नई दिल्ली. राफेल डील पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद के बयान के बारे में पहले से पता था। उन्होंने कहा- राहुल ने 30 अगस्त को इस संबंध में एक ट्वीट भी किया था।

राहुल के ट्वीट, ओलांद के बयान में कनेक्शन

  1. न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में जेटली ने कहा, "राहुल 30 अगस्त को ट्वीट करते हैं कि फ्रांस के अंदर कुछ बम चलने वाले हैं। ये उनको कैसे मालूम की बयान ऐसा आने वाला है?"
  2. उन्होंने कहा, "ये जो जुगलबंदी है इस तरह की, मेरे पास कुछ सबूत नहीं हैं, लेकिन मन में प्रश्न खड़ा होता है। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद के बयान और राहुल गांधी के ट्वीट योजनाबद्ध तरीके से सामने आए हैं।"
  3. वित्त मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि आरोपों के बावजूद राफेल सौदा रद्द नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी पर उन्होंने कहा कि जिन्हें बोलना है वे बोल रहे हैं।
  4. जेटली ने राहुल को गैरजिम्मेदार बताते हुए कहा, "ये सर्वजनिक भाषण है लाफ्टर चैलेंज नहीं है। आप कभी किसी को हग कर लो, आंख मारो, फिर गलत बयान 10 बार देते रहो। लोकतंत्र में प्रहार होते हैं, लेकिन शब्दावली ऐसी हो जिसमें बुद्धी दिखाई दे।"
  5. भाजपा का हैशटैग- राहुल का पूरा खानदान चोर

    इससे पहले शनिवार को राफेल विवाद पर दिनभर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। राहुल गांधी ने कहा- जनता के मन में यह बात बैठ गई है कि देश का चौकीदार चोर है। इसके बाद भाजपा की ओर से एक हैशटैग चलाया गया कि राहुल गांधी का पूरा खानदान चोर है।

  6. राहुल के बयान के तुरंत बाद भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रविशंकर प्रसाद ने कहा- राहुल ने प्रधानमंत्री के खिलाफ ओछी भाषा का प्रयोग किया। राहुल झूठे और गैरजिम्मेदाराना बयान देकर देश की सुरक्षा से खेलना बंद करें।
  7. क्यों है एचएएल-रिलायंस विवाद?

    इस समझौते में राफेल विमानों के रख-रखाव का जिम्मा भारत की कंपनियों को सौंपा जाना है। इसी के तहत दैसो एविएशन ने अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस के साथ समझौता किया। सरकार ने एचएएल के समझौते से बाहर होने की वजह यूपीए सरकार की नीतियों को बताया। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि दैसो ने खुद तकनीक के ट्रांसफर की आशंका के चलते एचएएल के साथ समझौते से इनकार कर दिया था।

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