
Bench: P. B. Bajanthri
          IN THE HIGH COURT OF JUDICATURE AT PATNA
                       Letters Patent Appeal No.342 of 2019
                                          In
                    Civil Writ Jurisdiction Case No.2200 of 2002
     ======================================================
     Dinesh Mahto S/o Late Shiv Narayan Mahto Vill.- Dawan Tola, P.s. and
     Distt.- Khagaria

                                                                 ... ... Appellant/s
                                        Versus
1.   The State of Bihar and Ors Bihar
2.   The Engineer-in-Chief-cum-Special Secretary Department of Public Public
     Health and Engineering, Govt. of Bihar
3.   The Executive Engineer Public Health and Engineering Division, Khagaria

                                               ... ... Respondent/s
     ======================================================
     Appearance :
     For the Appellant/s      :     Mr. Sheel Bhadra Jha, Adv.
                                    Mr. Yash Raj Singh, Adv.
     For the Respondent/s     :     Mr. S. Raza ahmad (AAG 5)
     ======================================================
     CORAM: HONOURABLE MR. JUSTICE P. B. BAJANTHRI
             and
             HONOURABLE MR. JUSTICE S. B. PD. SINGH
     ORAL JUDGMENT
     (Per: HONOURABLE MR. JUSTICE P. B. BAJANTHRI)

      Date : 17-04-2025

                           Pursuant to the direction of this Court, the

      Engineer-In-Chief-cum-Special Secretary, Department of

      Public Health & Engineering, Government of Bihar has

      deputed Mr. Saroj Kumar - Executive Engineer, P.H.

      Division, Khagaria who has appeared in person.

                     2. The appellant has assailed the order of the

      learned Single Judge, dated 06.12.2017, passed in CWJC

      No. 10994 of 2012.
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                       3. The appellant's father was working as a work

         charge employee in the pay scale of 155-1-160-2-190.

         He had rendered service from the year 1963 to 30 th

         October, 1990. It is undisputed that he had been

         extended annual increment from time to time. This is

         evident from the State Government resolution dated 30 th

         November, 1972. Unfortunately, appellant's father died

         while he was in service on 30th October, 1990.

         Thereafter,           the       appellant    was   appointed   on

         compassionate ground on 30th October, 1993 and

         continue to serve as Nalkoop Khallasi. His services have

         been displaced on 09.07.2001. The appellant has invoked

         remedy before this Court in filing CWJC No. 2200 of

         2002 and it was decided on 12.10.2018. The learned

         Single Judge has proceeded to draw inference that

         scheme of compassionate appointment of dependents of

         the deceased work charge employee working under work

         charge establishment are not entitled for compassionate

         appointment. Feeling aggrieved by the order of the
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         learned Single Judge dated 12.10.2018, the present LPA

         has been filed.

                        4. Learned counsel for the appellant submitted

         that having regard to the status of his father that he was

         drawing a particular pay-scale from the year 1963 and he

         has been extended annual increment from time to time till

         his death on 30th October, 1990. Therefore, one has to

         draw inference that appellant's father was regular holder

         of the post. Therefore, a decision of the authorities read

         with the Single Judge order is contrary to resolutions

         dated 30th November, 1972 of the State Government

         insofar as extending annual increment to such of those

         work charge employee of pay-scale to work charge

         employee. Resolution dated 30th November, 1972

         provides extending of pay-scale to work charge employee.

         Therefore, decision of the respondents and Single Judge

         that compassionate appointment is not permissible

         insofar as such of those work charge employee died while

         he was in service.
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                     5. Learned counsel for the respondent submitted

         that appellant is not entitled to earn the benefit of

         compassionate appointment in the light of the fact that

         appellant's father was work charge employee and he is

         not a regular holder of the post in the State Government.

