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Kali Charan vs State Of U.P.
2023 Latest Caselaw 17047 ALL

Citation : 2023 Latest Caselaw 17047 ALL
Judgement Date : 12 July, 2023

Allahabad High Court
Kali Charan vs State Of U.P. on 12 July, 2023
Bench: Surya Prakash Kesarwani, Nand Prabha Shukla




HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
 
 


Neutral Citation No. - 2023:AHC:138002-DB
 

 
Court No. - 42
 

 
Case :- CRIMINAL APPEAL No. - 1505 of 1981
 

 
Appellant :- Kali Charan
 
Respondent :- State of U.P.
 
Counsel for Appellant :- H.S. Joshi,Gagan Pratap Singh,M.C.Joshi,Pramod Kumar Singh
 
Counsel for Respondent :- D.G.A.,M.C.Joshi
 

 

 
Hon'ble Surya Prakash Kesarwani,J.

Hon'ble Ms. Nand Prabha Shukla,J.

1. None appears for the appellant even in the revised call. Sri K.P. Pathak, learned A.G.A. is present.

2. This appeal is pending in this court from last 42 years, which has been filed challenging the judgment and order dated 02.07.1981 in Session Trial No.122 of 1980 (State vs. Kali Charan and two others) under Section 302/34 I.P.C. passed by I Additional Session Judge, Mathura whereby the accused appellant was convicted under Section 302 I.P.C. and was sentenced for life imprisonment. From last several years, orders were passed by this court and letters were written by the office to the concerned trial court to remit the records of the aforesaid Session Trial No.122 of 1980 relating to Case Crime No.266 of 1979 under Section 302 I.P.C., Police Station, Sadabad, District Hathras. As per office report dated 08.09.2022 sent by the District Judge, Mathura, no record relating to the aforesaid Session Trial has been found in place. In the order dated 12.09.2022 passed by this court, it has been noted that the office report dated 08.09.2022 reflects that inquiry has already been initiated regarding missing of the original records. The District Judge was directed to expedite the hearing and make all endeavor to obtain the original records. By order dated 21.11.2022, this Court directed the Registry to call for a fresh report from the concerned District Judge. As per office report dated 17.01.2023, the District Judge, Mathura has submitted a report dated 16.12.2022 that the trial court record is lost. Under the circumstances, this Court on 19.04.2023 passed the following order:-

"There is a report of the Special Judge, E.C. Act/Additional Sessions Judge, Mathura that the record of the case is lost.

Under such circumstances, the Trial Court to proceed in pursuance of the directions of the Supreme Court in State of U.P. vs. Abhay Raj Singh reported in (2004) 4 SCC 6."

3. Again on 01.06.2023, this Court passed the following order:-

"1. Let a fresh report be called for from the Judgeship, Mathura in connection with the preparation of lost record of trial.

2. List this matter on 12.07.2023.

3. Registrar (Compliance) to ensure the compliance of this order."

4. In compliance to the order dated 01.06.2023, the District Judge, Mathura has submitted a report stating as under:

"प्रेषक,

जनपद न्यायाधीश,

मथुरा।

प्रापक,

उप निबन्धक,

फौजदारी अपील अनुभाग,

माननीय उच्च न्यायालय,

इलाहाबाद।

पत्रांकः 1372/पन्द्रह दिनांकः 7 जुलाई, 2023

विषयः फौजदारी अपील संख्या- 1505/1981 कालीचरन बनाम् राज्य में तलब की गयी सम्बन्धित सत्रवाद संख्या-12/1980 (सही नम्बर-122/1980) निर्णीत दिनांक 02.07.1981 की पत्रावली को प्रेषित किये जाने के सम्बन्ध में।

महोदय,

माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद से विषयगत पत्रावली के मूल अभिलेख तलब किये जाने सम्बन्धी मांग पत्र संख्या- 27801 दिनांकित 06.08.2021 के अन्तर्गत पूर्व में माननीय न्यायालय से प्राप्त पत्र संख्या 19229, दिनांकित 24.04.2023 के साथ संलग्न आदेश दिनांकित 19.04.2023 में प्रदत्त दिशानिर्देश अन्तर्गत विषयगत सत्रवाद संख्या -122/1980 राज्य बनाम कालीचरन, धारा- 302 भा०दं०सं०, थाना- सादाबाद के पुनर्गठन की कार्यवाही के आदेश दिनांकित 11.05.2023 अधोहस्ताक्षरी द्वारा पारित कर माननीय न्यायालय को इस कार्यालय के पत्र संख्या- 971/पन्द्रह, दिनांकित 12.05.2023 (संलग्न) द्वारा सूचित किया गया था।

माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के पत्रांक-आर०सी०/2990 (किमि०), दिनांकित 08.06.2023, जिसके द्वारा उक्त प्रकरण में अद्यतन आख्या आहूत किये जाने के आदेश पारित किये गये है, के अनुपालन में ससम्मान अवगत कराना है कि प्रकरण में पुनर्गठन हेतु नामित श्री राम किशोर- तृतीय, अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पोक्सो एक्ट, मथुरा द्वारा पुनर्गठन के सम्बन्ध में अद्यतन आख्या दिनांकित 06.07.2023 प्रस्तुत की गयी है, जिसके अनुसार- "उनके द्वारा पत्रावली के पुनर्गठन में प्रपत्र उपलब्ध कराये जाने हेतु भरसक प्रयास किया गया परन्तु तमाम प्रयासों के बावजूद भी कोई प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सका है। पुनर्गठन असम्भव है।" आख्या की छायाप्रति माननीय उच्च न्यायालय के अवलोकनार्थ इस पत्र के साथ संलग्न की जा रही है।

अतः अनुरोध है कि उक्त प्रकरण में पुनर्गठन अधिकारी श्री राम किशोर-तृतीय, अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पोक्सो एक्ट, मथुरा द्वारा प्रस्तुत अद्यतन आख्या दिनांकित 06.07.2023 से माननीय न्यायालय को अवगत कराये जाने का कष्ट करें।

संलग्नकः  उपरोक्तानुसार।				भवदीय,
 
						ह०अपठनीय
 
						07/07/2023
 
						(आशीष गर्ग)
 
						जनपद न्यायाधीश
 
						मथुरा"
 

 

5. Along with the aforequoted report, the District Judge, Mathura has also annexed the report of the Additional Session Judge/ Special Judge, POCSO Act, Mathura dated 06.07.2023, which is reproduced below:

"प्रेषक

राम किशोर-III

अपर सत्र न्यायाधीश/

विशेष न्यायाधीश, पोक्सो एक्ट,

मथुरा।

सेवा में,

माननीय सत्र न्यायाधीश,

मथुरा।

विषय- पुनर्गठन पत्रावली सं०-निल/2023, राज्य बनाम कालीचरन, सत्रवाद सं०-122/1980, धारा-302 भारतीय दण्ड संहिता, थाना- सादाबाद, जनपद- हाथरस, के संबंध में आख्या-

महोदय,

ससम्मान विनम्र निवेदन करना है कि माननीय महोदय के आदेश दिनांकित 11.05.2023 के द्वारा मुझे उपरोक्त विषयांकित पत्रावली के पुनर्गठन हेतु नामित किया गया है, जिसके संबंध में प्रस्तरवार आख्या निम्न प्रकार से है-

1. सर्वप्रथम मेरे द्वारा एन०जे०ई० सं०-03/2022 विरूद्ध शिव कुमार सिंह, अभिलेखपाल, की पत्रावली तलब की गयी।

2. तत्पश्चात मेरे द्वारा थानाध्यक्ष, थाना-सादाबाद, जनपद हाथरस को दिनांक 12.06.2023 को नोटिस प्रेषित किया गया जिस पर थाना राया, जिला-मथुरा के विशेष वाहक एच/सी भंवर सिंह द्वारा न्यायालय में यह आख्या प्रस्तुत की गयी कि "आदेश में अंकित सत्रवाद सं०-122/1980 बनाम कालीचरन, धारा-302 भारतीय दण्ड संहिता, थाना-सादाबाद, जिला-हाथरस से सम्बन्धित अभिलेखों की तलाश हेतु मैं, थाना राया से रवाना होकर थाना सादाबाद, जिला-हाथरस, पहुंचा तो वहां हैड मोहर्रिर अनिल कुमार शर्मा व सी/सीस विपिन कुमार की मद से सम्बन्धित अभिलेखों को तलाश किया गया परन्तु कोई भी अभिलेख मौजूद नहीं मिला।

3. थानाध्यक्ष, थाना सादाबाद, जिला- हाथरस को प्रेषित उपरोक्त नोटिस दिनांकित 12.06.2023 पर क्षेत्राधिकारी जनपद हाथरस की इस आशय की आख्या प्राप्त हुयी कि उपरोक्त प्रकरण से संबंधित क्षेत्राधिकारी कार्यालय सादाबाद पर वर्तमान में कोई रिकार्ड मौजूद नहीं है।

4. अभियुक्त कालीचरन को दिनांक- 13.06.2023 को नोटिस प्रेषित किया गया और वह न्यायालय में उपस्थित आया तथा उसके द्वारा पुुनर्गठन पत्रावली के आदेशपत्र पर यह अंकित किया गया कि "श्रीमान जी मेरे पास उक्त केस से सम्बन्धित कोई कागज उपलब्ध नहीं है तथा अभियुक्त कालीचरन द्वारा लिखित रूप से भी यह आख्या दी गयी कि उसके पास अ०सं०-266/1979 धारा- 302 भारतीय दण्ड संहिता, थाना- सादाबाद, जनपद- हाथरस के मुकदमें से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं है।