         In support of such contention, learned counsel for the

         respondent is relying on Co-ordinate Bench decision in the

         case of Dilip Kumar Bhattacharya & Ors. vs. the

         State of Bihar and Ors., dated 24th November, 2004,

         passed in LPA 897 of 2004 and connected matter and

         State of Bihar & Ors. vs. Vivekananda Singh and

         Anr., dated 3rd December, 2008 passed in LPA 286 of

         2007 and Full Bench decision in LPA No. 166 of 2018,

         passed on 04.02.2019.

                  6. In this backdrop, core question for consideration

         in the present lis is whether work charge employee die

         while he was in service, in that event, his legal heirs are

         entitled to compassionate appointment or not? The official

         respondent decision, learned Single Judge decision, they
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         have not apprised in not taking note of resolution dated

         30th November, 1972 to the extent of extending annual

         increment and extending a particular pay-scale of Rs.

         155-1-160

-2-190. It is necessary to reproduce resolution

dated 30th November, 1972 and it treats as under:-

" क

सं ० 3/पी० आर० जी० 2-01/72-14636-वव० वबहार सरकार ववत ववभाग सं कलप 30 नवमबर 1972

ववषय।-राजय सरकार के से वको के वे तनमानो का पु नरीकण।

तृ तीय वे तन पु नरीकण सवमवत की वसफावरशो पर सावधानतापूवरक ववचार करने के बाद राजय सरकार ने वववनशचय वकया है वक सरकार के अधीन वववभनन राजपवततरत पदो के वतरमान वे तनमानो को अनु लगन अनु सच ू ी 1 मे यथादवशरत रप मे पु नरीवकत कर वदया जाय ।

2. ये पु नरीवकत वे तनमान राजय सरकार के उन कमरचावरयो पर लागू होगे , जो 1 जनवरी 1971 की से वा मे थे , तथा उन सभी नयी वनयु वकतयो अथवा पतरोननवतयो पर लागू होगे , जो उकत तारीख को या उसके बाद पतरभावो हुए हो, परनतु ऐसे सरकारी कमरचारी के मामलो मे , Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

जो 1 जनवरी 1971 को वनलवमबत थे या छुटत टी परनतु पु नरीवकत वे तनमान उन कमरचावरयो को तब तक रखने का ववकलप (औपसन) वदया है जब तक वक वे उन पदो को छोडते नहीं है अथवा उस कालमान मे वे तन ले ना बं द नहीं कर दे ते है । ऐसे सरकारी से वक दारा वतरमान पद से अवकाश मे ू रे पद पर सथानापततर जाने पर या वकसी दस ू रे पतरोननवत होने पर या उसी शतरेणी के वकसी दस पर पद सथानानतरण होने पर उस पद को छोडा जाना या उस पद के कालमान मे वे तन ले ना बं द होना नहीं समझा जाएगा । ववकलप वलवखत रप से इस सं कलप की अनु सच ू ी 5 के साथ सं लगन वववरण 'घ' मे दे ना होगा । इस सं कलप के वनगरत होने के 60 वदनो के अं दर वतरमान वे तनमान मे रहने का ववकलप दे दे ना होगा, परनतु इस सं कलप के वनगरत होने की वता को जो कमरचारी छुटत टी पर है , अथवा पतरवतवनयु कत है , अथवा बाह से वा मे है अथवा वनलवमबत है उसे गजट मे सं कलप के पतरकाशन के 60 वदनो के भीतर ववकलप दे ने की छट ू होगी । अराजपवततरत कमरचारी अपना वलवखत ववकलप अपने कायारलय पतरधान को पतरसतु त करे गे एवं राजपवततरत कमरचारी अपने ववभागाधयक को सूवचत करते हुए महाले खाकार, वबहार को वलवखत ववकलप पतरसतु त करे गे । एक बार वदया गया ववकलप अवनतम समझा जायगा । वबहार से वा-सं वहता के वनयम 82 के उपबनधो को तदनु सार सं शोवधत समझा जायगा । ऐसे सरकारी कमरचारी जो वतरमान वे तनमान मे रहना चाहते है उनहे वतरमान दर पर जीवन-यापन भता Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

अनु मानय होगा वकनतु कोई अनतवरम सहायता अनु मानय नहीं होगा । 1 जनवरी, 1971 से ववकलप की वतवथ तक वनकासी की गयी अनतवरम सहायता की रावश वजस महीना मे ववकलप वदया गया है उसके ठीक बाद के महीना से यथासं भव बारह बराबर माहवारी वकशतो मे वसूल कर ली जायगी ।

3. सरकार दारा यथा अनु मोवदत पु नरीवकत वे तनमानो मे वे तन वनधाररण की पतरवकत रया वववनयवमत करने वाले अनु देश अनु सच ू ी 4 मे वदये गये है । ये अनु देश उन पर लागू होगे , जो 1 जनवरी, 1971 को से वा मे थे । उस सरकारी से वक की, वजसका वे तन इस पतरकार पु नरीवकत वे तनमान मे वनधारवरत वकया गया है , अगली वे तन वृ वदतध, उस वे तनमान मे उसी तारीख से मं जरू की जाये गी, वजस तारीख को वह वतरमान वे तनमान मे अपनी वे तन वृ वदतध पाता । वदतवतीय वे तन पु नरीकण सवमवत की वसफावरशो के लागू होने के बाद दकता-रोध पार करने के सं बंध मे सरकार ने ववत ववभाग के अदतरघ- सरकारी पततर सं खया सं ० पी० आर० जी० 2- 85/65-859-एफ० 2, वदनांक 18 वसतमबर 1965 के जवरए, महाले खाकार, वबहार को जो सपषटीकरण भे जा है , वह पु नरीवकत वे तनमान के सं बंध मे , यथावशयक पवरवतरन सवहत लागू रहे गा ।

4. केवल उन कमरचावरयो को छोडकर वजनहोने कंवडका 2 मे बतायी गयी पतरवकत रया के अनु सार वतरमान वे तनमान मे रहने का वलवखत ववकलप वदया है , अनय सभी कमरचावरयो के Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

जनवरी, 1973 मे भु गते य मास वदसमबर, 1972 के वे तन वबल, पु नरीवकत वे तनमान मे , अनु सच ू ी 5 मे बतायी गयी पतरवकत रया के अनु सार, तै यार वकये जाये गे ।

5. पु नरीवकत वे तनमान मे 1 जनवरी, 1971 से , अथवा छुटत टी पर गये या वनलवमबत या अनयथा कतरवय पर नहीं हरने वाले सरकारी से वको की दशा मे बाद की तारीख से , वे तन का वनधाररण हो जाने पर, न तो जीवन-यापन भता अनु मानय होगा और अनतवरम सहायता । 1 जनवरी, 1971 से आगे वे तन, अनतवरम सहायता और जीवन-यापन भता के रप मे वजस रकम की वनकासी कर ली गयी है , उसे उस पतरथम वबल से समायोवजत कर वलया जाये गा वजसमे पु नरीवकत वे तनमान मे वे तन के बकाये की वनकासी की जायगी । 1 जनवरी, 1971 से 31 माचर, 1972 तक की अववध के दौरान वतरमान वे तनमान मे वे तन, अनतवरम सहायता और जीवन-यापन भता के रप मे वजस रकम की वनकासी कर ली गई है , उसके समायोजन के बाद 1 जनवरी, 1971 से 31 माचर 1972 तक पु नरीवकत वे तनमान जो बकाया दे य होगा उसे सं बंवधत सरकारी से वक के सामानय भववषय वनवध ले खे मे अनतवरम और जमा कर वदया जायगा । 1 अपतरैल, 1972 मे पु नरीवकत वे तनमान मे अनतवरम सहायता और जीवन-यापन भता आवद का समान रप से समायोजन कर ले ने के बाद, जो बकाया दे य होगा, वह नकद रप मे भु गते य होगा, जब तक वक कोई सरकारी से वक वववनवरतदषट रप से यह इचछा वयकत नहीं करे वक Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