5. उक्त के पश्चात मेरे द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा व पुलिस अधीक्षक, हाथरस को पुलिस प्रपत्र उपलब्ध कराये जाने हेतु दिनांक- 15.06.2023 व 21.06.2023 को पत्र प्रेषित किये गये।

6. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा द्वारा अपने पत्र सं०-एच.सी. मीमो(रिकार्ड लिपिक)/2023 दिनांक- 23.06.2023 के द्वारा अवगत कराया गया कि उनके रिकार्ड रूम में अ०सं०- 266/1979, सत्रवाद सं०-122/1980 से संबंधित कोई प्रपत्र उपलब्ध नहीं है।

7. पुलिस अधीक्षक जनपद- हाथरस की आख्या के अनुसार मु०अ०सं०-266/1979 के समय जनपद हाथरस का सृजन नहीं हुआ था जिसके कारण वर्ष 1979 का रिकार्ड कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।

8. थानाध्यक्ष, थाना-सादाबाद, जिला- हाथरस श्री लोकेश भाटी द्वारा दिनांक-26.06.2023 को यह आख्या प्रस्तुत की गयी कि "मुझ प्रभारी द्वारा सम्बन्धित प्रपत्रों की थाना स्तर पर व क्षेत्राधिकारी सादाबाद, जनपद हाथरस, पुलिस अधीक्षक हाथरस व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा कार्यालयों में तथा मुकदमा के वादी व प्रतिवादीगण से सम्पर्क कर प्रपत्र तलाश करने हेतु काफी प्रयास किया गया किन्तु किसी स्तर पर उक्त मुकदमें से संबंधित प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके है।"

9. मेरे द्वारा दिनांक- 16.06.2023 को वादी हरि प्रसाद पुत्र टीकाराम को नोटिस प्रेषित किया गया जिस पर वादी मुकदमा के पुत्र सत्य प्रकाश द्वारा लिखित रूप में यह आख्या दी गयी कि उसके पिता वादी मुकदमा हरिप्रसाद की मृत्यु दिनांक- 15.10.2004 को हो चुकी है और उसके पास अ०सं०- 266/1979 से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं है।

10. अभियुक्त कालीचरन ने न्यायालय में उपस्थित होकर भी न्यायालय को अवगत कराया था कि इस केस से संबंधित कोई भी प्रपत्र अब उसके पास उपलब्ध नहीं है, माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में इस केस में उसके अधिवक्ता श्री गगन प्रताप सिंह है, जिनका मोबाइल नम्बर- 8874086422 है।

दिनांक- 03.07.2023 व 04.07.2023 को अभियुक्त के अधिवक्ता श्री गगन प्रताप सिंह से उनके मोबाइल नम्बर 8874086422 पर सम्पर्क किया गया तो उनके द्वारा न्यायालय को अवगत कराया गया कि इस केस से संबंधित सत्र न्यायालय का कोई अभिलेख उनके पास उपलब्ध नहीं है। उनके पास मात्र माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में दाखिल अपील की प्रति उपलब्ध है।

श्रीमान जी मेरे द्वारा पत्रावली के पुनर्गठन में प्रपत्र उपलब्ध कराये जाने हेतु भरसक प्रयास किया गया परन्तु तमाम प्रयासों के बावजूद भी कोई प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सका है। पुनर्गठन असम्भव है।

आख्या श्रीमान जी की सेवा में सादर प्रेषित है ।

दिनांक- 06.07.2023				भवदीय
 
						ह०अपठनीय
 
						06.07.2023
 
						(राम किशोर-III)
 
						अपर सत्र न्यायाधीश/
 
					   	विशेष न्यायाधीश, पोक्सो एक्ट,
 
						मथुरा।"
 

6. As per aforequoted reports, no record relating to Session Trial No.122 of 1980 is available with the concerned Police Station, Circle Office, the accused, the Senior Superintendent of Police, Mathura and Superintendent of Police, the complainant and the counsel in appeal.

7. Thus, neither reconstruction of record nor retrial in Session Trial No.122 of 1980, is possible as per reports.

8. Learned A.G.A. submits that as per reports available on record, since neither reconstruction of record nor retrial is possible, therefore, this appeal may be disposed of in terms of the law laid down by Hon'ble Supreme Court in the case of State of Uttar Pradesh vs. Abhai Raj Singh, (2004) 4 SCC 6.

9. For all the reasons aforestated, the impugned judgment and order dated 02.07.1981 in Session Trial No.122 of 1980 (State vs. Kali Charan and two others) under Section 302/34 I.P.C. passed by I Additional Session Judge, Mathura arising out of Case Crime No.266 of 1979 under Section 302 I.P.C., Police Station, Sadabad, District Hathras, is hereby set aside. The appeal is allowed. If the appellant is on bail, his bail bond and sureties are discharged and the appellant needs not to surrender.

Order Date :- 12.07.2023

NLY

 

 

 
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