यह बकाया उसकी सामानय भववषय वनवध मे जमा कर वदया जाय । 1 अकटू बर, 1970 से 31 वदसमबर, 1970 तक वनकासी की गयी अनतवरम सहायत की वसूली नहीं की जायगी ।

6. वदनांक 1 जनवरी, 1971 के बाद वकनतु इन आदे शो के जारी वकये जाने के पूवर की गयी सरकारी से वको की नयी वनयु वकतयो के सभी मामलो मे , अथवा 1 जनवरी, 1971 के बाद वकनतु इन आदे शो के जारी वकये जाने के पूवर की गयी मूल या सथानापततर पतरोननवतयो के मामले मे , वनयु वकत/पतरोननवत पु नरीवकत वे तनमान मे की गयी मानी जाये गी और वै से सरकारी से वक का वे तन, पु नरीवकत वे तनमान मे , वबहार से वा- सं वहता के वतरमान वनयमो तथा इस सं बंध मे समय-समय पर जारी वकये गये अनु देशो के अनु सार, वनधारवरत वकया जाये गा । ऐसे मामलो मे भी, वतरमान वे तनमान मे वनकासी वकया गया वे तन, अनतवरम सहायता और जीवन-यापन भता का समायोजन पतरथम बकाया वे तन वबल मे उसी रीवत से वकया जायगा और ऊपर कंवडका 5 मे बताया गया है । यवद पु नरीवकत वे तनमान मे वे तन के पु नवनरधाररण के फलसवरप, पु नरीवकत वे तनमान मे वनधारवरत वे तन, वतरमान वे तनमान मे वमलने वाली कुल उपलवबधयो (अथारत,त वे तन, जीवन-यापन भता और अनतवरम सहायता) की अपे का कम हो जाय, तो कुल वतरमान उपलवबधयो और पु नरीवकत वे तनमान मे अनु मानय वे तन मे जो अं तर होगा, वह हतरासय (Reschedulable) वै यवकतक वे तन के रप मे दे य Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

होगा । वफर भी, ऐसे मामलो मे वै यवकतक वे तन के सं बंध मे वववनवदरषट आदे श सं बंवधत पतरशासवनक ववभाग दारा पतरतये क मामले मे अपने आनतवरक ववतीय सलाहकार के परामशर से वनगरत वकया जाय ।

7. वदनांक 1 जनवरी, 1971 से पु नरीवकत वे तनमान लागू वकये जाने के फलसवरप वबहार से वा-सं वहता के पवरवशषट 6 का अनु बदतघ "क" 1 जनवरी, 1971 से अवकत रवमत वकया जाता है और इस सं कलप से अनु लगन अनु सच ू ी 6 दारा पतरवतसथावपत वकया जाता है । वकसी वनमनसतर पद से उचचसतर पद पर पतरोननवत होने पर वे तन के वनधाररण के सं बंध मे समपतरवत पतरवृ त सभी वनयम/आदे श अगले आदे श तक पतरभावी बने रहे गे ।

8. राजय-से वाओं के वववभनन राजपवततरत और अराजपवततरत सं वगोरं मे कई पतरवर कोवट के पदो का उपबनध वकया गया है । तृ तीय वे तन पु नरीकण सवमवत की वसफावरशो के फलसवरप राजय सरकार ने यह वववनशचय वकया है वक कवतपय मामलो मे वतरमान पतरवर कोवट पदोे की सं खया बढा दी जाय/समापत कर कदया जाय और कवतपय अनय मामलोे मे वजनके वलये समपतरवत पतरवर कोवट के पद नहीं है , नये पतरवर कोवट के पद बनाये जाय । अनु लगन अनु सच ू ी 2 मे पतरवर कोवट के पदो का, जै सा वक सरकार ने अब अनु मोवदत वकया है , बयौरा वदया हुआ है । इसके सं बंध मे वकये गये वकसी पतरतयायोजन के अधयधीन, सं बंवधत पतरशासी ववभाग, ववत Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

ववभाग के परामशर से , अनु सच ू ी 2 मे अनतववरषट वववनशचय के आधार पर 1 जनवरी, 1971 से वतरमान पतरवर कोवट पदो के बढाने /समापत करने तथा/अथवा नये पतरवर कोवट पदाे के सृ जन की काररवाई करे गे । पतरवर कोवट के पद, सं वगर को वतरमान सवीकृत सं खया के अवतवरकत नहीं होगे , बवलक सं वगर के वतरमान पदो के सं पवरवतरन दारा सृवजत वकये जाये गे । पतरवर कोवट के पदो की सं खया सथायी या असथायी आधार पर 1 जनवरी, 1971 को वकसी सं वगर के मं जरू पदो की सं खया के आधार पर वनकाली जायगी । सवं गर के वतरमान सथायी/असथायी पदो के सं पवरवतरन दारा मं जरू वकये जाने वाले पतरवर कोवट के पद वजन सथायी या असथायी पदाे के सं बंध मे वे उपबवनधत वकये जाये गे , उनके अनु सार सथायी या असथायी आधार पर होगे । वकसी सं वगर मे उपलबध पतरवर कोवट के पदो की वासतववक सं खया का पु नरीकण पतरवत वषर 1 अपतरैल को सं वगर मे पदो की मं जरू सं खया के आधार पर वकया जाये गा । ऐसा पतरथम पु नरीकण 1 अपतरैल 1972 को वकया जाय ।

9. पु नरीवकत वे तनमान के लाभ कमरभावरत सथापनओं के सदसयो तथा पूणरकावलक वनयोजन वाले आकवसमक सटाफ एवं काल वे तनमान मे पद धारण करने वालो को वमले गे ।

10. ये आदे श जहां ठे के मे अनयथा उपबवनधत हो उसे छोड कर, ठे के पर वनयोवजत सरकारी से वको पर तथा जो पूणरकावलक रप से वनयोवजत नहीं है उन पर लागू नहीं होगे ।

11. ऐसे मामले हो सकते हो वजनमे वनमत, Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

समे वकत वे तन दरो या काल वे तनमान वाले पदो के वलये सममु वचत वे तनमान वनयत करना सं भव न हो सका हो । ववभागो को सलाह दी जाती है वक ये वववहत योगयताओं, कतरवयो के सवरप अनु सारी पु नरीवकत वे तनमान और अनय सु संगत तथयो के आधरर पर ऐसे पतरतये क मामले की परीका करे और ववत ववभाग के परामशर के वलये भे जे । जब तक ऐसे मामलो पर अवनतम वनणरय नहीं वलया जाता तब तक मौजूदा पदधारी वतरमान दरो पर वे तन, भते और अनतवरम सहायता ले ते रहे गे ।

12. वजन अराजपवततरत सरकारी से वको का वे तन तीन वषोरं या इससे अवधक समय से काल वे तनमान के अवधकतम पर रदतघ हो जाये उनके सं बंध मे वे तनवृ वदतध के मौजूदा आदे श पु नरीवकत वे तनमान मे लागू रहे गे । वजन मामलो मे पु नरीवकत वे तनमान मे अवधकतम पतरकत रम पर वे तन वनयत वकया गया हो और वकसी कमरचारी को उपलवबधयो की कमी की रका के वलये वै यवकतक वे तन मं जरू वकया गया हो, उनमे ऐसे वै यवकतक वे तन को सं बंवधत कमरचारी दारा पु नरीवकत वे तनमान मे अवजरत रदतघ वे तन-वृ वदतध मे आमे वलत कर वदया जायगा ।

13. वकसी पद के सं बंध मे मौजूदा आदे शो के अधीन अभी जो ववशे ष वे तन वमल रहा है वह ततकाल औपबवनधक आधार पर तब तक वमलता रहे गा जब तक वक इस ववषय मे सवमवत की वसफावरश पर सरकार अवनतम वनणरय नहीं ले ले ती । सरकार के सहायक सवचव, ववधान-मं डल Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

के पतरवर कोवट के वरपोटर रो, उचच नयायालय के वदतवतीय सहायक रवजसटत रार, पतरशासवनक पतरवशकण सकू ल, रांची के अथरशासततर के वरीय पतराधयापक तथा कारखानो के उप-मु खय वनरीकको के मामलो मे 1 जनवरी, 1971 से ववशे ष वे तन अनु जेय नहीं होगा, कयोवक मौजूदा ववशे ष वे तन को पु नरीवकत वे तनमान मे ववलवयत कर वदया गया है । इन पांच मामलो मे , वे तन वनधाररण वनयमावली के अनु सार ववशे ष वे तन वलया जा चु का है उनमे उसे उसी रीवत से पु नरीवकत वे तनमान मे दे य बकायो के साथ समं वजत कर वदया जाय वजस रीवत से वे तन, अनतवरम सहायता और जीवन-वनवारह भता को समं वजत करना है ।

14. वे तनमान के पु नरीकण के अलावा, सरकार ने वे तन पु नरीकण सवमवत को अनय वसफावरशो पर ववचार वकया है और उन पर वनणरय वलये है । ऐसे वनणरय इस सं कलप से उपाबदतघ अनु सच ू ी 3 मे समाववषट वकेय गये है । सं बंवधत ववभागो से अनु रोध है वक वे उन पर आवशयक काररवाई करे और आवशयकता पडने पर ववत ववभाग के परामशर से आदे श जारी करे ।

15. सरकार के ववभागो से अनु रोध है वक वे अनूसची 1, 2 और 3 मे वदये गये बयौरो मे पाये गये वकसी लोप, भूल या असं गवत की जानकारी ववत ववभाग को कराये तावक उसका सु धार वकया ू री उवचत काररवाई जा सके और/या उस पर दस की जा सके ।

Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

16. सरकारी आदे श सं खया पी०आर०जी० 2- 2-65---564 एफ० 11, तारीख, 6 अगसत, 1965 की कंवडका 6 मे सवचवालय तथा ववभागाधयको के कायारलयो मे काम करने वाले अनु सवचवीय सरकारी से वको को मं जरू पतरेरणा भता 1 वदसमबर, 1972 से समापत कर वदया जायगा ।

17. वशका सं बंधी लाभो से सं बंवधत मौजूदा आदे श लागू रहे गे । 1 वदसमबर, 1972 से वमवडतल, माधयवमक और उचचतर माधयवमक वगोरं के समान सतरो वाली तकनीकी एवं वयावसावयक सं सथाओं मे अधययन करने वाले बालको- बावलकाओं के सं बंध मे भी पतरवतपूवतर अनु जेय होगी साथ-साथ 1 वदसमबर, 1972 से वमवडतल/ माधयवमक/ उचचतर माधयवमक बोडोरं दारा सं चावलत परीकाओं से सं बंवधत परीका शु लको की पतरवतपूवतर की जायगी ।

18. सरकार ने आगे यह वनणरय वकया है वक भववषय मे सरकारी से वको को दी जाने वाली वचवकतसा पतरवतपूवतर की सु ववधा केवल अनतवारसी रोवगयो तक वनबं वधत रखी जाय और यह बाहरी इलाज के वलये न दी जाय । इस सं बंध मे सवासथय ववभाग दारा पतरसं गत वनयम सं शोवधत करने की काररवाई की जायगी ।

19. सरकार ने आगे यह वनणरय वकया है वक 1 जनवरी, 1971 से सरकारी कवाटर रो मे रहने के वनवमत सरकारी से वको से वनमनवलवखत दरो पर वकराया वलया जायगाः-

Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

पु नरीवकत वे तनमान मे (ववशे ष वलया जाने वाला वकराया । वे तन और वै यवकतक वे तन सवहत वनमनवलवखत वे तन पाने वाले सरकारी से वको से ------

(i) 204 र० से अनवधक ...... कुछ नहीं ।

(ii) 204 र० से अवधक वकनतु 400 मानक वकराया या उपलवबधयो र० से अनवधक (वबहार से वा सं वहता के वनयम 132 मे यथापवरभावषत) का 3, 5 पतरवतशत, जो कम हो ।

(iii) 400 र० से अवधक वकनतु 940 मानक वकराया या उपलवबधयो र० से अनवधक (वबहार से वा सं वहता के वनयम 132 मे यथापवरभावषत) का 7.5 पतरवतशत, जो कम हो ।

(iv) 940 र० से अवधक मानक वकराया या उपलवबधयो (वबहार से वा सं वहता के वनयम 132 मे यथापवरभावषत) का 10 पतरवतशत, जो कम हो।

20. राजय सरकार ने , मौजूदा वे तनमान के साथ जीवन-यापन भता के ववलयन और पु नरीवकत वे तनमान मे वे तन वनधाररण के फलसवरप मकान भाडा भता की दरो के सं शोधन के पतरशन पर ववचार वकया है और यह वनशचय वकया गया है वक सरकारी सं कलप सं खया पी०आर०जी० 2-2-65---67 एफ० 2, तारीख 10 माचर, 1965 की कंवडका 13 मे उवललवखत मकान भाडा भता की दरो को पवरववतरत करते हुए सरकारी कवाटर र के पास वकसी ऐसे सरकारी से वक को, वजसे सरकारी कवाटर र नहीं वमला है और जो भाडे पर सवयं कोई पतराइवे ट मकान ले कर रह रहा हो 1 जनवरी, 1971 से वनमन दर से मकान भाडा भता वदया जायः-

Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

(क) पटना और गया मे पदसथावपत सरकारी से वको के वलये ---

पु नरीवकत वे तनमान मे वे तन । भते की रावश ।

र० 230 र० वे तन तक .. .. .. 3.00 230 र० वे तन से अवधक, वकनतु 260 र० से अनवधक .. 4.00 260 र० वे तन से अवधक, वकनतु 315 र० से अनवधक .. 5.00 315 र० वे तन से अवधक, वकनतु 340 र० से अनवधक .. 6.00 340 र० वे तन से अवधक, वकनतु 400 र० से अनवधक .. 7.50

(ख) धनबाद और दालभूम अनु मंडल मे पदसथावपत सरकारी से वको के वलये

पु नरीवकत वे तनमान मे वे तन । भते की रावश । 204 र० वे तन तक .. .. .. 3.00 204 र० वे तन से अवधक, वकनतु 230 र० से अनवधक .. 4.50 230 र० वे तन से अवधक, वकनतु 260 र० से अनवधक .. 6.00 260 र० वे तन से अवधक, वकनतु 315 र० से अनवधक .. 7.50 315 र० वे तन से अवधक, वकनतु 340 र० से अनवधक .. 9.00 340 र० वे तन से अवधक, वकनतु 400 र० से अनवधक .. 11.00 400 र० वे तन से अवधक, वकनतु 940 से अनवधक वे तन के 7.5

पतरवतशत से अवधक वसतु तः चु कायी गयी रकम वजसकी अवधकतम सीमा वे तन के 7.5 पतरवतशत तक होगी।

                          940 र० वे तन से अवधक
                               वे तन के 10
                                                      पतरवतशत      से   अवधक,
                                                      वसतु तः चु कायी गयी रकम
                                                      वजसकी अवधकतम सीमा
                                                      वे तन के 10 पतरवतशत तक
                                                      होगी।

21. सरकार ने यह भी वनणरय वलया है वक वनःशु लक आवास की सु ववधा या वनःशु लक आवास के एवज मे मकान वकराया भता को सु ववधा से सं बंवधत सभी वतरमान आदे श पतरभावी रहे गे ।

22. राजय सरकार ने , जी० ओ० सं खया ए०-1301-71- Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

6874 एफ०, तारीख 24 जु लाई, 1971 के दारा पटना मे पदसथावपत ऐसे सरकारी से वको के वलये वजनका मूल वे तन पतरवतमास 410.00 र० से अवधक नहीं था, पतरवतमास 5 र० का दर से नगर कवतपूरक भते (सामानत समं जन के साथ) की मं जरू ी दी थी । यह वनणरय वलया गया है वक पटना मे पदसथावपत ऐसे कमरचावरयो को वजनका पु नरीवकत वे तनमान मे मूल वे तन पतरवतमास 620 र० से अवधक नहीं है उनकी 5 र० पतरवतमास की दर से (सामानत समं जन के साथ) नगर कवतपूरक भता अनु मानय होगा ।

आदे शः आदे श वदया जाता है वक इस सं कलप का पतरकाशन जानकारी के वलये "वबहार गजट" मे कर वदया जाय ।

वबहार-राजयपाल के आदे श से ,

वनवशकानत वसनहा, सरकार के उप-सवचव । "

7. This crucial document has not been taken note

of by the official respondents while displacing the services

of the appellant on 09.07.2001. Similarly, the learned

Single Judge did not have an occasion to summon for the

records relating to whether work charge employee is

entitled to annual increment read with is he entitled to

particular pay-scale or not so as to determine whether Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

work charge employee is a regular holder of the post in

the department or not. We have undertaken such exercise

by virtue of our previous order. Today, learned counsel

for the Respondent - State Mr. S. Raza Ahmad furnished

sixth supplementary counter affidavit on behalf of

respondent Nos. 2 & 3 along with this Annexure - R3/B

which has been extracted (supra) would change the

material of the case. At this stage, it is necessary to take

note of that the learned counsel for the respondent Mr. S.

Raza Ahmad relied on two Co-ordinate Bench decisions

cited (supra) read with Full Bench decision.

8. In all the aforementioned three decisions,

there was no occasion for the Co-ordinate Bench and Full

Bench to take note of crucial document namely, resolution

dated 30th November, 1972 which determines that work

charge employee is entitled to have the benefit of annual

increment from time to time and further he is entitled to a

particular pay-scale, namely, 155-1-160-2-190. This

resolution dated 30th November, 1972 would change the Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

status of the work charge employee to that of regular

holder of the post in the Government. If the appellant's

father who was holding the work charge employee and

died while he was in service, in that event, he died with

status of permanent employee. If the permanent

employee died while he was in service, in that event, his

legal heirs are entitled to compassionate appointment.

Therefore, there was no infirmity in the order of

appointment issued to the appellant on 30 th October,

1993 and there is a series lacunae in the decision dated

09.07.2001 by which, appellant has been displaced

without examining resolution dated 30 th November, 1972

and the fact that appellant's father was holding

permanent and regular post as a Government servant. It

is to be noted that regular holder of the post is entitle to

pay scale and increment from time to time. On the other

hand, Adhoc employee is entitle to consolidate pay. Thus,

there is difference between regular holder of the post and

Adhoc employee. In the light of these facts and Patna High Court L.P.A No.342 of 2019 dt.17-04-2025

circumstances, the appellant has made out a case so as to

interfere with the official respondents' decision dated

09.07.2001 which is the subject matter of CWJC 2200 of

2002 decided on 12.10.2018, they are set-aside.

9. The appellant is entitled to reinstatement with

all service and consequential benefits. The same shall be

extended within a period of three months from the date of

receipt of this order. The appellant shall be reinstated into

service within a period of 15 days from the date of receipt

of this order or production of this order on behalf of the

appellant before the Executive Engineer.

10. With the above observation, the present LPA

No. 342 of 2019 stands allowed.





                                                                   (P. B. Bajanthri, J)


                                                                 ( S. B. Pd. Singh, J)
Niraj/Sudhanshu
AFR/NAFR                AFR
CAV DATE                NA
Uploading Date          24.04.2025
Transmission Date       NA
 

 
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